Lunar Eclipse 2022: साल का पहला चन्द्र ग्रहण, जानें कैसे बचें सभी प्रकार के ग्रहणो से?

Date:

Last Updated on 16 May 2022, 10:27 PM IST | Lunar Eclipse 2022 (Chandra Grahan): ज्योतिष के अनुसार वर्ष 2022 में दो सूर्यग्रहण और दो चंद्र ग्रहण को मिलाकर कुल 4 ग्रहणों का संयोग था। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष का पहला चंद्रग्रहण आज की रोज यानी कि 16 मई 2022 वैशाख पूर्णिमा को निकल चुका है। सतभक्ति से करें जीवन के हर ग्रहण को खत्म। पढ़ें पूरा लेख और जाने विस्तार से। 

Lunar Eclipse 2022 (चंद्र ग्रहण): मुख्य बिंदु

  • वर्ष 2022 में 4 ग्रहण, दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण का संयोग है।
  • पहला चंद्र ग्रहण आज 16 मई को हुआ तथा आखिरी चंद्र ग्रहण 8 नवम्बर को लगेगा।
  • क्या होता है चंद्र ग्रहण।
  • चंद्र ग्रहण से जुड़ी वर्जनाएँ और सतभक्ति का प्रभाव।
  • सतभक्ति से सभी आपदाएं होती हैं समाप्त। 

वर्ष 2021 में कितने ग्रहण का संयोग था?

वर्ष 2021 अर्थात संवत 2078 में 2 सूर्यग्रहण और 2 चंद्रग्रहण, कुल मिलाकर चार ग्रहणों का संयोग बना। इसमें से एक भी ग्रहण भारत के पूरे भू भाग पर दिखाई नहीं दिया।

वर्ष 2022 में कब-कब बनेगा चन्द्र ग्रहण (Lunar Eclipse) का संयोग? 

वर्ष 2022 का पहला और तीसरा ग्रहण चंद्रग्रहण होगा। वर्ष का आखिरी चन्द्रग्रहण 8 नवंबर 2022 को लगेगा। यह 2022 का दूसरा और आख‍िरी चंद्रग्रहण होगा। वर्तमान समय में आज के दिन 16 मई को इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण लगा। जो पूरी तरह से लाल रंग का था इसल‍िए उसे सुपरमून या फ‍िर रेड ब्‍लड मून भी कहा जाता है। 

Lunar Eclipse 2022: वर्ष 2022 का पहला चंद्र ग्रहण?

15 और 16 मई के दिन इसे उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत व हिन्द महासागर, यूरोप, अफ्रीका और मिडल ईस्ट के कुछ क्षेत्रों में देखा गया। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण का समय 16 मई सुबह 7:02 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12:20 मिनट तक रहा था।

कब लगेगा वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण? (Lunar Eclipse 2022, Date and Timing)

वर्ष 2022 का दूसरा चंद्रग्रहण नवंबर माह में 7 और 8 तारीख को होगा। भारतीय समय के अनुसार यह चंद्रग्रहण 19 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 32 म‍िनट पर शुरू होगा और 7 बजकर 26 म‍िनट तक द‍िखाई देगा। ये आपके टाइमजोन पर भी निर्भर करता है कि ये वहां किस वक्त होगा। 

चंद्र ग्रहण 2022 (Lunar Eclipse 2022) कहाँ-कहाँ दिखेगा?

यह चंद्रग्रहण भारत के किसी भी विस्तार से नहीं देखा गया। यह ब्लड मून चंद्र ग्रहण यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों से दिखाई दिया था। इसके अलावा यह उत्तर और दक्षिण अमेरिका के अधिकांश हिस्सों से पूरी तरह से दिखाई दे रहा था।  

क्या है चंद्र ग्रहण?

सर्व विदित है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमते हुए सूर्य के चक्कर लगाती है और चंद्रमा पृथ्वी के। अपनी परीधि में घूर्णन करते हुए जब ये तीनों ग्रह एक सीधी रेखा में आ जाते हैं एवं पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने लगती है तब ग्रहण होता है। सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की ऐसी स्थिति को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। एक साल में अधिकतम तीन चंद्र ग्रहण हो सकते हैं। नासा का अनुमान है कि 21वीं सदी में कुल 228 चंद्र ग्रहण होंगे।

कितने प्रकार के चन्द्र ग्रहण होते हैं? (Types of Lunar Eclipse)

मुख्यतः चन्द्रग्रहण तीन प्रकार के माने गए हैं एक ग्रहण होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण, एक आंशिक चंद्र ग्रहण और उपच्छाया चंद्र ग्रहण। जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चांद को पूरी तरह से ढक लेती है तब पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से लाल दिखाई देता है। 

■ Read in English | Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 2022 | How to watch Blood Moon from India?

वहीं, जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है और चंद्रमा के कुछ ही भाग पर पृथ्वी की छाया पड़ पाती है, इसे ही आंशिक चंद्र ग्रहण कहते हैं। उपछाया चंद्र ग्रहण में सूर्य और चंद्र के बीच पृथ्वी उस समय आती है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में नहीं होते हैं।

चंद्रग्रहण से जुड़ी वर्जनाएँ और सतभक्ति

चंद्रग्रहण से बहुत सी वर्जनाएँ जुड़ी हुई हैं जैसे कई कार्यों पर रोक लगना, सूतक मानना, बाहर न आना जाना आदि। ये सभी मान्यताएँ केवल मान्यताएँ ही हैं और ग्रहण एक खगोलीय घटना है। वास्तविक जीवन में व्यक्ति अपने कर्मफल भोगता और उसके ही कारण उसके जीवन में सुख, दुख, बीमारियाँ आतीं हैं। चूँकि ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना है, इसे ज्योतिष भिन्न भिन्न राशियों और उन पर प्रभाव से भी जोड़कर देखते हैं। सतभक्ति सभी प्रकार के ग्रहण चाहे वो जीवन में हों या भाग्य में, से बचाती है।

पूर्ण परमेश्वर सच्चे साधक की रक्षा स्वयं करता है। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब हैं इस बात की शास्त्र गवाही देते हैं। इस लोक में सबकुछ फना अर्थात नाशवान है। राजा, गांव, शहर, जीव-जंतु, वन, दरिया सब नाशवान है। शिवजी का कैलाश पर्वत तक नाशवान है। यह सब कृत्रिम संसार सब झूठ है। अतः तत्वदर्शी संत  रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा लेकर श्वांसों का स्मरण करके अविनाशी परमेश्वर की भक्ति करें।

गरीब, दृष्टि पड़े सो फना है, धर अम्बर कैलाश।

कृत्रिम बाजी झूठ है, सुरति समोवो श्वास ||

क्या है सतभक्ति?

सतभक्ति मंदिर जाना, उपवास करना और शास्त्रों का अध्ययन करना कतई नहीं है। सतभक्ति है गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में कहे अनुसार पूर्ण तत्वदर्शी संत की शरण खोजना और उससे अध्याय 17 श्लोक 23 में दिए तीन मन्त्रों को प्राप्त कर उनका जाप करना है। सतभक्ति केवल पूर्ण तत्वदर्शी संत ही समझा सकता है। वही शास्त्रानुकूल भक्ति बताते हैं और मोक्ष प्राप्त करवाते हैं। याद रखें कि सतभक्ति से केवल मोक्ष प्राप्ति नहीं होगी बल्कि इस लोक के सभी सुख और इन ग्रहण, सूतक, देवी-देवताओं से होने वाले कष्टों से भी राहत मिलती है। राहु-केतु हो या अकाल मृत्यु की चपेट में पूर्ण तत्वदर्शी संत की शरण में रहने वाला कभी नहीं आता। तत्वदर्शी संत पूरे विश्व में एक समय में एक ही होता है। 

जगतगुरु रामपाल जी से नामदीक्षा लेकर जीवन में आने वाले कष्ट रूपी ग्रहणों से मुक्ति पाएं

वर्तमान में एकमात्र तत्वदर्शी संत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज हैं उनसे नाम दीक्षा लेकर अपने हर तरह के असाध्य कष्टों का निवारण करवाएं एवं भक्ति करके मोक्ष का रास्ता चुनें। यह समय विनाशकारी समय है और बिना तत्वदर्शी संत की शरण के जीवन, बिना पानी के कुएं की भाँति है। इस समय तत्वदर्शी संत की शरण में रहकर मर्यादा में भक्ति करने वाले ही मोक्ष प्राप्त कर सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए देखें सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल

About the author

Administrator at SA News Channel | Website | + posts

SA News Channel is one of the most popular News channels on social media that provides Factual News updates. Tagline: Truth that you want to know

SA NEWS
SA NEWShttps://news.jagatgururampalji.org
SA News Channel is one of the most popular News channels on social media that provides Factual News updates. Tagline: Truth that you want to know

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

3 × two =

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Know the Immortal God on this Durga Puja (Durga Ashtami) 2022

Last Updated on 26 September 2022, 3:29 PM IST...

International Daughters Day 2022: How Can We Attain Gender Neutral Society?

On September 26, 2021, every year, International Daughters Day is observed. Every year on the last Sunday of September, a special day for daughters is seen. This is a unique day that commemorates the birth of a girl and is observed around the world to eradicate the stigma associated with having a girl child by honoring daughters. Daughters have fewer privileges in this patriarchal society than sons. Daughters are an important element of any family, acting as a glue, a caring force that holds the family together. 

World Pharmacist Day 2022: Who is the Best Pharmacist at Present?

World Pharmacist Day 2022: On 25 September every year,...

World Pharmacist Day 2022 [Hindi]: विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2022 पर जानें अनन्य रोगों से निजात पाने का सरल उपाय

25 सितंबर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है। 1912 में इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन की स्थापना हुई थी। FIP ने इस साल विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम 'Pharmacy: Always Trusted for Your Health' यानी फार्मेसी: हमेशा आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रखा गया है।