Kabir Nirwan Diwas Saheb Video | निर्वाण दिवस पर दहेज मुक्त शादी (रमैनी) कार्यक्रम सम्पन्न | SA News

Published on

spot_img

Kabir Nirwan Diwas Video | वेद बताते हैं कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर ही अपनी निज अमरधाम को वापिस चला जाता है अर्थात उसकी मृत्यु नहीं होती। माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि. स. 1575, सन् 1518 को कबीर परमेश्वर जी हजारों लोगों के सामने सशरीर अपने निज धाम सतलोक को चले गए थे। उनके स्थान पर सुगंधित फूल मिले थे। इसी दिन के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष की भांति इस साल 2023 में भी संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में कबीर परमेश्वर का निर्वाण दिवस 30, 31 जनवरी और 1 फरवरी को मनाया गया। जिसमें तीन दिवसीय अखंड पाठ, खुला भण्डारा, रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। वहीं दहेज नामक कुप्रथा को समाज से पूर्णतः समाप्त करने के लिए निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य पर दहेज रहित शादी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों जोड़ों के संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में केवल 17 मिनट में दहेज मुक्त विवाह साधारण तरीके से संपन्न हुए। देखिये निर्वाण दिवस कार्यक्रम की यह वीडियो….

#KabirNirwanDiwas #KabirNirvanDiwas #SantGaribdasJi #SantRampalJiMaharaj #SaintRampalJi #SatlokAshram #NirwanDiwas #Haryana #Punjab #Rajasthan #UttarPradesh #MadhyaPradesh #Delhi #India #Nepal #HindiNews #HindiNewsVideo #SANews #LatestNews 

Latest articles

Police  Commemoration Day 2026: A Day of Reflection and Remembrance

Last Updated on 16 Ocotober 2026 IST: Every year Police Commemoration Day is observed...

देशभर से पहुंचे लोगों ने संत रामपाल जी महाराज के सामने रखीं जनसेवा से जुड़ी बातें

अलग-अलग राज्यों और गांवों से किसान, गौशाला प्रधान, सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि, समाजसेवी और ग्रामीण...

संकट में उम्मीद की किरण: संत रामपाल जी महाराज समाज सुधार और जनहित के कार्यों से बदल रहे है अंचलों की तकदीर

आज के दौर में जब आम आदमी बुनियादी समस्याओं और प्राकृतिक आपदाओं के सामने...
spot_img

More like this

Police  Commemoration Day 2026: A Day of Reflection and Remembrance

Last Updated on 16 Ocotober 2026 IST: Every year Police Commemoration Day is observed...

देशभर से पहुंचे लोगों ने संत रामपाल जी महाराज के सामने रखीं जनसेवा से जुड़ी बातें

अलग-अलग राज्यों और गांवों से किसान, गौशाला प्रधान, सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि, समाजसेवी और ग्रामीण...