11 जनवरी को संत रामपाल जी महाराज का ‘किसान संत गरीब दास गरिमा सम्मान समारोह’

Published on

spot_img

झज्जर, 5 जनवरी 2026 — हरियाणा के झज्जर जिले में किसान संगठनों और ग्राम पंचायतों ने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के लिए एक विशेष सम्मान समारोह (किसान संत गरीब दास गरिमा सम्मान समारोह) का आयोजन किया है। यह समारोह 11 जनवरी 2026 को गाँव गिरावड़ में आयोजित होगा, जहां 400 से अधिक गांवों में बाढ़ राहत कार्य और कृषि भूमि से जल निकासी के लिए किए गए बुनियादी ढांचागत सहायता कार्यों को मान्यता दी जाएगी।

प्रमुख कार्यक्रम विवरण

विवरणजानकारी
कार्यक्रम का नामकिसान संत गरीब दास गरिमा सम्मान समारोह
उद्देश्यबाढ़ राहत और जल निकासी कार्यों के लिए सम्मान
तिथिरविवार, 11 जनवरी 2026
स्थानमेन सोनीपत रोड, NH 334B, वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज के सामने, गाँव गिरावड़
जिलाझज्जर, हरियाणा
आयोजकसरपंच एसोसिएशन जिला झज्जर, समस्त खाप छारा 14 गामा खाप, गुलिया 24 गामा खाप, समस्त खाप जिला झज्जर, 36 बिरादरी की सरदारी जिला झज्जर, किसान यूनियन जिला झज्जर, समस्त ग्रामवासी एवं ग्राम पंचायत गिरावड़

पृष्ठभूमि – हरियाणा में बाढ़ संकट

इस वर्ष मानसून के दौरान हरियाणा के कई जिलों में भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर कृषि भूमि जलमग्न हो गई। खेतों में पानी का जमाव लंबे समय तक बना रहा, जिससे खड़ी फसलें नष्ट हो गईं और अगली बुवाई की संभावना भी समाप्त हो गई। झज्जर, सोनीपत, रोहतक और आसपास के जिलों के सैकड़ों गांवों में किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।

प्रशासनिक स्तर पर राहत कार्य सीमित रहे और कई गांवों में पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण जल निकासी में देरी हुई। खेतों में खड़ा पानी सप्ताहों तक बना रहा, जिससे मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हुई और किसानों की आजीविका संकट में आ गई। कई ग्राम पंचायतों ने स्थानीय प्रशासन से मदद की अपील की, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण समस्या का त्वरित समाधान नहीं हो सका।

अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से हस्तक्षेप

इस गंभीर स्थिति में तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की ओर से अन्नपूर्णा मुहिम के तहत व्यापक राहत कार्य शुरू किया गया। यह पहल अस्थायी राहत के बजाय स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण पर केंद्रित थी। प्रभावित गांवों को भारी मोटर, जल निकासी पाइप, विद्युत तारें, स्टार्टर और अन्य आवश्यक उपकरण प्रदान किए गए।

यह भी पढ़ें:  ​जब उम्मीदें बाढ़ में डूब गईं, तब सतगुरु रामपाल जी महाराज बने टांडाहेड़ी गाँव (झज्जर, हरियाणा) के लिए जीवनदाता

यह सहायता केवल अस्थायी उधार के रूप में नहीं, बल्कि गांवों को स्थायी स्वामित्व के रूप में दी गई। प्रत्येक गांव में सहायता की कीमत लाखों रुपये तक पहुंची। हरियाणा के 400 से अधिक गांवों और कुछ पड़ोसी राज्यों के गांवों तक यह सहायता पहुंचाई गई।

उपकरणों के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र स्थापित किए गए। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जल निकासी से पहले और बाद में ड्रोन फोटोग्राफी की गई, जिससे किए गए कार्य का दस्तावेजीकरण हो सके। इस पद्धति ने न केवल कार्य की प्रभावशीलता को प्रदर्शित किया, बल्कि भविष्य में इस प्रकार के कार्यों के लिए एक मॉडल भी स्थापित किया।

गिरावड़ गांव – गंभीर संकट से राहत तक

झज्जर जिले के गिरावड़ गांव की स्थिति विशेष रूप से गंभीर थी। ग्राम पंचायत ने औपचारिक रूप से लिखित अनुरोध प्रस्तुत किया, जिसमें 10 हॉर्स पावर मोटर और 13,000 फीट जल निकासी पाइप की मांग की गई। आवेदन में गांव की स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया गया था।

यह भी पढ़ें:  हरियाणा: झज्जर के गिरावड़ गाँव में संत रामपाल जी महाराज ने बाढ़ पीड़ितों की समस्या के समाधान हेतु भिजवाईं हेवी-ड्यूटी मोटरें और 13,000 फुट पाइप

सरपंच सोनू जी ने स्थिति का वर्णन करते हुए कहा कि पूरे हरियाणा में बाढ़ की गंभीरता थी और तत्काल संसाधनों की आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक मशीनरी की सीमित पहुंच के कारण गांव में पानी की निकासी में देरी हो रही थी। अन्नपूर्णा मुहिम से प्राप्त उपकरणों ने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और खेतों से पानी निकालने का कार्य तेजी से संपन्न हुआ।

छारा गांव की पंचायत की पहल

9 अक्टूबर को छारा गांव की पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल सरपंच प्रतिनिधि दीपक जी के नेतृत्व में संत रामपाल जी महाराज के ट्रस्ट कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने ग्राम पंचायत के लेटरहेड पर औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत किया, जो जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को संबोधित था।

यह भी पढ़ें:  जोरों से लगे संत रामपाल जी महाराज के जयकारे जब बाढ़ राहत सामग्री का काफिला पहुंचा झज्जर के छारा गांव में

अनुरोध में 10,000 फीट 8 इंच जल निकासी पाइप, चार 10 हॉर्स पावर मोटर और सभी आवश्यक विद्युत उपकरण और फिटिंग की मांग की गई थी। पंचायत ने अपने आवेदन में गांव में बाढ़ की गंभीरता और किसानों की दुर्दशा का विस्तृत विवरण दिया। ग्राम पंचायत के इस औपचारिक दृष्टिकोण ने संकट की गंभीरता और समुदाय की संगठित प्रतिक्रिया को दर्शाया।

किसानों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन

बाढ़ राहत कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए झज्जर जिले के विभिन्न किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने संयुक्त रूप से एक सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम का नाम “किसान संत गरीब दास गरिमा सम्मान समारोह” रखा गया है, जो 11 जनवरी 2026, रविवार को गाँव गिरावड़ में आयोजित होगा।

समारोह का स्थान मेन सोनीपत रोड, NH 334B पर वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज के सामने निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम के आयोजकों में सरपंच एसोसिएशन जिला झज्जर, समस्त खाप छारा 14 गामा खाप, गुलिया 24 गामा खाप, समस्त खाप जिला झज्जर, 36 बिरादरी की सरदारी जिला झज्जर, किसान यूनियन जिला झज्जर, और गिरावड़ के समस्त ग्रामवासी एवं ग्राम पंचायत शामिल हैं।

यह सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण समुदाय द्वारा उस सहायता की मान्यता है जो संकट के समय प्रदान की गई। किसान नेताओं के अनुसार, यह आयोजन समाज में सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

किसानों द्वारा दिए गए सम्मान

क्रमतिथिसम्मान का नामसम्मान देने वाली संस्था / समूहस्थान
112 अक्टूबर 2025मानवता रक्षक सम्मानमहम चौबीसी खापमहम, जिला रोहतक (हरियाणा)
208 नवम्बर 2025धर्मा रत्न सम्मान36 बिरादरी, पतानासोनीपत (हरियाणा)
309 नवम्बर 2025किसान रक्षक सम्मानकिसान संगठन
416 नवम्बर 2025किसान रक्षक सम्मानकुंडलियां ग्राम पंचायतबनाना (गुजरात)
524 नवम्बर 2025शील एवं स्मृति-चिन्ह से सम्मानपोल्ट्रीम जयंती आयोजन समितिहिसार (हरियाणा)
607 दिसम्बर 2025किसान मसीहा सम्मानकिसान प्रतिनिधि
709 दिसम्बर 2025भारत गौरव अवॉर्डकालिंगम फाउंडेशन / IICCनई दिल्ली
821 दिसम्बर 2025किसान रत्न सम्मानभारतीय किसान यूनियन (अयावत) एवं किसान संगठनगांव डाया, जिला हिसार (हरियाणा)
928 दिसम्बर 2025किसान जीवन रक्षक सम्मानजुलाना बारहा खाप एवं सरपंच एसोसिएशनशाहपुर, जिला जींद (हरियाणा)
1001 जनवरी 2026जन सेवक रत्न सम्मानसरपंच एसोसिएशन हांसी ब्लॉक-1 एवं टीम नरेशहांसी, हरियाणा
11 04 जनवरी 2026किसान गौरव सम्मानबालंद में 105 गांवों और सरपंच एसोसिएशन बालंद, रोहतक

राहत कार्य का व्यापक प्रभाव

अन्नपूर्णा मुहिम के तहत किए गए कार्यों ने न केवल तत्काल राहत प्रदान की, बल्कि दीर्घकालिक लाभ भी सुनिश्चित किए। गांवों को प्रदान किए गए उपकरण भविष्य में भी उपयोग में लाए जा सकेंगे, जिससे समुदाय की आपदा प्रबंधन क्षमता में वृद्धि हुई है। इस पहल ने यह भी दर्शाया कि गैर-सरकारी संगठन और सामाजिक संस्थाएं किस प्रकार आपदा राहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

स्थानीय किसानों का कहना है कि इस सहायता के बिना फसल का नुकसान कहीं अधिक गंभीर होता और कई परिवारों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बिगड़ जाती। तेज और प्रभावी जल निकासी ने कम से कम कुछ खेतों में देर से बुवाई की संभावना बनाई, जिससे किसानों को कुछ आर्थिक सहारा मिल सका।

आगामी 11 जनवरी के सम्मान समारोह में झज्जर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेने की अपेक्षा है। यह आयोजन हरियाणा के ग्रामीण समुदाय में सामाजिक सहयोग और कृतज्ञता की एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति माना जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए विजिटि करें:  

  • Website: www.jagatgururampalji.org
  • YouTube: Sant Rampal Ji Maharaj
  • Facebook: Spiritual Leader Saint Rampal Ji
  • ‘X’ handle: @SaintRampalJiM

    Latest articles

    ​चूली कलां (हिसार, हरियाणा) में संत रामपाल जी महाराज ने मोटर और पाइप देकर बचाई फसल

    हरियाणा राज्य के हिसार जिले के अंतर्गत आने वाली आदमपुर तहसील का चूली कलां...

    प्रलयकारी बाढ़ के बीच मसीहा बन कर आए संत रामपाल जी महाराज: मालवी गाँव की बदली तक़दीर

    हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील में स्थित मालवी गाँव की गलियों में...

    The Jallianwala Bagh Massacre: 1650 shots fired, Nation wounded forever

    Last Updated on 4 April 2026 IST: Jallianwala Bagh Hatyakand (Jallianwala Bagh Massacre):The Jallianwala...
    spot_img

    More like this

    ​चूली कलां (हिसार, हरियाणा) में संत रामपाल जी महाराज ने मोटर और पाइप देकर बचाई फसल

    हरियाणा राज्य के हिसार जिले के अंतर्गत आने वाली आदमपुर तहसील का चूली कलां...

    प्रलयकारी बाढ़ के बीच मसीहा बन कर आए संत रामपाल जी महाराज: मालवी गाँव की बदली तक़दीर

    हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील में स्थित मालवी गाँव की गलियों में...