​जब पातन (हिसार) में उजड़ गए 250 घर, तब संत रामपाल जी महाराज बने तारणहार

Published on

spot_img

हरियाणा के हिसार जिले का पातन गाँव एक ऐसी त्रासदी का गवाह बना जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। यह कहानी केवल बाढ़ के पानी की नहीं, बल्कि उस बेबसी की है जहाँ इंसान अपना सब कुछ छोड़कर भागने पर मजबूर हो जाता है। गाँव के पास से गुज़रने वाली ड्रेन टूटने के कारण पातन की 2500 एकड़ जमीन पानी में डूब गई। यह पानी केवल खेतों में नहीं भरा, बल्कि इसने 250 से ज्यादा ढानियों (घरों) को अपनी चपेट में ले लिया।

​दिल दहला देने वाली दास्तान

​गाँव की स्थिति का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोगों को रातों-रात अपने घर खाली करने पड़े। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनकी बहू को अपने 9 दिन के नवजात बच्चे को लेकर घर छोड़ना पड़ा। वह मंज़र कितना भयानक रहा होगा जब एक प्रसूता मां बाढ़ के पानी के बीच अपने बच्चे को सीने से लगाकर सुरक्षित स्थान तलाश रही थी। 

राजकुमार नाम के एक ग्रामीण ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया,

“हम चार भाई हैं, हमारे चारों घर डूब गए। दो महीने हो गए, हम अपने घर नहीं जा सके। दीवारें दरक चुकी हैं, 4-4 फीट पानी खड़ा है। हम सब कुछ छोड़कर रिश्तेदारों के पास रहने को मजबूर हैं।”

​प्रशासन की बेरुखी और संत का सहारा

​सरपंच पृथ्वी सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से बहुत गुहार लगाई। सरकार ने सर्वे किया, लेकिन मदद के नाम पर जो मिला वो ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ साबित हुआ। पानी निकलने का नाम नहीं ले रहा था और बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा था। गाँव वाले हताश हो चुके थे। उन्हें लगा कि अब उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

ऐसे निराशाजनक माहौल में, उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के बारे में सुना। एक आखिरी उम्मीद के साथ, पंचायत ने बरवाला स्थित मुनिंदर धर्मार्थ ट्रस्ट में अर्जी लगाई। वहां उन्होंने 5 मोटरें और 2000 फीट पाइप की मांग की।

​ऐतिहासिक मदद: एक भी नट बाहर से नहीं लाना पड़ा

​संत रामपाल जी महाराज ने पातन की पुकार को तुरंत स्वीकार किया। राहत सामग्री का काफिला जब गाँव पहुंचा, तो गांव के लोगों की आँखों में आँसू आ गए। यह मदद अद्भुत थी:

  • ​5 विशाल मोटरें: 15-15 हॉर्स पावर की क्रॉम्पटन और किर्लोस्कर कंपनी की ब्रांड न्यू मोटरें।
  • ​2000 फीट पाइप: 8 इंच चौड़े पाइप, ताकि पानी को तेजी से नहर में डाला जा सके।
  • ​पूरा साजो-सामान: सेवादारों ने बताया कि सरपंच जी को 10 रुपये का नट भी बाजार से नहीं लाना पड़ेगा। स्टार्टर, केबल, फुट वॉल्व, बैंड, और यहाँ तक कि स्टील के नट-बोल्ट भी साथ भेजे गए।

यह भी पढ़ें: हिसार के ढाड़ गांव में संत रामपाल जी महाराज के कारण किसानों की तकदीर बदली

​गाँव में लौटी उम्मीद की किरण

​राहत सामग्री पाकर सरपंच पृथ्वी सिंह ने गदगद होकर कहा,

“हमने संत जी के चरणों में प्रार्थना लगाई थी और उन्होंने हमारी झोली भर दी। हिसार जिले में सबसे ज़्यादा प्रभावित हमारा गाँव था, और सबसे बड़ी मदद भी हमें यहीं से मिली है।”

सेवादारों ने पंचायत को निवेदन पत्र सौंपते हुए कहा,

“यह सामग्री गुरुजी का प्रसाद है। इसका उपयोग करके गाँव का पानी निकालें और अगली फसल की बिजाई करें। गुरुजी का यही सपना है कि किसान खुशहाल रहे।”

​पुनर्वास की ओर एक कदम

​आज पातन गाँव में ये 5 मोटरें दिन-रात चल रही हैं। पानी को लिफ्ट करके पास की नहर में डाला जा रहा है। जिन 250 परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए थे, अब उन्हें वापस लौटने की उम्मीद मिल गई है। पानी निकलने के बाद वे अपने घरों की मरम्मत कर सकेंगे और फिर से अपना जीवन शुरू कर सकेंगे।

​मानवता के सच्चे रक्षक

​पातन की घटना ने साबित कर दिया कि जब सरकारी तंत्र फेल हो जाता है, तब एक सच्चा संत ही समाज का सहारा बनता है। संत रामपाल जी महाराज ने उस मां के आंसू पोंछे हैं जो अपने 9 दिन के बच्चे को लेकर बेघर हो गई थी। उन्होंने उन किसानों को हौसला दिया है जिनकी ज़मीनें झील बन गई थीं। आज पातन का हर व्यक्ति नतमस्तक होकर कह रहा है,

“धन्य हैं संत रामपाल जी महाराज, जिन्होंने हमें उजड़ने से बचा लिया।”

Latest articles

Dhanteras Puja 2026: Know on Dhanteras the Method of Accumulating True Wealth

This Dhanteras know about the guaranteed and easiest way to attain happiness and prosperity in home and work.
spot_img

More like this