संत रामपाल जी के शिष्यों ने रक्तदान कर ओडिशा रेल दुर्घटना (Odisha Train Accident) में घायल लोगों को पहुंचाई मानवीय सहायता

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ओडिशा रेल दुर्घटना (odisha train accident): ओडिशा में बीते 2 जून को हुए भीषण रेल दुर्घटना में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। उनके इलाज के लिए रक्त (Blood) बेहद आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संत रामपाल जी महाराज के सैकड़ों अनुयायी बीते शुक्रवार को रक्तदान कर रेल हादसे में घायल लोगों को मानवीय सहायता पहुंचाई। मानवीय सहायता से जुड़ी पढ़िये यह खबर।

ओडिशा रेल दुर्घटना (Odisha Train Accident) के मुख्य बिन्दु

  • बीते 02 जून की शाम क़रीब सात बजे ओडिशा में भीषण रेल दुर्घटना हुई।
  • हादसे में सैकड़ों (300) लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, वहीं घायलों की संख्या करीब 1000 थी।
  • घायलों की सहायता के लिए विश्व प्रसिद्ध समाज सुधारक संत रामपाल जी महाराज मसीहा के रूप में आये सामने।
  • संत रामपाल जी के अनुयायियों द्वारा 16 जून को संबलपुर, ओडिशा में 278 युनिट रक्तदान कर पहुंचाई गई मानवीय सहायता।
  • उत्सर्ग फाउंडेशन ने की संत रामपाल जी के जनकल्याण कारी कार्य की सराहना।

ओडिशा रेल दुर्घटना कब और कैसे हुई?

ओडिशा के बालासोर जिले में बीते 02 जून को बहुत भीषण रेल हादसा हुआ था। हादसा इतना भयंकर था की ट्रेनों की बोगियां पूरी तरह पलट गई थीं। आपको बता दें यह भीषण रेल दुर्घटना बालासोर के बाहानगा बाज़ार स्टेशन के पास 12841 शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस व 12864 बेंगलुरू-हावड़ा एक्सप्रेस समेत एक पटरी पर खड़ी मालगाड़ी के आपस में टकरा जाने के कारण हुई थी, जिसमें कुल 17 डिब्बे पटरी से उतर गए। जिसमें करीब 300 व्यक्तियों की मौत और लगभग 1000 लोग घायल हुए थे।

रक्तदान कर संत रामपाल जी के शिष्य पहुंचा रहे सहायता

Odisha Train Accident: भारत के ओडिशा (उड़ीसा) प्रांत में बीते 02 जून की शाम को बालासोर जिले के बाहानगा बाजार स्टेशन के पास हुए भीषण रेल दुर्घटना में सैकड़ों व्यक्तियों की मौत हो गई थी और सैकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए थे। जिनका इलाज ओडिशा के अलग-अलग हॉस्पिटलों में चल रहा है। इस दौरान उन्हें इलाज के लिए रक्त (खून) की बेहद जरूरत है। 

ऐसे में भीषण रेल हादसे में घायल लोगों की सहायता के लिए विश्व प्रसिद्ध समाज सुधारक संत रामपाल जी महाराज व उनके अनुयायी एक बार फिर मुसीबत की इस घड़ी में मसीहा बन कर सामने आए हैं। संत रामपाल जी महाराज जी के आदेशानुसार उनके शिष्यों द्वारा ओडिशा रेल दुर्घटना में घायल लोगों को रक्त (ब्लड) ही सहायता पहुँचाने के लिए ओडिशा राज्य में जगह-जगह रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है और बालासोर रेल हादसे में घायल व्यक्तियों तक मानवीय सहायता के रूप में रक्त पहुंचाया जा रहा है।

Odisha Train Accident: संबलपुर में रिकॉर्ड 278 युनिट रक्तदान

विश्व के सबसे बड़े समाज सुधारक संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा बीते शुक्रवार 16 जून को ओडिशा के संबलपुर जिले में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें ओडिशा, छत्तीसगढ़ व झारखंड के अलग-अलग जिलों से संत रामपाल जी महाराज के सैकड़ों अनुयायी रक्तदान करने पहुंचे और मुसीबत की इस घड़ी में मानवीय सहायता के रूप में 278 युनिट रक्तदान किया, जोकि सम्बलपुर जिले में एक दिन में होने वाले रक्तदान की सबसे ज्यादा संख्या है।

■ यह भी पढ़ें: Blood Donation Camp: संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुए रक्तदान शिविर, बने चर्चा का विषय

उत्सर्ग फाउंडेशन ने की संत रामपाल जी की सराहना

Odisha Train Accident [Hindi]:उत्सर्ग फाउंडेशन के अध्यक्ष और समाजसेवी सुधीर पुजारी, जोकि 40 वर्षों से ब्लड डोनेशन का काम कर रहे हैं, ने तथा उत्सर्ग फाउंडेशन के सदस्यों व अन्य लोगों ने भी संत रामपाल जी महाराज के इस मानव कल्याण कार्य को बहुत सरहानीय बताया। साथ ही उन्होंने रक्तदान शिविर में संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों का बहुत सहयोग किया और रक्तदान शिविर में अंत तक उपस्थित रहे।

मानवीय सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं संत रामपाल जी के शिष्य

चाहे महामारी हो या तूफान हो या बाढ़ या अन्य कोई प्राकृतिक आपदा हो, संत रामपाल जी महाराज के लाखों, करोड़ों अनुयाई हर मुश्किल घड़ी में लोगों की सहायता करने के लिए तत्पर रहते है। इसी बात को सार्थक करते हुए संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार उनके अनुयाई ओडिशा रेल दुर्घटना में आहत लोगों को मदद पहुंचाने के उद्देश्य से ओडिशा के सभी जिलों में टीम बना कर रक्तदान करके जन कल्याणकारी कार्य कर रहे हैं।

18 जून को राजधानी भुवनेश्वर में भी किया जाएगा रक्तदान

ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन दुर्घटना (Odisha Train Accident) में घायल लोगों की सहायता करने के लिए संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18 जून को दूसरा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें संबलपुर की तरह ही भुवनेश्वर में भी सैकड़ों युनिट रक्तदान कर संत रामपाल जी के शिष्यों द्वारा रेल हादसे से आहत लोगों को रक्त की सहायता पहुंचाई जाएगी।

संत रामपाल जी महाराज हैं विश्व के सबसे बड़े समाज सुधारक

संत रामपाल जी महाराज का जन कल्याणकारी कार्यों के साथ-साथ समाज में फैले पाखण्ड, अंध विश्वास, कुरीतिओं और बुराइयों को समाप्त करके एक स्वस्थ समाज बनाने का लक्ष्य है। जिसके तहत उनके दिए तत्वज्ञान से उनके अनुयायी धार्मिक आडंबरों, पाखंडों, अंध विश्वास, सर्व बुराइयों जैसे नशा, भ्रष्टाचार, रिश्वत खोरी, मिलावट, ठगी आदि से दूर रहते हैं तो वहीं दहेज मुक्त शादी करते हैं। जिससे दहेज मुक्त, नशा मुक्त व भ्रष्टाचार मुक्त समाज तैयार हो रहा है। साथ ही संत रामपाल जी महाराज अपने ज्ञान के माध्यम से जातिवाद व धार्मिक भेदभाव को भी समाप्त कर रहे हैं जिससे समाज में शांति स्थापित हो सकेगी। उनका नारा है :

जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा।
हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।।

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ओडिशा रेल दुर्घटना (Odisha Train Accident) : FAQ

प्रश्न : ओडिशा रेल हादसा कब हुआ?

उत्तर : 02 जून 2023

प्रश्न : ओडिशा रेल दुर्घटना कहाँ हुई थी?

उत्तर : ओडिशा प्रान्त के बालासोर जिले के बाहानगा बाजार स्टेशन के पास करीब शाम 7 बजे

प्रश्न : ओडिशा रेल दुर्घटना में घायल लोगों को रक्त की मदद किसने की?

उत्तर : संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने

प्रश्न : ओडिशा रेल हादसे में आहत लोगों कितने युनिट रक्तदान संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने पहुंचाया?

उत्तर : संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने 16 जून को संबलपुर, ओडिशा में रक्तदान कर 278 युनिट रक्तदान पहुंचाया।

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