National Girl Child Day 2022: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जानिए कैसे मिलेगा बेटियो को उनका सम्मान?

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Last Updated on 23 January 2022, 4:53 PM IST: राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day 2022 in Hindi) प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को बालिकाओं को लाभान्वित करने और अवसर प्रदान करने के प्रति जागरूकता प्रदान करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन श्रीमती इंदिरा गांधी ने भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। इसकी शुरुआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 2008 में की थी। आइए जानते हैं कैसे इस दिवस पर हम अपना योगदान दें।

Table of Contents

राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day 2022): मुख्य बिंदु

  • 24 जनवरी को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।
  • इसकी शुरुआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 2008 में की थी
  • ये महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है कि बेटियों को उनका अधिकार मिल सके।
  • बिना सतभक्ति के न बेटियां और न बेटे, कोई सुखी नहीं हो सकता है। पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी ने द्रौपदी की बचाई थी लाज और मीरा बाई की की थी रक्षा।

राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) कब और क्यों मनाया जाता है?

आपको बता दें कि प्रत्येक वर्ष की भांति 24 जनवरी 2022 को भी राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day in Hindi) मनाया जाएगा। वर्तमान में देखा जाए तो देश की बेटियां हर क्षेत्र में भूमिका निभा रही हैं। एक समय ऐसा था, जब बेटियों को गर्भ में ही मरवा दिया जाता था। यह स्थिति अब न के बराबर हो गई है। पहले बेटियों का जन्म हो भी गया तो बाल विवाह कर दिया जाता था। बेटियों के साथ भेदभाव और उनके साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ देश की आजादी के उपरांत भारत सरकार प्रयासरत हो गई थी। 

बेटियों को देश की प्रथम पायदान पर लाने के लिए कई योजनाएं और कानून लागू किए गए। इसी लक्ष्य को साध कर सरकार ने राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाना शुरु किया। देश की बेटियों को सशक्त बनाने के लिए और जागरूकता बढ़ाने के लिए इस मुख्य दिवस को 24 जनवरी को मनाने का यही कारण है।

National Girl Child Day 2022: जानिए राष्ट्रीय बालिका दिवस के मुख्य प्रयोजन

  1. समाज में बालिकाओं के ऊपर होने वाले अत्याचार, दुर्व्यवहार और उनकी समानता को उजागर करने के लिए।
  1. बालिकाओं को पढ़ाई-लिखाई, स्वास्थ्य और पूर्ण पोषण के महत्व पर जागरूकता उत्पन्न करने के लिए।
  1. हर देश में बालिकाएं खेलकूद और सरकारी क्षेत्रों में अपना योगदान दे रहीं हैं। इसके लिए भी जागरूकता प्रदान करने के लिए।
  1. प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य है कि भारत की हर बालिका जागरूक हो सके।

National Girl Child Day 2022: 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का कारण क्या है?

प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को ही बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है, इसका भी एक मुख्य कारण है। यह कारण देश की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी से जुड़ा हुआ है। आपको बता दें कि वर्ष 1966 में इंदिरा गांधी ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसलिए ही भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस 2022 की थीम (National Girl Child Day 2022 Theme in Hindi)

प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय बालिका दिवस की विषय वस्तु (Theme) अलग होती है। वर्ष 2021 की थीम ‘डिजिटल पीढ़ी, हमारी पीढ़ी’ थी जबकि वर्ष 2020 में राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम ‘मेरी आवाज, हमारा समान भविष्य’ थी। वर्ष 2022 बालिका दिवस की थीम अभी तक घोषित नहीं हुई है।

National Girl Child Day 2022: बालिकाओं के हित में अधिकार

  • बालिकाओं का बाल विवाह न किया जाए।
  • बालिकाओं के हित में राज्य सरकार द्वारा नई-नई योजनाओं की शुरुआत करना।
  • लिंग भेदभाव के लिए अल्ट्रासाउंड परीक्षण का उपयोग न किया जाए, इसके लिए भी कानून को मजबूत करना।
  • बालकों की तरह बालिकाओं को भी समानता प्रदान करना।

राष्ट्रीय बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है ?

राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day in Hindi 2022) मनाना इसलिए शुरू किया गया क्योंकि लोग बेटियों को बोझ समझते है। इसका मुख्य कारण दहेजप्रथा भी कह सकते है। बेटियों को उनके अधिकार से लोग दूर रखते हैं। उनको उनके हक तक नहीं दिए जाते। इस हेतु जागरूकता प्रदान करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 2008 में की थी। बिहार सरकार ने भी विशेष तौर पर इस दिन को मनाने का निर्णय लिया है।

National Girl Child Day 2022: राष्ट्रीय बालिका दिवस कैसे मनाया जाता है?

इस दिन, ” सेव द गर्ल चाइल्ड, चाइल्ड सेक्स रेशियो, हिंदुस्तान गर्ल्स, गर्ल्स डेवलपमेंट, सेफ्टी एंड सिक्योरिटी जैसे विभिन्न विषयों को लेकर चर्चा होती है।” बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षित, एवं अनुकूल वातावरण के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं। इस अवसर पर इंवेस्टर एडुकेशन एंड प्रोटैक्शन फंड औथरिटी ने CSC e-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर राष्ट्रीय बालिका दिवस 2022 को फेसबुक पर वेबिनार कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपरोक्त दो कार्यक्रम भारत सरकार आयोजित करेगी।

  1. कन्या महोत्सव
  2. बालिका को बचायें

इस नाशवान लोक में कोई भी बहन-बेटी न सुरक्षित हैं न सुखी

आजकल की माताएं बहनें सतभक्ति ना करके, सांसारिक चकाचौंध में भ्रमित हैं, जिसकी वजह से इन्हें बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी ने कृष्ण रूप बनाकर बहन द्रोपदी का चीरहरण होने से बचाया था, बहन मीराबाई की विभिन्न परिस्थितियों में पल पल रक्षा की थी। 

■ Read in English: National Girl Child Day (NGCD): How The World Can Be Made Better For Girls?

कलयुग में माताओं, बहनों, बच्चों और असहायों की रक्षा नहीं हो पाती, क्योंकि न तो इन्होंने सतगुरु बनाया है और न ही यह सतभक्ति कर रहे हैं। सभी बहनों को सतगुरु संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी की सतभक्ति करनी चाहिए, तभी उनकी परमात्मा लाज बचाएंगे, सुख देंगे, और मोक्ष भी देंगे। 

संत रामपाल जी से सतभक्ति लेकर निज घर सतलोक जाना है

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर, हर वर्ष महिला सुरक्षा को लेकर बनाई जाने वाली सभी योजनाएं, महज योजनाएं बन कर ही रह जाती हैं और माताओं, बहनों पर हुए जुल्मों और अत्याचार से रोज़ाना के अखबार भरे होते हैं क्योंकि यह काल का लोक है और यहां पर कोई भी सुरक्षित नहीं है। अगर हम जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर सतभक्ति करेंगे तो यहां भी हमारी रक्षा होगी, हम सुखी रहेंगे और फिर हम अपने निज घर सतलोक चले जाएंगे। सतलोक ही हमारा अपना घर है और सबसे सुरक्षित जगह है, जिसके बारे में पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी ने कहा है:

शंखों लहर मेहर की ऊपजै, कहर नहीं जहां कोई।

दास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।।

सद्गुणों को करें ग्रहण

यदि हम सद्गुणों को ग्रहण करें तो हम धार्मिक बनेंगे। धार्मिक बनकर हम भविष्य में होने वाले महाकष्ट से बचेंगे। सीधे शब्दो मैं कहे तो मानव जीवन का मूल उद्देश्य भक्ति करके भगवान के पास जाना है। मानव जीवन का मूल उद्देश्य “भक्ति से भगवान तक” है।

कबीर, परनारी को देखिये, बहन-बेटी के भाव।

कहे कबीर काम नाश का, यही सहज उपाय।।

जगतगुरु रामपाल जी से नामदीक्षा लेकर जीवन को सुखद बनाएं

वर्तमान में एकमात्र तत्वदर्शी संत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज हैं उनसे नाम दीक्षा लेकर अपने हर तरह के असाध्य कष्टों का निवारण करवाएं एवं भक्ति करके मोक्ष का रास्ता चुनें। यह समय विनाशकारी समय है और बिना तत्वदर्शी संत की शरण के जीवन, बिना पानी के कुएं की भाँति है। इस समय तत्वदर्शी संत की शरण में रहकर मर्यादा में भक्ति करने वाले ही मोक्ष प्राप्त कर सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए देखें सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल।

National Girl Child Day 2022 Hindi Quotes: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर संदेश

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं के प्रति सोच में परिवर्तन लाने के लिए पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब के नारी के सम्मान में संदेश जो हम एक दूसरे को भेज सकते हैं-

नारी निन्दा ना करो, नारी रतन की खान।

नारी से नर परमात्मा ध्रुव प्रहलाद समान।।

नारी नरक ना जानिये, सब सौतन की खान।

जामे हरिजन उपजै, सोयी रतन की खान।।

कुष्टी हो संत बंदगी कीजिए।

जे हो वैश्या को प्रभु विश्वास, चरण चित दीजिए।।

पतिबरता मैली भली, काली कुचिल कुरुप।

पतिबरता के रुप पर बारौं कोटि स्वरुप।।

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1 COMMENT

  1. जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी की शरण में आने से और अध्यात्मिक ज्ञान ग्रहण करने से ही समाज सुधारना हो सकती है और हर बेटी को न्याय मिल सकता है।

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