पाक में संसद भंग होने से बिगड़े हालात, 90 दिनों बाद फिर होंगे चुनाव

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Pakistan Assembly Dissolved News Update: प्रधानमंत्री इमरान खान पर पिछले कई महीनों से नेशनल असेंबली (National Assembly) में मंडरा रहा था ख़तरा, विपक्ष पार्टी ने PM इमरान खान के खिलाफ असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) पेश किया था। जिसे डिप्टी स्पीकर कासिम खान सुरी ने ख़ारिज करते हुए कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 5 के खिलाफ है। पढ़िए पूरी ख़बर…

Pakistan Assembly Dissolved News: मुख्य बिंदु

  • नैशनल असेंबली में प्रधानमंत्री इमरान खान के विरोध में पेश किया था अविश्वास प्रस्ताव।
  • इमरान खान ने राष्ट्रपति से की संसद भंग करने की गुज़ारिश।
  • विपक्षी दलों ने लगाएं इमरान खान पर देशद्रोह के आरोप।
  • पाक आर्मी का बयान, मौजूदा उथल-पुथल से कोई संबंध नहीं।
  • देश में गृहयुद्ध की जताई जा रही है आशंका।
  • संसद भंग से विपक्षी पार्टी हुई आगबबूला।
  • 25 अप्रैल तक असेंबली की गई स्थगित।
  • इमरान खान समर्थकों ने राजधानी में संसद के बाहर जमकर की नारेबाज़ी।

इमरान खान (Imran Khan) ने दी आवाम को बधाई

राष्ट्रपति द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को रद्द करने के पश्चात् प्रधान मंत्री इमरान खान ने पूरी आवाम को पैगाम देते हुए बधाईयां दी। विपक्षी दलों की ओर निशाना साधते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव एक विदेशी एजेंडा है। मुल्क के ख़िलाफ़ साज़िश रची जा रही है। डिप्टी स्पीकर ने विपक्ष द्वारा सत्ता पलटने और विदेशी षड्यंत्र को नाकाम कर दिया है।

इमरान खान ने पूरी आवाम को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान के अतिरिक्त अन्य मुल्क होता तो लोग सड़कों पर उतर गए होते। लेकिन अब बात है। अपने मुल्क के हित की तो में विदेशी साजिशों के खिलाफ युआओ को सड़कों पर उतरने का आव्हान करता हूं। 

Pakistan Assembly Dissolved News: विपक्षी दलों द्वारा किया गया जमकर विरोध-प्रदर्शन

संकटग्रस्त इमरान खान का बहुमत प्रमुख मुत्ताहिदा कोमी मूवमेंट – पाकिस्तान (MQMP) विपक्षी दल में सम्मिलित हो गया। जिससे विपक्ष ने असेंबली में इमरान खान (Imran Khan)पर “अविश्वास प्रस्ताव” पेश कर दिया। अविश्वासव प्रस्ताव ख़ारिज होने पर सियासी माहौल गरमाया। विपक्षी पार्टी ने नेशनल असेंबली के अंदर व बाहर इमरान खान के प्रति जमकर हंगामा किया तथा इमरान खान के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। 

■ यह भी पढ़ें: Sri Lanka Emergency Crisis: श्रीलंका में क्यों लगाना पड़ा आपातकाल?

असेंबली के अंदर-बाहर उथल-पुथल का रहा माहौल।  विरोध प्रदर्शन कर रही विपक्षी पार्टी ने असेंबली पर कब्जा कर लिया और विपक्षी नेता अयाज सादिक को स्पीकर की कुर्सी पर बैठा दिया और संसद कार्यवाही करने भी लग गया। इसके पश्चात विभाग द्वारा असेंबली की बिजली काट दी गई। सम्पूर्ण संसद भवन में अंधेरा छा गया।

Pakistan Assembly Dissolved News: इमरान खान पर विपक्ष दलों ने साधा निशाना

  • मरियम औरंगजेब (Marriyum Aurangzeb) ने कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के लगभग 100 सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित प्रस्ताव को नेशनल असेंबली सचिवालय (National Assembly Secretariat) को सौंपा। इस तरह इमरान की कुर्सी पर एक बार पुनः खतरा मंडरा गया है।
  • बिल्लावल भुट्टो जरदारी (Bilaval Bhutto Zardari) ने कहा कि हमारे पास अधिकतम बहुमत थे। हम किसी भी कीमत पर इमरान खान को हरा सकते थे। इसीलिए सरकार ने ऐसा कदम उठाया। लेकिन हम इमरान खान को कतई भी मनमानी नहीं करने देंगे। विपक्ष बहुत जल्द ही इस फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा।

विपक्षी पार्टी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचना दायर की, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मामले को स्वतः संज्ञान में लिया है।

कहां मिलेगा जीव को वास्तविक सुख?

वैसे तो जीव संज्ञा को पूरी पृथ्वी का राज भी मिल जाएं तो भी यह सुखी नहीं हो सकता। यहां कोई भी जीव सुखी नहीं हो सकता चाहे वह राज्य का मुख्यमंत्री बन जाए या देश का प्रधामंत्री बन जाए, तथा सम्पूर्ण देश का राष्ट्रपति भी क्यों ना बना दो। उसे हमेशा अपनी मृत्यु का भय सताए रहता है। स्वपन में भी उसे अपने राजपद की चिंता बनी रहती हैं। यहां तक कि स्वर्ग के राजा देवराज इन्द्र भी सुखी नहीं है, उसे भी अपने राजपद की चिंता बनी रहती हैं। 

यहां कबीर साहेब जी कहते हैं:-

“तन धर सुखिया कोई न देख्या, जो देखा सो दुखिया हो,

उदय अस्त की बात करत है मैंने सब का किया विवेका हो-2″

भाई धाटे बादे सब जग दुखिया, के गृहस्थी बैरागी हो,

सुखदेव ने दुख के डर से, गर्भ में माया त्यागी हो-2

भाई जंगम दुखिया योगी दुखिया, तपस्वी को दुख दुना हो,

आशा तृष्णा सब धट व्यापै, कोई महल ना सूना हो-2

भाई साँच कहूँ तो ये जग ना माने, झूठ कहीं ना जाई हो,

ये ब्रह्मा विष्णु शिवजी दुखिया, जिन ये राह चलाई हो-2

भाई सुरपति दुखिया भूपति दुखिया,

ये रंक दुखी बपरीति हो,

कहै कबीर और सब दुखिया,

“एक संत सुखी मन जीती हो

सन्त सुखी मन जीती हो”

सुख का सागर है सतलोक

सतलोक वह स्थाई स्थान है, जहां कोई राग द्वेष नहीं है। विकार रहित स्थान है। जहां जन्म मरण नहीं है हमेशा युवा शरीर रहता है। वहां जीव आंनदमय जीवन व्यतीत करता है। हमेशा सुखी रहता हैं। इसीलिए इसे “सुख का सागर” कहा है।

प्रमाण:- गुरु ग्रन्थ साहिब के राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1 पृष्ठ नं. 24 पर शब्द नं. 29

शंखों लहर मेहर की ऊपजैं, कहर नहीं जहाँ कोई।
दास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।।

मन तू चल रे सुख के सागर, जहां शब्द सिंधु रत्नागर।।

गीता जी में भी इसका प्रमाण दिया गया है। गीता अध्याय 15 श्लोक 4, अध्याय 18 श्लोक 62 में गीता ज्ञानदाता कहता है कि उस परमेश्वर की शरण में जा जिसकी कृपा से ही तू परम शांति तथा सनातन परमधाम सतलोक चला जाएगा। जहाँ जाने के पश्चात् साधक का जन्म-मृत्यु का चक्र सदा के लिए छूट जाता है।

अध्यात्मिक ज्ञान से सम्पूर्ण कामनाओं पर लगेगा अंकुश

जीव को तत्वज्ञान प्राप्त होने के पश्चात् किसी भी वस्तु की कामना नहीं रहती हैं। वास्तविक तत्वज्ञान से अधिक माया प्राप्त करने व, राज़ प्राप्ति की भूख समाप्त होती हैं। आज पूरे संसार में जगतगुरू संत रामपाल जी महाराज के अद्वितीय ज्ञान से सर्व समाज सुधर रहा है। उनके प्रबल ज्ञान की शक्ति से सर्व समाज बुराई रहित हो रहा है। उसको मोक्ष प्राप्ति व भक्ति धन एकत्रित करने के अतिरिक्त कोई कामना नहीं रहती। संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा समाज सुधार व अध्यात्मिक ज्ञान की जानकारी प्राप्त करने हेतु “संत रामपाल जी महाराज” एप्प गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए।

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