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National Girl Child Day पर नायक फिल्म की तर्ज पर उत्तराखंड की सृष्टि गोस्वामी असल जिंदगी में बनेगी एक दिन की मुख्यमंत्री

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राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) पर बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए, 24 जनवरी 2021 को 1 दिन के लिए, होनहार छात्रा 19 वर्षीय सृष्टि गोस्वामी (Srishti Goswami) को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गयी है। सृष्टि गोस्वामी एक दिन के लिए उत्तराखंड की सीएम बनेंगी और विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा करेंगी।

National Girl Child Day पर जानिए कौन है सृष्टि गोस्वामी?

सृष्टि गोस्वामी, वर्तमान में उत्तराखंड की बाल विधान सभा की एक दिन के लिए चयनित मुख्यमंत्री हैं। सृष्टि ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कई कार्यक्रमों में भाग भी लिया था। वह मई 2018 में उत्तराखंड बाल विधानसभा की मुख्यमंत्री बनीं थी। वह हरिद्वार जिले के दौलतपुर गांव की रहने वाली हैं उनके पिता का नाम प्रवीण है ,जो कि एक किराने की दुकान चलाते हैं और उनकी माता सुधा गोस्वामी एक गृहिणी हैं और आंगनवाड़ी में कार्यरत भी हैं। सृष्टि रुड़की के बीएसएम पीजी कॉलेज से बीएससी एग्रीकल्चर में सातवें सेमेस्टर की छात्रा हैं। 1 दिन के लिए सीएम बनाए जाने पर वह बेहद उत्साहित हैं, उनके माता-पिता ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है। “

क्या है राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) और क्यों मनाया जाता है ?

राष्ट्रीय बालिका दिवस भारत में हर वर्ष 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत महिला एवं बाल विकास ने 2008 में की थी।

इस दिन, ” सेव द गर्ल चाइल्ड, चाइल्ड सेक्स रेशियो, हिंदुस्तान गर्ल्स, गर्ल्स डेवलपमेंट, सेफ्टी एंड सिक्योरिटी जैसे विभिन्न विषयों को लेकर चर्चा होती है।” बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षित, एवं अनुकूल वातावरण के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं।

एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने की जानकारी

  • बाल आयोग की पहल पर सृष्टि गोस्वामी को सरकार ने एक दिन का बाल सीएम बनने का अवसर प्रदान किया है
  • राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी – गेयरसैन (Gairsain) से प्रशासन करने जा रही है और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेगी।
  • एक दिन की सीएम सृष्टि 24 जनवरी को सभी अफसरों के साथ बैठक करेंगी
  • राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) पर ये कार्यक्रम प्लान इंडिया एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम की ओर से तैयार किया गया है
  • उत्तराखंड बाल अधिकारी सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि कार्यक्रम विधानसभा कक्ष में दोपहर 12 बजे से शुरू होगा
  • सबसे पहले स्वागत और परिचय होगा। इसके बाद सीएम सृष्टि गोस्वामी (Srishti Goswami) का भाषण होगा। फिर बाल विधायकों का परिचय होगा।
  • एक बजे से वह विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेंगी।
  • इस दौरान विभिन्न विभागों के सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे।
  • आयोग अध्यक्ष ने विधानसभा सचिव को भी पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को पास प्रदान करने को कहा है। तत्पश्चात सभी योजनाओं पर विभिन्न तरीके से चर्चा की जाएगी
  • सृष्टि जिन योजनाओं पर काम करने जा रही हैं, वे हैं- अटल आयुष्मान योजना, स्मार्ट सिटी परियोजना, पर्यटन विभाग द्वारा होमस्टे योजना और अन्य विकास परियोजनाएँ।
  • सत भक्ति से होती है रक्षा, पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी ने द्रौपदी और मीराबाई की बचाई थी लाज। सतभक्ति करने वालों के साथ रहते हैं परमात्मा।

National Girl Child Day: विभागीय समीक्षा बैठक में कौन-कौन रहेगा मौजूद?

रविवार 24 जनवरी को दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक विधानसभा भवन के कमरा संख्या 120 में होने वाली विभागीय समीक्षा बैठक में सृष्टि गोस्वामी रविवार को एक दिन के लिए बतौर बाल सीएम विधानसभा में बैठकर सरकार का काम काज देखेंगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी बैठक में आएंगे।

अधिकारी भी देंगे प्रेजेंटेशन

योजनाओं की समीक्षा से पहले सृष्टि सीएम कार्यालय के कामकाज को देखेंगी फिर इस दौरान उत्तराखंड सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी अपनी योजनाओं पर पांच-पांच मिनट की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में सभी शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मुख्य सचिव को एक पत्र लिखा है। आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा है कि कार्यक्रम राज्य विधान सभा भवन में दोपहर 12 से 3 बजे तक होगा।

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सत भक्ति से होती है रक्षा

आजकल की माताएं बहनें सतभक्ति ना करके, सांसारिक चकाचौंध में भ्रमित हैं, जिसकी वजह से इन्हें बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी ने कृष्ण रूप बनाकर बहन द्रोपदी का चीरहरण होने से बचाया था , बहन मीराबाई की विभिन्न परिस्थितियों में पल पल रक्षा की थी। कलयुग में माताओं, बहनों, बच्चों और असहायों की रक्षा नहीं हो पाती, क्योंकि न ही इन्होंने सतगुरु बनाया है और न ही यह सतभक्ति कर रहे हैं। अब सभी बहनों को सतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी की सतभक्ति करनी चाहिए, तो परमात्मा लाज भी बचाएंगे, सुख भी देंगे, और मोक्ष भी देंगे।

कोई भी बहन बेटी, काल के इस गंदे लोक में न तो सुरक्षित है न सुखी

राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) पर, हर वर्ष महिला सुरक्षा को लेकर बनाई जाने वाली सभी योजनाएं, महज योजनाएं बन के ही रह जाती हैं और माताओं, बहनों पर हुए जुल्मों और अत्याचार से रोज़ाना के अखबार भरे होते हैं क्योंकि यह काल का लोक है और यहां पर कोई भी सुरक्षित नहीं है। अगर हम जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर सतभक्ति करेंगे तो यहां भी हमारी रक्षा होगी, हम सुखी रहेंगे और फिर हम अपने निज घर सतलोक चले जाएंगे। सतलोक ही हमारा अपना घर है और सबसे सुरक्षित जगह है, जिसके बारे में पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी ने कहा है:

संखौं लहर मेहर की उपजें, कहर नहीं जहां कोई,
दास गरीब अभय अविनाशी, सुख का सागर सोई,

इस जगह को पाने के लिए मंसूर जैसे भक्तों ने अपने शरीर के टुकड़े करवा लिए, बहुत से ऋषि और महर्षियों ने तपस्या करके अपना शरीर गला दिया फिर भी उस स्थान की प्राप्ति ना कर सके । उसकी प्राप्ति संत रामपाल जी महाराज सहज ही करवा रहे हैं, उनकी वाणी है;

सतलोक में चल मेरी सुरता, यहाँ मत लावे देरी ।
सांच कहूं, ना झूठ रत्ती भर, बात मान ले मेरी।
सतलोक में जाकर सुरता तेरे संकट कट जाएं सारे
अलख लोक और अगमलोक के वहां दिखें सभी नज़ारे।
जन्म मरण मिट जावे सुरता हो अमर काया तेरी।
साच कहूं, ना झूठ रत्ती भर, तू बात मान ले मेरी।

इन साधारण कष्टों के साथ-साथ, महाकष्ट 84 लाख योनियों में जन्म मरण, बुढ़ापा, यह भी खत्म हो जाएंगे, इसके लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी का सत्संग सुनें (सतलोक आश्रम पर) और नाम दीक्षा लेकर अपना मोक्ष कराएं ।

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