Gallantry Awards 2021 अभिनन्दन हुए पुरस्कृत वीर चक्र से

Gallantry Awards 2021: अभिनंदन सहित कई वीर हुए वीरता सम्मान से सम्मानित

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Gallantry Awards 2021: भारतीय सेना के धुरंधरों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा वीरता सम्मान दिये गये। कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया। कुछ शहीद वीरों को भी वीरता सम्मान दिया गया जिन्हें लेने उनके परिजन पहुंचे।

Gallantry Awards 2021: मुख्य बिंदु

  • भारतीय सेना के वीरों को मिला वीरता पुरस्कार
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीरता पुरस्कार प्रदान किये
  • अभिनदंन सहित शहीद सूबेदार सोमबीर, शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल, शहीद सैपर प्रकाश जाधव एवं पूर्व सेनाधिकारीयों को भी सम्मानित किया
  • वीरों से भरी पृथ्वी और मानवता पहला उद्देश्य

Gallantry Awards 2021: वायुसेना के ग्रुप कमांडर अभिनंदन को वीर चक्र

आज से दो वर्ष पहले 14 जनवरी 2019 को पाकिस्तान आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा घाटी में हमला किया था। इस हमले में भारत के 40 जवान मारे गए थे। प्रधानमंत्री द्वारा इसका जवाब देने की घोषणा की गई थी जिसके परिणामस्वरूप बालाकोट में एक एयर स्ट्राइक की गई जिसके कारण लगभग 300 आतंकी ढेर हो गए। पाकिस्तान की वायुसेना ने भारत में घुसने की नाकाम कोशिश की। तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन जो उस समय mig-21 उड़ा रहे थे उन्होने पाकिस्तान के F-16 को मार गिराया लेकिन उनका अपना विमान क्रैश होने की स्थिति में पाकिस्तान ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया। करीब 60 घण्टे बाद उन्हें वापस भारत भेज दिया गया था। उनके शौर्य एवं पराक्रम को देखते हुए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया है।

Gallantry Awards 2021: शहीदों को भी मिला वीरता पुरस्कार

शहीद नायब सूबेदार सोमबीर को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया जिसे ग्रहण करने उनकी माता और पत्नी पहुंचीं। सम्मान लेने के बाद वे भावुक हो गईं। शहीद नायाब सूबेदार सोमबीर ने जम्मू कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान A++ आतंकियों को मार गिराया था। पांच आतंकियों को मौत के घाट उतारने वाले मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया जिसे उनकी माता ने ग्रहण किया। 

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कोर ऑफ इंजीनियर्स के सैपर प्रकाश जाधव ने एक ऑपरेशन के दौरान ही जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को खदेड़ा था। इन्हें मरणोपरांत दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा शान्तिकालीन पुरस्कार- कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। 4 पैरा के लांस नायक संदीप सिंह शौर्य चक्र से सम्मानित किए गए जिसे लेने उनकी पत्नी पहुंची। शहीद संदीप ने भी जम्मू कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान एक आतंकवादी मारे एवं दो को घायल किया था।

Gallantry Awards 2021: पूर्व सेना पदाधिकारी भी हुए सम्मानित

पूर्व पूर्वी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान, इंजीनियर इन चीफ लेफ्टिनेंट हरपाल सिंह, दक्षिणी नौसेना कमांडर वाइस एडमिरल अनिल चावला परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किए गए। पूर्वी वायु कमांडर एयर मार्शल दिलीप पटनायक अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किए गए।

वीरों की माताएँ धन्य होती हैं

Gallantry Awards 2021: देशहित में अपना सर्वस्व निछावर करने वाले वीर तो हैं ही नमन योग्य साथ ही उन्हें जन्म देने वाली माताएँ भी पुण्यकर्मी आत्माएँ होती हैं। 

कबीर साहेब ने कहा है-

कबीर, या तो माता भक्त जनै, या दाता या शूर |

या फिर रहै बांझड़ी, क्यों व्यर्थ गंवावै नूर ||

Gallantry Awards 2021: सत्य साधक, दानवीर, शूरवीर को जन्म देने वाली माताएँ धन्य होती हैं। कबीर जी ने कहा है कि जननी भक्त को जन्म दे जो शास्त्र में प्रमाण देखकर सत्य को स्वीकार करके असत्य साधना त्यागकर अपना जीवन धन्य करे। या किसी दानवीर पुत्र को जन्म दे जो दान-धर्म करके अपने शुभ कर्म बनाए। या फिर शूरवीर बालक को जन्म दे जो परमार्थ के लिए कुर्बान होने से कभी न डरता हो। सत्य का साथ देता हो, असत्य तथा अत्याचार का विरोध करता हो। यदि अच्छी सन्तान उत्पन्न न हो तो स्त्री का बांझ रहना ही उत्तम है। जो सन्तान अत्याचार करे, सन्तों को सताए, हत्याएं करे, भ्रष्टाचार करे, अपने माता पिता को ही तंग करे ऐसी पशुओं जैसी सन्तान से बेहतर है कि स्त्री निसंतान रहे।

मानवता होना चाहिए पहला उद्देश्य

निश्चित ही वीर होना सरल नहीं है बल्कि यह तो सरलता का विलोम हुआ। क्या आपने ऐसे समाज की कल्पना की है जिसमें किसी भी माता को अपना पूत न खोना पड़े? ऐसी धरती जिसमें धर्म, जाति, देश, सीमा के बंधन न हों? मानवता की नींव पर निर्णय लिए जाएं? जी ऐसा ही समाज सन्त रामपाल जी महाराज बना रहे हैं। ऐसा समाज जहाँ स्त्री निडर होकर घूम सके, जहाँ अपराध शून्य हो जाएं, पृथ्वी नशामुक्त हो जाए, स्त्री पुरुष बराबरी पर आ खड़े हों और मानवता सबसे बड़ा धर्म हो। 

इस समाज का आरंभ हो चुका है तथा लाखों वर्षों से भविष्यवक्ता भी ऐसे समय और ऐसी परिस्थितियों की ओर इशारा करते रहे हैं जो एक सन्त के माध्यम से लाई जाएंगी। ये सभी भविष्यवाणियां सन्त रामपाल जी महाराज पर खरी उतरती हैं। क्या आपने कल्पना की है कि मानवता के साथ ही इस पूरी पृथ्वी पर वीर हों जो लड़ें अत्याचार से, असत्य से, पाखंड से? यह लड़ाई भी आरम्भ हो चुकी है। आरम्भ हो चुका है एक ज्ञानयुद्ध का जो पूरी दुनिया के पाखंड और पूर्ण तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज के सही आध्यात्मिक ज्ञान के बीच है। अधिक जानकारी के लिए देखें सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल

गरीब, पतिब्रता चूके नहीं, साखी चन्द्र सूर |

खेत चढ़े सें जानिए, को कायर को सूर ||


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