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Holi Festival 2020 (Hindi): हमें होली ऐसे मनानी चाहिए?

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आज हम आप को Holi 2020 Festival के बारे में विस्तार से Hindi में बताएँगे, जैसे 2020 में होली कब है? (when is Holi in 2020), होलिका दहन की कहानी (Story of the Holika Dahan), हमें होली कैसे मनानी चाहिए (How should we celebrate Holi?) आदि.

Table of Contents

होली का त्योहार-Holi Festival 2020 (Hindi)

होली का त्यौहार (Holi Festival in Hindi) भारत में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्यौहार बसंत ऋतु, फाल्गुन महीने में मनाया जाता है। भारत के अतिरिक्त यह पर्व नेपाल में भी मनाया जाता है। इस पर्व को सभी उम्र के लोग मनाते हैं।

2020 में होली कब है-When is Holi in 2020?

2020 में होली (Holi) 10 मार्च को है यानी होली का पर्व इस वर्ष 10 मार्च को मनाया जायेगा। होली सभी की जिंदगी में नये रंग लेकर आता है। यह हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है, जिसे वे बहुत उल्लास के साथ मनाते हैं।

होलिका दहन की कहानी-Story of Holika Dahan in Hindi

होली से सम्बन्धित एक कथा (Holi Story in Hindi) है जिसके अनुसार एक नगर में हिरण्यकश्यप नाम का दानव राजा था। वह सभी को अपनी पूजा करने को कहता था, लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का उपासक था व राम नाम जपता था। हिरण्यकश्यप ने बुलाकर राम का नाम न जपने को कहा तो प्रहलाद ने स्पष्ट कहा, पिताजी! परमात्मा ही समर्थ है। प्रत्येक कष्ट से परमात्मा ही बचा सकता है। मानव समर्थ नहीं है। यदि कोई भक्त साधना करके कुछ शक्ति परमात्मा से प्राप्त कर लेता है तो वह सामान्य व्यक्तियों में तो उत्तम हो जाता है, परंतु परमात्मा से उत्तम नहीं हो सकता।

■ Story of the Holika Dahan (Hindi): परमात्मा ही श्रेष्ठ है। वही समर्थ है। यह बात भक्त प्रहलाद से सुनकर अहंकारी हिरण्यकश्यप क्रोध से लाल हो गया और नौकरों-सिपाहियों से बोला कि इसको ले जाओ मेरी आँखों के सामने से और जंगल में सर्पों में डाल आओ। सर्प के डसने से यह मर जाएगा। ऐसा ही किया गया। परंतु प्रहलाद मरा नहीं, सर्पों ने डसा नहीं। आराम से सो रहा था।

Read in English: How To Celebrate Real Holi?

सुबह धूप से बचाने के लिए सर्प प्रहलाद भक्त पर अपने फन फैलाकर छाया किए हुए थे। राजा ने कहा कि जाओ, जंगल से शव उठा लाओ। सिपाही गए तो प्रहलाद सुरक्षित था। सर्प इधर-उधर चले गए। सिपाहियों ने सब देख लिया था। प्रहलाद को मरा जान उठाने लगे तो प्रहलाद अपने आप उठ खड़ा हुआ। प्रहलाद की आयु दस वर्ष थी। फिर पर्वत से फैंकवाया। प्रहलाद फूलों के घने पौधों के ऊपर गिरा, मरा नहीं।

फिर प्रहलाद की बुआ होलिका अपने भाई हिरण्यकश्यप की आज्ञा से चिता के ऊपर प्रहलाद जी को गोद में (गोडों में) लेकर बैठ गई। होलिका के पास एक चद्दर थी। उसको ओढ़कर यदि अग्नि में प्रवेश कर जाए तो जलता नहीं था। उस चद्दर को ओढ़कर अपने को पूरा ढ़ककर प्रहलाद को उससे बाहर गोडों में बैठा लिया। कहा, बेटा! देख मैं भी तो बैठी हूँ। कुछ नहीं होगा तेरे को। अग्नि लगा दी गई। परमात्मा ने शीतल पवन चलाई। तेज आँधी आई।

यह भी पढ़ें: होली (Holi) 2019

होलिका के शरीर से चद्दर उड़कर प्रहलाद भक्त को पूरा ढ़क लिया। होलिका जलकर राख हो गई। भक्त को आँच नहीं आई। प्रहलाद जी का विश्वास बढ़ता चला गया। ऐसे-ऐसे चौरासी कष्ट भक्त को दिए गए, परंतु परमात्मा ने भक्त के विश्वास को देखकर उसकी दृढ़ता से प्रसन्न होकर उसके पतिव्रत धर्म से प्रभावित होकर प्रत्येक संकट में सहायता की। तब से ही होलिका दहन (Holika Dahan) की परम्परा शुरू हो गई जिसे आज तक लोग मना रहे है।

हमें होली कैसे मनानी चाहिए-How should we celebrate Holi?

सभी होली बहुत उत्साह के साथ मनाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है हमें होली कैसे मनानी चाहिए (How should we celebrate Holi?) होली का त्यौहार रंगों का त्यौहार है। क्या आपको वह विधि पता है, जिससे हर दिन हमारी जिंदगी रंगों से भरी रहे। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक सच्चा गुरु हमारे हर दिन को खूबसूरत रंगो से भर सकता है। उस सच्चे गुरू की बताई विधि से हमें प्रहलाद जैसे लाभ होंगे और भगवान पल पल हमारी मदद करेगा। सच्चा गुरू हमें उस पूर्ण परमात्मा की भक्ति बताता है, जिससे हर दिन होली के त्यौहार (Holi 2020 Festival Hindi) जैसा गुजरेगा।

होली (Holi) 2020 पर जानिए सर्वश्रेष्ठ परमात्मा कौन है?

आज हम आप को होली (Holi) 2020 के अवसर पर सुखदायी परमात्मा के बारे में प्रमाण सहित बताएंगे की वह कौन है तथा कहाँ रहता है?

1.श्री गुरु नानक साहेब जी ने अपनी वाणी में स्पष्ट किया है वह पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब हैं।

एक सुआन दुई सुआनी नाल, भलके भौंकही सदा बिआल।
कुड़ छुरा मुठा मुरदार, धाणक रूप रहा करतार।।

प्रमाण:- गुरु ग्रन्थ साहिब के राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1 पृष्ठ नं. 24 पर शब्द नं. 29.

यक अर्ज गुफतम् पेश तो दर कून करतार।
हक्का कबीर करीम तू बेअब परवरदिगार।
नानक बुगोयद जन तुरा तेरे चाकरां पाखाक।

प्रमाण:- श्री गुरु ग्रन्थ साहेब पृष्ठ नं. 721, राग तिलंग महला 1:श्री गुरु नानक साहेब जी ने अपनी अमृत वाणी में स्पष्ट रूप से कबीर साहेब का जिक्र किया है। श्री गुरु नानक साहेब जी ने यह स्पष्ट रूप से लिखा है जो जिंदा महात्मा रूप में मिले थे वो कोई और नहीं, बल्कि काशी वाले कबीर साहेब थे।

हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदीगार।
नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक”

■ इसी का प्रमाण गुरु गुरुग्रन्थ साहेब पृष्ठ 721 पर अपनी अमृतवाणी महला 1 में है ।

प्रमाण-: ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 1: पूर्ण परमात्मा कविर्देव मनुष्य के बच्चे के रूप में प्रकट होता है। वह अपनी वाणी को सरल भाषा में अपने मुख से लोगों तक पहुंचाता है।

प्रमाण:-पवित्र कुरान शरीफ के अध्याय सूरत फुर्कानी सं. 25, आयत 52 से 59: कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा हैं। इसका प्रमाण श्री कुरान शरीफ में भी मिलता है।

पवित्र बाईबल में भी यही प्रमाण है कि उस परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया। इससे सिद्ध है कि प्रभु भी मनुष्य जैसे शरीर युक्त है।

Holi 2020 Quotes in Hindi

“सत्यनाम पालड़े रंग होरी  (होली)हो,
तो न तुले तुलावे राम रंग होरी हो”।~Holi 2020 Quotes in Hindi

“समर्थ का शरणा गहो, रंग होरी हो।
कदै न हो अकाज राम रंग होरी हो”।।

Holi-2020-Quotes-wishes-images-photos-Hindi

“गगन मंडल बिच होरी मची है, कोई गुरु गम तें लखि पाई।
सबद डोर जहं अगर ढरतु है, सोभा बरनि न जाई”।

“फगुवा नाम दियो मोहिं सतगुरु, तन की तपन बुझाई।
कहै कबीर मगन भइ बिरहिनि, आवागवन नसाई”।~ Holi 2020 Quotes in Hindi

Holi festival 2020 (Hindi)-सच्चे गुरु की क्या पहचान है?

  1. गीता अध्याय 15 श्लोक 1 में तत्वदर्शी सन्त की पहचान बताई है कि तत्वदर्शी संत संसार रुपी वृक्ष के सर्व भागों को सही-सही बताता है।
  2. श्रीमदभगवत गीता के अध्याय नं 15 के श्लोक न. 1 से 4 तथा श्लोक न. 16 व 17 मे प्रमाण है। जो संत उल्टे लटके संसार रूपी वृक्ष के सभी हिस्सों को समझा देगा, वही पूर्ण संत है।
  3. यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात् सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके जो विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा बताएगा, सुबह पूर्ण परमात्मा की पूजा, दोपहर को विश्व के देवताओं का सत्कार व संध्या आरती अलग से बताएगा वह जगत का उपकारक संत होता है।
  4. पूर्ण संत का वर्णन कबीर सागर ग्रंथ पृष्ठ नं. 265 बोध सागर में मिलता है व गीता जी के अध्याय नं. 17 श्लोक 23 व सामवेद संख्या नं. 822 में मिलता है। पूर्ण संत तीन स्थिति में सार नाम तक प्रदान करता है तथा चौथी स्थिति में सार शब्द प्रदान करता है।
  5. श्रीमदभगवत गीता जी में “ओम,तत्, सत्” का प्रमाण है। श्रीमदभगवत गीता में गीता ज्ञान दाता कहता है कि उस परमात्मा को हासिल करने का तीन मंत्रो का प्रमाण है।

आज विश्व में सिर्फ संत रामपाल जी महाराज ही पूर्ण गुरु है जिन्होंने शास्त्रों से गूढ़ रहस्य उजागर किया है। संत रामपाल जी महाराज सच्चे नाम की होली खेलने को कहते हैं जिसका रंग हमेशा आत्मा पर बना रहता है। उन्होंने अपनी वाणी में कहा है :-

मन राजा खेलन चल्या रंग होरी हो,
प्रपटन की सैल राम रंग होरी हो।

अधिक जानकारी के लिए देखें संत रामपाल जी महाराज का सत्संग साधना टीवी पर शाम 7:30 से 8:30 तक। तथा पढ़ें पवित्र पुस्तक “ज्ञान गंगा“.

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