Mahavir Jayanti Video : तीर्थंकर महावीर स्वामी द्वारा चलाये गए पाखण्ड मत | SA News

Published on

spot_img

Mahavir Jayanti Video | चैत्र मास की शुक्ल त्रयोदशी को प्रतिवर्ष जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती जैन धर्म के श्रद्धालुओं द्वारा मनाई जाती है। यह जैन धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस दिन, जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।

महावीर जैन का जन्म 599 ईसा पूर्व बिहार के कुंड ग्राम में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन काल में 12 वर्षों तक कठोर तप किया और अंत में कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया। महावीर स्वामी ने अपने जीवन में अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को सभी प्राणियों के प्रति दयालु और करुणावान होने का उपदेश दिया। उन्हें वर्धमान के नाम से भी जाना जाता है। जिन्होंने 363 पाखण्ड मत चलाये गए आज पूरे जैन धर्म में महावीर जैन द्वारा चलाये गए पाखण्ड मतों के अनुसार ही साधना की जा रही है। देखिये महावीर स्वामी और जैन धर्म की सच्चाई……

#MahavirJayanti #Jainism #Jain #Festival #India #HindiNews #HindiNewsVideo #SANews #LatestNews

Latest articles

अन्नपूर्णा मुहिम के फेज़ 2 के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज ने हरियाणा के बिरोहड़ गांव के जलभराव संकट का स्थायी राहत के साथ...

जब प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, तो ग्रामीण समुदाय अक्सर प्रशासनिक देरी और अधूरे वादों...

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम फेज़ 2 ने हरियाणा के रोहतक के बल्ब गांव में समय पर पहुंचाई बाढ़ राहत

गंभीर संकट के समय, जब ग्रामीण समुदाय पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी खतरों में फंस...

विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडलों ने की संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात, समाज सेवा व जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना

राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और...
spot_img

More like this

अन्नपूर्णा मुहिम के फेज़ 2 के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज ने हरियाणा के बिरोहड़ गांव के जलभराव संकट का स्थायी राहत के साथ...

जब प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, तो ग्रामीण समुदाय अक्सर प्रशासनिक देरी और अधूरे वादों...

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम फेज़ 2 ने हरियाणा के रोहतक के बल्ब गांव में समय पर पहुंचाई बाढ़ राहत

गंभीर संकट के समय, जब ग्रामीण समुदाय पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी खतरों में फंस...