Kabir Prakat Diwas: सतलोक आश्रम सोजत में 627वें कबीर प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में महा-समागम

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Kabir Prakat Diwas 2024: प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास की पूर्णमासी को कबीर साहेब जी का प्रकट दिवस मनाया जाता है। पिछले साल 4 जून 2023 को यह पर्व विभिन्न कबीर पंथियों द्वारा मनाया गया था। इसी प्रकार इस वर्ष भी 22 जून 2024 को कबीर प्रकट दिवस [Kabir Prakat Diwas 2024] मनाया जाएगा। यह पर्व संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा भव्य रूप से मनाया जाता है। जिसमें वे तीन दिवसीय महा-समागम का आयोजन देश-विदेश के विभिन्न सतलोक आश्रमों में करते हैं। जिसमें से एक सतलोक आश्रम है राजस्थान प्रांत के पाली जिले के शहर सोजत में। सतलोक आश्रम सोजत में कबीर प्रकट दिवस को लेकर क्या-क्या तैयारियां शुरू हो चुकी है? जानते हैं इस लेख में —

वैसे तो अन्य महापुरुषों की जयंती (जन्मदिन) मनाई जाती है; किन्तु एकमात्र कबीर साहेब जी का प्रकट दिवस मनाया जाता है। चूँकि अन्य महापुरुषों का जन्म माता के गर्भ से होता है और उनका पालन-पोषण भी माँ के दूध से होता है। वहीं कबीर साहेब जी ने किसी माता से जन्म नहीं लिया और उनका पालन-पोषण कुँवारी गाय के दूध से हुआ था। जिसका प्रमाण कबीर साहेब जी की जीवनी में मिलता है। कबीर जी ने अपनी वाणी में कहा है —

“ना मेरा जनम ना गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया। 

काशी नगर जल कमल पर डेरा, तहां जुलाहे ने पाया।।” 

कबीर साहेब जी स्वयं पूर्ण परमात्मा के अवतार थे। वे चारों युगों में ही ऐसी लीला करते आए हैं। 626 वर्ष पूर्व कबीर साहेब जी सतलोक से सशरीर उत्तरप्रदेश के काशी शहर में लहर तारा नामक सरोवर में स्थित कमल के फूल पर प्रकट हुए थे, जिन्हें नीरु-नीमा नामक वृद्ध जुलाहे दंपति उठाकर ले गए थे, जहां वे 120 वर्ष लीला करके सशरीर ही वापस सतलोक चले गए थे। इसलिए उनकी जयंती नहीं बल्कि प्रकट दिवस मनाया जाता है। 

सतलोक आश्रम सोजत में आगामी कबीर प्रकट दिवस [Kabir Prakat Diwas 2024] की तैयारियाँ अभी से प्रारंभ हो चुकी है। 22 जून को कबीर प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में आदरणीय संत गरीब दास जी महाराज की अमर वाणी का 3 दिवसीय अखंड पाठ, दिव्य भंडारा, रक्तदान-देहदान शिविर, सैंकड़ों दहेज रहित विवाह और आध्यात्मिक प्रदर्शनी जैसे अनेकों गतिविधियां 20, 21 और 22 जून को सतलोक आश्रम सोजत सहित संत रामपाल जी महाराज जी के विभिन्न 11 सतलोक आश्रमों में होंगी। 

आगामी महा-समागम के लिए सतलोक आश्रम सोजत में अभी से लोगों को आमंत्रण दिया जा रहा है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी कबीर प्रकट दिवस के बारे में पोस्ट साझा किए जा रहे हैं। दहेज़ रहित विवाह की भी तैयारियां की जा रही है। साथ ही, लोगों के आकर्षण केंद्र आध्यात्मिक प्रदर्शनी की भी तैयारियां प्रारंभ की जा चुकी है। 

सतलोक आश्रम सोजत में 20, 21 और 22 जून 2024 को [Kabir Prakat Diwas 2024] कबीर परमेश्वर जी के प्रकट दिवस के अवसर पर 3 दिवसीय विशाल भंडारे का भी आयोजन होगा, जिसमें लड्डू, जलेगी, बर्फी, हलवा, पूरी तथा देसी घी से निर्मित विभिन्न खाद्य पदार्थों की उपलब्धता रहेगी। जो कि 3 दिनों तक चौबीसों घण्टे अनवरत चलेंगे। 

भंडारे की विशेषताएं

  • साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। 
  • खाने में देसी-घी का प्रयोग किया जाता है। 
  • बिना भेदभाव के, चाहे कोई अमीर हो या गरीब, बड़ा अधिकारी हो या कोई फकीर सभी को एक साथ, एक ही पंक्ति में बैठाकर भंडारा परोसा जाता है। 
  • दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को रास्ते का भोजन भी पैकिंग करके दिया जाता है। 

इस महा-समागम में संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों द्वारा पूरे विश्व को आमंत्रित किया जा रहा है। नेपाल सहित भारत के 11 सतलोक आश्रमों में यह पर्व मनाया जा रहा है। पूरे विश्व से कोई भी व्यक्ति अपने नजदीकी सतलोक आश्रम में पहुंच कर इस महा-समागम में शामिल होकर पुण्य का भागी हो सकता है। वहीं सतलोक आश्रम सोजत में गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के विभिन्न जिलों से संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी शामिल होंगे। 

सतलोक आश्रम सोजत में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रहने, खाने तथा स्नानागृह व शौचालयों की समुचित व्यवस्था की गई है, जो कि पुर्णतः निःशुल्क रहती है। श्रद्धालुओं व उनके सामानों की सुरक्षा तथा लाखों की भीड़ में भी अनुशासन को बनाए रखने के लिए संत जी के अनुयायी चौबीसों घंटे सिक्युरिटी की सेवा देते हैं। माताओं व भाइयों वाले पंडाल में भिन्न-भिन्न मोबाइल फोन चार्जिंग की व्यवस्था की जाती है। आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए सुव्यवस्थित निःशुल्क पार्किंग की भी व्यवस्था की जाती है। इस आश्रम में माताओं-बहनो तथा पुरुषों के लिए भिन्न-भिन्न पंडाल की व्यवस्था है। इस आश्रम में सबसे अधिक प्रभावित और आकर्षित करने वाली व्यवस्था है कि यहां पर कोई भी व्यक्ति नशीली वस्तुओं का सेवन करते हुए नहीं पाया जाता है। यहां पर पांच प्रकार के यज्ञ होते हैं, जिससे वातावरण मन को शांति प्रदान करने वाला होता है। जैसे – धर्म यज्ञ(दान), ध्यान यज्ञ, हवन यज्ञ, प्रणाम यज्ञ और ज्ञान यज्ञ। 

सतलोक आश्रम सोजत जोधपुर–उदयपुर स्टेट हाईवे- 58 (राजस्थान राज्य राजमार्ग 162) पर स्थित है, जो कि सोजत शहर से 10 किलोमीटर दूर है। यह आश्रम सोजत रोड जंक्शन रेल्वे स्टेशन से 20 किलोमीटर तथा सोजत बस स्टैंड से 9 किलोमीटर और पाली शहर से 45 किलोमीटर की दूरी पर है। यह आश्रम जोधपुर एयरपोर्ट से 75 किलोमीटर दूर है। अजमेर से 140 किलोमीटर, जयपुर से 270 किलोमीटर और उदयपुर से 190 किलोमीटर की दूरी पर है। इस प्रकार आप निजी वाहन, बस, ट्रेन, फ्लाईट या ऑटो किसी भी वाहन के द्वारा सतलोक आश्रम सोजत पहुँच सकते हैं।

सतलोक आश्रम सोजत में आने-जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए सोजत रोड, मारवाड़ जंक्शन व सोजत सिटी से निःशुल्क बस व ऑटो की व्यवस्था भी आश्रम द्वारा की गई है। 

सच्चा संत कौन है?

पूरे विश्व में एकमात्र सच्चा संत केवल संत रामपाल जी महाराज जी हैं। जिन्होंने सभी धर्मों के पवित्र सद्ग्रंथों से प्रमाणित ज्ञान बताया है और पूर्ण परमात्मा की सच्ची भक्ति बताई है। 

कबीर साहेब प्रकट दिवस क्यों मनाया जाता है?

आज से 626 वर्ष पूर्व पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष पूर्णमासी को काशी (उत्तरप्रदेश) के लहर तारा नामक सरोवर में सशरीर प्रकट हुए थे। उसी दिन की याद में प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष पूर्णमासी को कबीर साहेब जी का प्रकट दिवस मनाया जाता है। 

सतलोक आश्रम सोजत कैसा है?

सतलोक आश्रम सोजत देखने में बहुत ही आकर्षक है। वहां का वातावरण मन को शांति प्रदान करने वाला होता है क्योंकि वहां नित्य तीनों संध्या की आरती होती है। सत्संग होता। वहां नशीले पदार्थों का सेवन वर्जित है। वहाँ छोटे-बड़े या जाति-मजहब का भेदभाव बिल्कुल भी नहीं है।

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