आज हम आप के साथ इस ब्लॉग के माध्यम से रमज़ान 2020 के बारे में महत्वपूर्ण जानकरी Hindi में सांझा करेंगे, जैसे: रमजान का पाक महीना कब से शुरू होगा?, रमज़ान में कुरान का अवतरण, रमजान में मुस्लिम समुदाय के लोग क्या करते है?, facts about ramzan in hindi आदि. आइए जानते है Ramadan in hindi के बारे में विस्तार से.

रमजान का पाक महीना 24 या 25 अप्रैल से शुरू

Ramadan in hindi विशेष सूचना: एक बड़े शिया मुस्लिम धर्म गुरु अयातुल्ला सिस्तानी ने रमजान शुरू होने से पहले एक फतवा जारी किया है कि अगर रोजा रखने से एक भी बूंद पानी नहीं पीने की सूरत में किसी को इम्यूनिटी कम होने से कोरोनावायरस का खतरा है तो उसका रोजा माफ है । कई सुन्नी धर्मगुरुओं ने मुस्लिमों को सलाह दी है कि घर में ही तरावीह पढ़ने और इफ्तार पार्टी करने की बजाए उस पैसे को जरूरतमंद लोगों को दें ।

रमज़ान में कुरान का अवतरण

मुसलमानों में मान्यता है कि रमजान के महीने की 27वीं रात शब-ए-क़द्र को क़ुरान का नुज़ूल (अवतरण) हुआ। इसलिए, इस महीने में क़ुरान का पढना पुण्य कार्य माना जाता है। रमजान में हर दिन की नमाज के अलावा रात के समय एक विशेष नमाज पढ़ी जाती है, जिसे तरावीह कहते हैं । तरावीह की नमाज़ में महीना भर कुरान का पठन किया जाता है। लोग अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा करते हैं।

रमजान में रोजा

  • रमजान का महीना कभी 29 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। इस महीने में उपवास रखते हैं।
  • सात साल की उम्र से बड़े हर सेहतमंद मुसलमान के लिए उपवास रखना जरूरी है।
  • रमजान के उपवास को अरबी भाषा में “सौम” कहते हैं, इसलिए इस मास को अरबी में माह-ए-सियाम भी कहते हैं।
  • फ़ारसी भाषा में उपवास को रोज़ा कहते हैं। उपवास के दिन सूर्योदय से पहले कुछ खा लेते हैं जिसे सहरी कहते हैं।
  • दिन भर न कुछ खाते हैं न पीते हैं। शाम को सूर्यास्त के बाद रोज़ा खोल कर खाते हैं जिसे इफ़्तारी कहते हैं।

रमजान में मुस्लिम समुदाय के लोग क्या करते है?

रमजान को नेकियों या पुण्य कार्यों का मौसम-ए-बहार (बसंत) कहा गया है। रमजान को नेकियों का मौसम भी कहा जाता है। इस महीने में मुसलमान अल्लाह की इबादत (उपासना) ज्यादा करता है। अपने परमेश्वर को संतुष्ट करने के लिए उपासना के साथ, कुरान परायण, दान धर्म करता है।

  • यह महीना समाज के गरीब और जरूरतमंद बंदों के साथ हमदर्दी का है।
  • इस महीने में रोजादार को इफ्तार कराने वाले के गुनाह माफ हो जाते हैं।
  • पैगम्बर मोहम्मद सल्ल से आपके किसी सहाबी (साथी) ने पूछा- अगर हममें से किसी के पास इतनी गुंजाइश न हो तो क्या करें।
  • हज़रत मुहम्मद ने जवाब दिया कि एक खजूर या पानी से ही इफ्तार करा दिया जाए।

Ramadan in hindi: यह महीना मुस्तहिक लोगों की मदद करने का महीना है। रमजान के तअल्लुक से हमें बेशुमार हदीसें मिलती हैं और हम पढ़ते और सुनते रहते हैं लेकिन क्या हम इस पर अमल भी करते हैं। ईमानदारी के साथ हम अपना जायजा लें कि क्या वाकई हम लोग मोहताजों और नादार लोगों की वैसी ही मदद करते हैं जैसी करनी चाहिए? सिर्फ सदकए फित्र देकर हम यह समझते हैं कि हमने अपना हक अदा कर दिया है।

Read in English: Ramzan festival 2020: Know about Baakhabar Saint on Ramadan 

Ramadan in hindi: जब अल्लाह की राह में देने की बात आती है तो हमें कंजूसी नहीं करना चाहिए। अल्लाह की राह में खर्च करना अफज़ल है। ग़रीब चाहे वह अन्य धर्म के क्यों न हो, उनकी मदद करने की शिक्षा दी गयी है। दूसरों के काम आना भी एक इबादत समझी जाती है। ज़कात, सदक़ा, फित्रा, खैर खैरात, ग़रीबों की मदद, दोस्त अहबाब में जो ज़रुरतमंद हैं उनकी मदद करना ज़रूरी समझा और माना जाता है। अपनी ज़रूरीयात को कम करना और दूसरों की ज़रूरीयात को पूरा करना अपने गुनाहों को कम और नेकियों को ज़्यादा कर देता है।

रोजे ईमान और एहतेसाब से गुनाह माफ

मोहम्मद सल्ल ने फरमाया है जो शख्स नमाज के रोजे ईमान और एहतेसाब (अपने जायजे के साथ) रखे उसके सब पिछले गुनाह माफ कर दिए जाएँगे। रोजा हमें जब्ते नफ्स (खुद पर काबू रखने) की तरबियत देता है। हम में परहेजगारी पैदा करता है। लेकिन अब जैसे ही माहे रमजान आने वाला होता है, लोगों के जहन में तरह-तरह के चटपटे और मजेदार खाने का तसव्वुर आ जाता है।

Facts about Ramzan in hindi-कुछ खास तथ्य जो जानने के लिए जरूरी है

  • प्रश्न 1: क्या सिर्फ क़ुरान पढ़ने से हमारे जन्मों-जन्मों का पाप कर्म कट सकता है?

उत्तर: नहीं, नहीं कट सकता। क़ुरान में जो लिखा गया है अल्लाह ने जो आदेश दिए हैं वह करने से अल्लाह खुश होते हैं । ना कि मनमानी करने से…! कुरान ज्ञान दाता हजरत मुहम्मद जी को कहता है कि उस अल्लाह की जानकारी किसी बाख़बर इल्मवाले संत से पूछो । वह बाख़बर इल्मवाले संत रामपाल जी महाराज हैं जो अल्लाह की सम्पूर्ण जानकारी रखते हैं।

  • प्रश्न 2: क्या (रोज़ा) उपवास करने से अल्लाह खुश होते हैं?

उत्तर: अगर उपवास करने से अल्लाह खुश होते तो अकाल पड़ने पर किसी की अकाल मृत्यु नहीं होती।
ऐसा क्या उपवास करना जो दिन में उपवास और रात्रि में जीव हलाल करना फिर उसे खाना ये बिल्कुल ग़लत है ऐसे अल्लाह कभी खुश नहीं हो सकता। क्योंकि चींटी से लेकर हाथी तक सभी जीव आत्माएं अल्लाह के बच्चें है तो जीव हलाल करने से अल्लाह कैसे खुश हो सकता हैं…!

  • प्रश्न 3: क्या क़ुरान में मांस खाने का आदेश अल्लाह का है?

उत्तर: क़ुरान में कहीं पर भी मांस खाने का आदेश अल्लाह का नहीं है। हज़रत मुहम्मद जी ने कभी भी मांस नहीं खाया और ना ही खाने को कहा है। अगर कहीं लिखा भी है तो वह अल्लाह का आदेश नहीं है। किसी फ़रिश्ते का है, जो कि ग़लत है ।

अल्लाहु अकबर (अल्लाहु कबीर) सर्व पाप नाश कर सकता है

सुरत फुर्कानि 25 आयत 52 से 59 में लिखा है कि कबीर परमात्मा ने छः दिन में सृष्टि की रचना की तथा सातवें दिन तख्त पर जा विराजा। मुसलमान धर्म के पवित्र शास्त्र प्रमाणित करते हैं कि सर्व सृष्टि रचनहार सर्व पाप विनाशक, सर्व शक्तिमान, अविनाशी परमात्मा मानव सदृश शरीर आकार में है तथा सत्यलोक में रहता है। उसका नाम अल्लाह कबीर है।

Ramadan in hindi: हजरत मुहम्मद को कुरआन शरीफ बोलने वाला प्रभु (अल्लाह) कह रहा है कि वह कबीर प्रभु वही है जिसने जमीन तथा आसमान के बीच में जो भी विद्यमान है सर्व सृष्टि की रचना छः दिन में की तथा सातवें दिन ऊपर सत्यलोक में अपने सिंहासन पर विराजमान हो (बैठ) गया।

  • प्रमाण: (सुरत-फुर्कानि नं. 25 आयत नं. 59)

हजरत मुहम्मद जी का खुदा कह रहा है कि हे पैगम्बर! काफिरों का कहा मत मानना, क्योंकि वे लोग कबीर को पूर्ण परमात्मा नहीं मानते। आप मेरे द्वारा दिए इस कुरआन के ज्ञान के आधार पर अटल रहना कि कबीर ही पूर्ण प्रभु है तथा कबीर अल्लाह के लिए अडिग रहना।

  • प्रमाण: (सुरत-फुर्कानि नं. 25 आयत नं. 52

कुरान ज्ञान दाता अल्लाह (प्रभु) किसी और पूर्ण प्रभु की तरफ संकेत कर रहा है कि ऐ पैगम्बर उस कबीर परमात्मा पर विश्वास रख जो तुझे जिंदा महात्मा के रूप में आकर मिला था।

  • प्रमाण: (सुरत-फुर्कानि नं. 25 आयत नं. 58)

कुरान ज्ञान दाता कह रहा है कि अल्लाह कभी मरने वाला नहीं है तारीफ के साथ उसकी पवित्र महिमा का गुणगान किए जा, वह कबीर अल्लाह (कविर्देव) पूजा के योग्य है तथा अपने उपासकों के सर्व पापों को विनाश करने वाला है।

  • प्रमाण: (सुरत-फुर्कानि नं. 25 आयत नं. 58)

फजाईले जिक्र में आयत नं. 1ए , 2ए , 3ए , 6 तथा 7 में स्पष्ट प्रमाण है कि ब्रह्म (काल अर्थात् क्षर पुरूष) कह रहा है कि तुम कबीर अल्लाह की बड़ाई बयान करो। कबीर अल्लाह आलीशान है, बड़े रुत्बे वाला है।

बाखबर संत रामपाल जी महाराज

बाखबर संत रामपाल जी महाराज का आश्रम बरवाला हिसार हरियाणा में हैं। संत रामपाल जी महाराज ही बाखबर संत क्यों हैं और कोई संत क्यों नहीं ? अवश्य देखें सत्संग साधना चैनल शाम 7:30 से 8:30 तक

जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा।
हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।।

बाखबर संत रामपाल जी महाराज जी का संदेश

सभी मुस्लिम भाईयों से निवेदन है कि सबका मालिक एक है वह अल्लाह कबीर हैं। पूरी पृथ्वी पर सच्चे बाखबर संत रामपाल जी महाराज ही हैं। इसलिए उनका सत्संग सुनें और उनसे नाम दीक्षा लें.