January 18, 2026

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम से बदली झज्जर के लडरावन गांव की तस्वीर

Published on

spot_img

झज्जर/बहादुरगढ़: हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ तहसील में स्थित लडरावन गांव ने हाल ही में मानवता और सेवा की एक अभूतपूर्व मिसाल देखी है। विकास की गलत नीतियों और प्राकृतिक आपदा के दोहरे संकट से जूझ रहे इस गांव के लिए संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम एक संजीवनी साबित हुई।

जब प्रशासन और स्थानीय सरकारें जलभराव की गंभीर समस्या का समाधान करने में विफल रहीं, तब संत रामपाल जी महाराज ने गांव की पुकार सुनी और मात्र 3 दिन के भीतर करोड़ों की राहत सामग्री पहुंचाकर ग्रामीणों के मुरझाए चेहरों पर खुशी लौटा दी।

विकास की विडंबना: जब झील में तब्दील हो गया लडरावन गांव

लडरावन गांव की भौगोलिक स्थिति और जल निकासी की व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से दिल्ली के मुंग्सपुर ड्रेन पर निर्भर थी। गांव के पूर्व सरपंच रामकिशन के अनुसार, पहले गांव का पानी ढलान के जरिए प्राकृतिक रूप से बहकर निकल जाता था।

क्षेत्र में ईंट भट्ठों की बढ़ती संख्या के कारण बड़े पैमाने पर मिट्टी का उठाव हुआ, जिससे जमीन का स्तर असंतुलित हो गया और पानी का प्राकृतिक रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। परिणामस्वरूप बारिश का पानी गांव के खेतों, गलियों, स्कूलों और डिस्पेंसरी में जमा हो गया।

पूरा गांव एक झील में तब्दील हो गया।

  • फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं
  • पशुओं के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया
  • बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई

ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कागजी कार्रवाई और तकनीकी बहानों के बीच गांव डूबता ही रहा।

प्रशासन की विफलता और संत का सहारा: तीन दिन में हुआ समाधान

जब सरकारी तंत्र ने हाथ खड़े कर दिए, तब ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के दरबार में अर्जी लगाने का निर्णय लिया।

दिल्ली पुलिस से सेवानिवृत्त ASI पवन कुमार ने बताया कि सरकार और बड़ी कंपनियों के पास महीनों तक चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं मिला था, लेकिन संत रामपाल जी महाराज के आश्रम में प्रार्थना करने के मात्र तीन दिन के भीतर समाधान धरातल पर दिखाई देने लगा।

जहां सरकारी बजट, टेंडर और फाइलें वर्षों ले लेती हैं, वहीं एक संत ने बिना किसी स्वार्थ के त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर दिखाई।

अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राहत सामग्री का विवरण: बड़ा आर्थिक सहयोग

संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में कार्यरत सेवादारों की टीम ने गांव का गहन सर्वे किया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भारी संसाधन उपलब्ध कराए।

प्रदान की गई राहत सामग्री:

  • 12,500 फुट लंबी और 8 इंच चौड़ी पाइपलाइन
  • 15 HP की 2 विशाल मोटरें
  • 10 HP की 2 विशाल मोटरें
  • स्टार्टर, सुंडिया और अन्य सभी आवश्यक सहायक उपकरण

पूरी सामग्री और उसका परिवहन पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया गया। वर्तमान सरपंच और ग्रामीणों ने स्वीकार किया कि इस सामग्री की लागत लाखों से लेकर करोड़ों तक है, जिसे ग्राम पंचायत वहन करने की स्थिति में नहीं थी।

सेवादारों ने स्पष्ट किया कि संत जी का आदेश है कि कोई भी किसान या मजदूर संसाधनों के अभाव में परेशान नहीं होना चाहिए।

गांव में उत्सव का माहौल: ढोल-नगाड़ों और फूलों से स्वागत

जब राहत सामग्री से लदे ट्रक लडरावन गांव की सीमा पर पहुंचे, तो पूरा गांव उत्सव में बदल गया।

  • ट्रैक्टरों पर डीजे बजाए गए
  • संत जी की महिमा के गीत गाए गए
  • रास्ते भर फूलों की बारिश की गई

गांव के बुजुर्गों और सरपंच ने संत रामपाल जी महाराज के सम्मान में पगड़ी भेंट की और एक स्मृति चिन्ह प्रदान किया। ग्रामीणों के अनुसार पगड़ी सौंपना उनका सर्वोच्च सम्मान होता है।

यह दृश्य अत्यंत भावुक था, जब युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने संत जी को “भगवान का रूप” बताकर जयकारे लगाए।

अनुशासन और पारदर्शिता: ड्रोन निगरानी और स्पष्ट शर्तें

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम केवल दान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह अनुशासित और परिणामोन्मुखी है। सेवादारों ने ग्राम पंचायत को संत जी का एक सख्त संदेश पत्र सौंपा।

मुख्य निर्देश:

  • दी गई सामग्री का तुरंत उपयोग कर पानी निकाला जाए
  • ताकि अगली फसल की बिजाई समय पर हो सके
  • लापरवाही की स्थिति में भविष्य में कोई सहायता नहीं दी जाएगी

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संस्था द्वारा तीन चरणों में वीडियोग्राफी का निर्णय लिया गया है:

  • ड्रोन से पानी में डूबे गांव की वर्तमान स्थिति
  • पानी निकलने के बाद की स्थिति
  • खेतों में फसल लहलहाने की स्थिति

इन वीडियो को संत जी के समागमों में दिखाया जाएगा ताकि दानदाताओं को पूर्ण विश्वास रहे कि उनका योगदान वास्तविक जनसेवा में उपयोग हो रहा है।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: “ऐसी सेवा सरकार के बस की भी नहीं”

पूर्व सरपंच रामकिशन और गांव के बुजुर्गों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी सेवा उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखी।

उनका कहना था कि बड़े नेता और कथावाचक करोड़ों का चंदा लेते हैं, लेकिन संकट के समय कोई काम नहीं आता। इसके विपरीत संत रामपाल जी महाराज बिना किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के 36 बिरादरी के हित में काम कर रहे हैं।

Also Read: संत रामपाल जी महाराज ने 5 साल के बाढ़ त्रासदी को 2 दिन में मिटाया: शादीपुर गांव को मिला जीवनदान

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि संत जी स्वयं किसान परिवार से हैं, इसलिए वे किसानों का दर्द वास्तविक रूप से समझते हैं। उन्होंने अन्य धार्मिक संस्थाओं को भी सीख दी कि केवल उपदेश नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर सेवा करनी चाहिए।

मानव सेवा ही परम धर्म: 300 से अधिक गांवों में जारी अभियान

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम केवल लडरावन गांव तक सीमित नहीं है। अब तक हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के 300 से अधिक बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत पहुंचाई जा चुकी है।

संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट उद्देश्य है कि देश का कोई भी नागरिक भूख, इलाज या संसाधनों की कमी के कारण कष्ट न सहे। यह अभियान राजनीति से पूर्णतः परे, मानवता और परमार्थ पर आधारित है।

मानवता के रक्षक के रूप में संत रामपाल जी महाराज

लडरावन गांव की यह कहानी केवल पाइप और मोटरों की नहीं, बल्कि अटूट विश्वास, निस्वार्थ सेवा और प्रभावी नेतृत्व की मिसाल है। संत रामपाल जी महाराज ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो और दिशा सही हो, तो बड़ी से बड़ी आपदा को भी सामूहिक प्रयासों से परास्त किया जा सकता है।

आज पूरा लडरावन गांव संत जी के इस उपकार के लिए नतमस्तक है और शीघ्र ही खेतों में हरियाली लौटने की पूर्ण आशा के साथ आगे बढ़ रहा है।

Latest articles

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत कुकड़ोला (झज्जर) के किसानों का बदला भाग्य

बादली (झज्जर): संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत हरियाणा के झज्जर...

संत रामपाल जी महाराज ने 5 साल के बाढ़ त्रासदी को 2 दिन में मिटाया: शादीपुर गांव को मिला जीवनदान

जींद, हरियाणा – जब विपत्ति का अंधेरा गहरा होता है और प्रशासनिक सहायता की...

World Religion Day 2026: Why So Many Faiths For One Universal Creator?

World Religion Day is an annual occasion observed on the third Sunday in January...

जहाँ सरकार हुई विफल, वहाँ “भगवान” बनकर पहुँचे संत रामपाल जी महाराज: किशोरपुर गाँव की बदली तकदीर

आज के दौर में जब आम आदमी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर निराश हो...
spot_img

More like this

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत कुकड़ोला (झज्जर) के किसानों का बदला भाग्य

बादली (झज्जर): संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत हरियाणा के झज्जर...

संत रामपाल जी महाराज ने 5 साल के बाढ़ त्रासदी को 2 दिन में मिटाया: शादीपुर गांव को मिला जीवनदान

जींद, हरियाणा – जब विपत्ति का अंधेरा गहरा होता है और प्रशासनिक सहायता की...

World Religion Day 2026: Why So Many Faiths For One Universal Creator?

World Religion Day is an annual occasion observed on the third Sunday in January...