Poonch Terrorist Attack : जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हुए आतंकी हमले में 5 जवान घायल, एक जवान शहीद!

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Poonch Terrorist Attack: 4 मई, 2024, शनिवार की शाम करीब साढ़े 6 बजे जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के शाहसितार इलाके में 4 आतंकियों ने सनाई टॉप जा रहे भारतीय वायु सेना के जवानों के वाहन पर अंधाधुंध गोलीबारी की। Poonch Terrorist Attack हमले में 5 जवान घायल हो गए। जिन्हें एयर लिफ्ट कर उधमपुर के कमांड अस्पताल में ले जाया गया। जहां एक जवान शहीद हो गया। वहीं, एक की हालत नाजुक और 3 जवानों को स्थिर बताया गया है। 

Poonch Terrorist Attack में शहीद हुए जवान की पहचान विक्की पहाड़े के रूप में हुई है जो कि वायु सेना में कॉर्पोरल के पद पर तैनात थे। पिछले महीने ही वे अपनी बहन की गोद भराई रस्म में शामिल होने के लिए गए थे और 18 तारीख को ड्यूटी पर वापस लौटे थे। वे अपने बेटे के जन्मदिन पर भी घर लौटने वाले थे। किंतु देश की सेवा में उन्होंने अपना बलिदान दे दिया। 

खुफिया सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले से सनाई टॉप जा रहे भारतीय वायु सेना के जवानों के वाहन पर 4 अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। लगभग 14-15 गोलियों के निशान जवानों के वाहन पर देखने को मिले। ड्राइवर की तरफ वाली खिड़की के कांच भी टूटे हुए थे। आतंकवादियों ने अमेरिकी निर्मित M4 कार्बाइन राइफल और AK-47 का इस्तेमाल किया था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वाहन बुलेटप्रूफ थे, लेकिन स्टील की गोलियों ने उन्हें भेद दिया, जबकि अन्य रिपोर्टों में कहा गया है कि वाहन बुलेटप्रूफ ही नहीं थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि जवानों के वाहन बुलेटप्रूफ थे या नहीं। 

4 मई, 2024 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हुई यह घटना 14 फरवरी, 2019 में हुए पुलवामा अटैक की याद दिलाता है क्योंकि दोनों ही घटनाएँ मिलती जुलती सी है। दोनों ही घटनाएँ लोकसभा चुनाव के पहले हुई। दोनों ही घटनाएँ हमारे देश के जवानों की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है। हालांकि, इस बार हुआ Poonch Terrorist Attack पुलवामा अटैक से काफी छोटा है किन्तु इसमें भी देश ने एक वीर जवान को खो दिया है। सेना प्रमुखों द्वारा अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस हमले का मकसद श्रीनगर, अनंतनाग, बारामूला में होने वाले आगामी लोकसभा चुनाव में व्यवधान पैदा करना और वोटरों को डराना है, ताकि वे वोट देने ना निकल पाए। 

ख़ुफ़िया सूत्रों के अनुसार, इस हमले के पीछे पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) नामक एक आतंकवादी संगठन हो सकता है क्योंकि 11 अप्रैल, 2024 को भी पुंछ में ही एक और भिड़ंत आतंकवादियों और जवानों के बीच हुई थी, जिसमें पांच भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने ली थी। इस आतंकी संगठन का नाम पहले भी कई वारदातों में सामने आ चुका है और यह खुद को अंसार गजवत-उल-हिंद के मारे गए कमांडर जाकिर मूसा से प्रेरित बताता है, जो वैश्विक आतंकी समूह अल कायदा के लिए वफादार माना जाता है।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि ये कोई बाहरी हमला नहीं बल्कि चुनाव जीतने की स्टंटबाजी है। ऐसे ही एक्स प्लेटफार्म पर कुछ लोगों के व प्रवक्ताओं के वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिसमें उन्होंने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। इस हमले को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही है किन्तु सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। जवानों पर हुए हमले के बाद सेना सक्रिय हो गई है और जमीन से लेकर आसमान तक छानबीन की प्रक्रिया जारी है। इस हमले के बाद, सुरक्षा बलों ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है, जिसमें हेलीकॉप्टर और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

देश ही क्या पूरे विश्व में इस प्रकार की अशांति छाई हुई है। सत्ता की होड़ के तले ना जाने कितने ही जवान शहीद हो जाते हैं। वर्तमान समय की परिस्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि गृह युद्ध के साथ-साथ तीसरे विश्व युद्ध की नींव भी रखी जा रही है।

प्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों में उल्लेख है कि 20 वीं सदी के उत्तरार्द्ध में, विश्व में आपसी प्रेम का अभाव, मानवता का ह्रास, माया संग्रह की दौड़, लूट व राजनेताओं का अन्यायी हो जाना आदि-2 बहुत से उत्पात देखने को मिलेगें। 21 वीं सदी के प्रथम दशक में भयंकर युद्ध के कारण कई देशों का अस्तित्व ही मिट जाएगा। परन्तु भारत का एक महापुरूष सम्पूर्ण विश्व को मानवता के एक सूत्र में बांध देगा व हिंसा, फूट-दुराचार, कपट आदि को संसार से सदा के लिए मिटा देगा। उन्हीं भविष्यवक्ताओं ने उस महापुरुष की पहचान भी बताई है, जिन पर जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज खरे उतरते हैं। आज संत रामपाल जी महाराज के समाज सुधार के कार्य को देखकर यह आसानी से माना जा सकता है कि उनके ज्ञान और उनकी आध्यात्मिक शक्ति से एक दिन निश्चित ही पूरे विश्व में शांति छाएगी।

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