Jagdeep Dhankhar – भारतवर्ष के 14वें उपराष्ट्रपति, जानिए कौन है जगदीप धनखड़ 

Date:

6 अगस्त 2022 को हुए उपराष्ट्रपति के चुनाव में,भारतीय जनता पार्टी से उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी श्री जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) जी ने 346 वोट से जीत हासिल की है। जगदीप धनखड़ जी ने अपनी प्रतिद्वंदी श्री मार्गरेट अल्वा जी को 74.64 फीसदी वोट से हराकर भारत के उपराष्ट्रपति के चुनाव में जीत हासिल की है। जगदीप धनखड़ जी पश्चिम बंगाल के 28वे राज्यपाल रह चुके हैं। वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के वकील भी रह चुके हैं।

Jagdeep Dhankhar India’s 14th VP: मुख्य बिन्दु

  • भारत के नए उपराष्ट्रपति के रूप में शनिवार को जगदीप धनखड़ चुन लिए गए।
  • राजस्थान के झुंझुनू जिले के गांव में एक किसान परिवार में उनका जन्म 18 मई 1951 को हुआ।
  • भौतिक विज्ञान स्नातक (आनर्स) और एलएलबी करने के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में वकालत की।
  • राजस्थान में उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, ओलंपिक संघ और टेनिस संघ के अध्यक्ष रहे।
  • 1989 में राजनीति में आए और विधानसभा, लोकसभा के सदस्य और केन्द्रीय राज्य मंत्री रहे।
  • 30 जुलाई 2019 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बने और 17 जुलाई 2022 को इस्तीफा दिया।
  • राज्यपाल के पद पर होते हुए इनके ममता बनर्जी जी से काफी विवाद हुए।
  • वर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल पूरा होने पर धनखड़ 11 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।

Jagdeep Dhankhar India’s 14th VP: जगदीप धनखड़ 14वें  उपराष्ट्रपति निर्वाचित 

भारत का उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है जिसपर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ चुने गए। एनडीए उम्मीदवार धनखड़ ने शनिवार को विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के खिलाफ उपराष्ट्रपति चुनाव जीता। उपराष्ट्रपति को संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य चुनते हैं। संसद में सदस्यों की मौजूदा संख्या 780 है अकेले बीजेपी के 394 सांसद हैं जबकी जीत के लिए 390 से ज्यादा मतों की जरूरत होती है। वर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को पूरा हो जाएगा। जगदीप धनखड़ 11 अगस्त को नए उपराष्ट्रपति का कार्यभार संभालेंगे।  

जन्म व प्रारंभिक जीवन

भारत के 14वे निर्वाचित उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई, 1951 में राजस्थान के जिला झुंझुनूं के किठाना गाँव में हुआ था। हिन्दू जाट परिवार में जन्मे जगदीप, चौधरी गोकल चांद और केशरी देवी की चार संतानों में से एक हैं। इनके बड़े भाई का नाम कुलदीप धनखड़ है, जो कि वर्तमान में राजनेता है और इनके छोटे भाई का रणदीप धनखड़ है। इनकी बहन का नाम इंद्रा धनखड़ है। अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय किठाना से और धरधाना विद्यालय से की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने सैनिक विद्यालय, चित्तौड़गढ़ को चुना।  उन्होंने बीएससी (ऑनर्स) भौतिकी विषय में और एल एल बी की पढ़ाई राजस्थान विश्व विद्यालय जयपुर से की। वर्ष 1979 में इनका विवाह स्व. चौधरी होशियार सिंह व भगवती देवी की इकलौती पुत्री डा. सुदेश धनखड़ से हुआ। इनकी केवल एक बेटी है जिनका नाम कामना धनखड़ है।

व्यवसाय

इन्होंने एल एल बी की पढ़ाई खत्म करने के बाद सन 1979 में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान में वकील के रूप में प्रवेश पाया। सन 1987 में, वकालत का कार्य करते करते, अपनी काबिलियत के दम पर धनखड़ जी को बार एसोसिएशन ऑफ राजस्थान का अध्यक्ष घोषित किया गया। धनखड़ जी, 36 साल की उम्र में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बनने वाले पहले व्यक्ति थे। इसके पश्चात 27 मार्च, 1990 को धनखड़ जी उच्च न्यायालय राजस्थान के वरिष्ठ अधिवक्ता बने जहां इन्होंने 29 वर्ष 2019 तक काम किया। सन 1990 में ही धनखड़ ने सर्वोच्च न्यायालय में वकालत की। इन्होंने अनेक उच्च न्यायालयों में मुकदमें लड़े। 

 Jagdeep Dhankhar का राजनैतिक जीवन

वर्ष 1988 में जनता दल में सम्मिलित होकर, जगदीप ने अपने जीवन के राजनीतिक सफर में पहला कदम रखा। सन 1989 में ही जनता दल के साथ मिलकर, 9वां  लोकसभा चुनाव लड़कर, सांसद बने। इस पद पर वे सन 1991 तक रहे। इसी बीच उन्हें संसद के केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। 1991 के अंत में जगदीप जी ने संसद सदस्य पद से इस्तीफा देकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से हाथ मिलाया। 1993 में इन्होंने कांग्रेस के साथ रहकर 10वें  विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और ये राजस्थान के किशनगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से विधायक (MLA) चुने गए। 

■ Also Read | President Election Result 2022: पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति चुनी गईं द्रौपदी मुर्मू  

वर्ष 2003 में इन्होंने कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया और एक अंतराल के बाद ये 2008 में भारतीय जनता पार्टी में आ गए। भाजपा ने इन्हें 2008 में विधानसभा चुनाव अभियान समिति का सदस्य नियुक्त किया। 30 जुलाई 2019 को जगदीश धनखड़ को, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पश्चिम बंगाल के 28वें  राज्यपाल के पद पर नियुक्त किया गया। इसके बाद धनखड़ को सन 2019 में ही पूर्व क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इन्होंने राजस्थान जाट आरक्षण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनका राजनैतिक कार्यकाल 30 वर्ष रहा। 

राज्यपाल के पद पर होते हुए इनके ममता बनर्जी जी से काफी विवाद हुए और 17 जुलाई 2022 को इन्होंने राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया। 6 अगस्त 2022 में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में इन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी मार्गरेट अल्वा को मात देकर बड़ी विजय प्राप्त की। 11 अगस्त को पद और गोपनीयता की शपथ लेकर भारत के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक उपराष्ट्रपति पद को सुशोभित करेंगे।   

Jagdeep Dhankhar India’s 14th VP: भारत के नए उपराष्ट्रपति का परिचय एक नजर में 

  • धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझुनू जिले के किठाना गांव में एक किसान परिवार में हुआ।
  • जगदीप धनखड़ की प्राथमिक शिक्षा किठाना गांव के स्कूल में हुई। आगे की स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल, चित्तौड़गढ़ में हुई। राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से भौतिक विज्ञान में स्नातक (आनर्स) करने के बाद एलएलबी कर कानून की डिग्री अर्जित की।
  • जगदीप धनखड़ का विवाह हरियाणा राज्य के महेंद्रगढ़ जिले की सतनाली तहसील में स्व. चौधरी होशियार सिंह व भगवती देवी की इकलौती पुत्री डा. सुदेश धनखड़ के साथ एक फरवरी 1979 में हुआ। उनकी एक बेटी कामना धनखड़ हैं।  
  • धनखड़ ने अपने स्कूल के दिनों में क्रिकेट को अपनाया, अध्यात्म और ध्यान में भी उनकी गहरी रुचि थी।
  • खेल प्रेमी धनखड़ राजस्थान ओलंपिक संघ और राजस्थान टेनिस संघ के अध्यक्ष रहे।
  • प्रमुख वकील के रूप में धनखड़ ने राजस्थान उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों में अभ्यास किया। वह राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे।
  • 1989 में राजनीति में आए और राजस्थान के झुंझुनू से लोकसभा के लिए चुने गए।
  • चंद्रशेखर के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री रहे।
  • 1993-1998 राजस्थान विधान सभा में अजमेर जिले के किशनगढ़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
  • पहले जनता दल और कांग्रेस से जुड़े धनखड़ 2008 में भाजपा में शामिल हुए।
  • राजस्थान में जाट समुदाय को ओबीसी का दर्जा दिलाने का समर्थन किया।
  • 30 जुलाई 2019 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बने और 17 जुलाई 2022 को इस्तीफा दे दिया।
  • राज्यपाल के पद पर होते हुए इनके ममता बनर्जी जी से काफी विवाद हुए। नियम पुस्तिका और संविधान का हवाला देकर दीदी के साथ तकरार में रहे। टीएमसी ने उन पर ‘भाजपा के एजेंट’ के रूप में काम करने का आरोप लगाया। 
  • भारत के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद उपराष्ट्रपति के लिए जगदीप धनखड़ को शनिवार को विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के 182 वोट के खिलाफ 528 वोट मिले।
  • वर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन बाद धनखड़ 11 अगस्त को पद की शपथ लेंगे।

आखिर क्या है वो परम पद

पवित्र श्रीमदभगवतगीता के अध्याय 15 श्लोक 4 में कहा है कि ‘‘तत्त्वज्ञान की प्राप्ति के पश्चात् परमेश्वर के उस परम पद की खोज करनी चाहिए जहाँ जाने के पश्चात् साधक कभी लौटकर संसार में नहीं आता।‘‘ गीता जी में यह भी कहा है कि, तत्वज्ञान अर्थात परमात्मा प्राप्ति के मार्ग की जानकारी होने के पश्चात साधक को परम पद अर्थात अमरत्व (सनातन परम धाम) की खोज करनी चाहिए जिससे उसका जन्म – मरण का चक्र सदा के लिए समाप्त हो जायेगा। वो साधक, जो ऐसा करता है, कभी संसार में लौटकर वापस नही आता। वर्तमान में वह तत्वज्ञान एकमात्र संत रामपाल जी महाराज के पास उपलब्ध है। 

कबीर परमेश्वर अपनी वाणी में कहते है कि  

अगम निगम को खोज ले, बुद्धि विवेक विचार।

उदय अस्त का राज मिले, तो बिन नाम बिगार ।।

हे  मनुष्य ! यदि आपको सारी पृथ्वी का भी राज मिल जाए तो भी एक परमेश्वर के नाम बिना सब व्यर्थ है। मनुष्य जीवन सिर्फ परमात्मा प्राप्ति के लिए ही मिलता है। भक्ति के बिना मनुष्य जीवन का कोई सार नहीं है। इस समय में शास्त्रों के अनुसार भक्ति सिर्फ संत रामपालजी महाराज के पास है। उनसे नाम दीक्षा लेकर अपना मनुष्य जीवन सफल बनाए। 

FAQs about Jagdeep Dhankhar (Hindi)

प्रश्न: भारत के नए उपराष्ट्रपति कौन चुने गए हैं ? 

उत्तर: 6 अगस्त 2022 को हुए उपराष्ट्रपति के चुनाव में एनडीए प्रत्याशी श्री जगदीप धनखड़  ने जीत हासिल की है। 71 वर्ष की उम्र में, जगदीप भारत के 14वे उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। वर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन बाद धनखड़ 11 अगस्त को पद की शपथ लेंगे।

प्रश्न: जगदीप धनकर जी का जन्म कहा हुआ था ? 

उत्तर:  जगदीप धनखड़ का जन्म 1951 में राजस्थान के जिला झुंझुनूं  में एक छोटे से गाँव किठाना में, एक किसान (जाट) परिवार में हुआ था।

प्रश्न: जगदीप धनखड़ क्या कार्य करते थे ?

उत्तर: पेशे से वकील जगदीप धनखड़ ने उच्च न्यायालय राजस्थान और सर्वोच्च न्यायालय में वकालत का कार्य किया है। वे राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के अध्यक्ष भी रहे थे। उन्होंने सन 1990 में राजनीति में कदम रखा। चंद्रशेखर के प्रधानमंत्री रहते समय वे राज्य मंत्री रहे। 30 जुलाई 2019 को जगदीश धनखड़ पश्चिम बंगाल के 28वे राज्यपाल बनाए गए। 

प्रश्न: जगदीप जी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल कब बने ?

उत्तर: 30 जुलाई 2019 को जगदीश धनखड़ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा पश्चिम बंगाल के 28वे  राज्यपाल बनाए गए। 

प्रश्न: जगदीप धनखड़ जी की शैक्षणिक योग्यता क्या है?

उत्तर: जगदीप धनखड़ की प्राथमिक शिक्षा किठाना गांव के स्कूल में हुई। आगे की स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल, चित्तौड़गढ़ में हुई। राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से भौतिक विज्ञान स्नातक (आनर्स) करने के बाद एलएलबी कानून की डिग्री ली।

About the author

Administrator at SA News Channel | Website | + posts

SA News Channel is one of the most popular News channels on social media that provides Factual News updates. Tagline: Truth that you want to know

SA NEWS
SA NEWShttps://news.jagatgururampalji.org
SA News Channel is one of the most popular News channels on social media that provides Factual News updates. Tagline: Truth that you want to know

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

19 + 15 =

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Know About 3rd Largest Air Force of the World on Indian Air Force Day

Indian Air Force Day 2021: Indian Air Force, one of the arms of the Indian Armed Forces, will be celebrating its 89th anniversary on October 8th. Complete rehearsal for the air display show was performed on October 6th at the Hindon base in Ghaziabad. Read the full story to know about it in complete detail.

World Teachers’ Day 2022: Find an Enlightened Teacher to Unfold the Mystery of Birth & Death

The World Teachers' Day presents the chance to applaud the teaching profession worldwide. Know its Theme, History, Facts along with the Enlightened Teacher.

World Animal Day 2022: How Many Species of Animals Can Be Saved Which Are on the Verge of Extinction?

Every year on 4 October, the feast day of Francis of Assisi, the patron saint of animals, World Animal Day, or World Animal Welfare Day, is observed. This is an international action day for animal rights and welfare. Its goal is to improve the health and welfare of animals. World Animal Day strives to promote animal welfare, establish animal rescue shelters, raise finances, and organize activities to improve animal living conditions and raise awareness. Here's everything you need to know about this attempt on World Animal Day which is also known as Animal Lovers Day. 

Dussehra in Hindi | दशहरा (विजयादशमी) 2022: किस ज्ञान से हमारे अंदर का रावण समाप्त होगा?

दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किए जाने के उपलक्ष्य में दशहरा मनाया जाता है। दशहरा का त्योहार दीपावली से कुछ दिन पूर्व मनाया जाता है। इस बार 07 अक्टूबर को नवरात्रि शुरु हुई है वहीं विजया दशमी (दशहरा 2021) का पर्व 15 अक्टूबर के दिन मनाया जाएगा।
World Teachers’ Day 2022: Find an Enlightened Teacher to Unfold the Mystery of Birth & Death World Animal Day 2022: How Many Species of Animals Can Be Saved Which Are on the Verge of Extinction? How Ravana was Killed by the Supreme God [Explained]