France Nice Church Attack [Hindi]: फ्रांस के नाइस शहर के चर्च में हुआ आतंकी हमला

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France Nice Church Attack [Hindi]: फ्रांस के दक्षिणी शहर नाइस/नीस ( Nice ) में गुरुवार सुबह , 29 अक्टूबर को नोट्रेडेम चर्च (Notre Dame Church) में कुछ लोगों पर कातिलाना हमला हुआ। यह हमला तब किया गया जब चर्च में काफ़ी संख्या में लोग प्रार्थना के लिए एकत्रित थे। नोट्रे डेम चर्च नाइस शहर के सबसे बड़े चर्चो में से एक है। नीस के मेयर ने इसे एक आतंकी हमला बताया है।

France Nice Church Attack की संक्षिप्त में जानकारी

  • हमला गुरुवार सुबह के 9 बजे फ्रांस के नाइस चर्च में हुआ।
  • फ्रांसीसी पुलिस के अनुसार दक्षिण फ्रांस के नीस शहर के चर्च में एक हमलावर ने कुछ लोगों पर चाकू से हमला किया ।
  • हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए हैं। मृतकों में एक महिला भी शामिल है।
  • हमलावर ने अकेले दिया था घटना को अंजाम।
  • पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमलावर को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तारी के दौरान उसके घायल होने के बाद उसे नज़दीकी अस्पताल में भर्ती किया गया।
  • हमलावर लगातार चिल्ला रहा था ‘अल्लाह हू अकबर’
  • हमले की जांच फ्रांस के आतंकवाद निरोधक विभाग को सौंपी गई है।
  • अक्टूबर माह में ही फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक हिस्ट्री टीचर की गला काटकर हत्या कर दी गई थी।
  • फ्रांस में आतंकवादी हमले को लेकर पहले ही अलर्ट जारी किया हुआ है।
  • फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने नीस शहर में गुरुवार की घटना को “इस्लामवादी और आतंकवादी पागलपन” के रूप में वर्णित किया।
  • नीस हमले के बाद, प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स ने फ्रांस के सुरक्षा अलर्ट को उच्चतम स्तर पर उठाया और कहा कि सरकार की प्रतिक्रिया दृढ़ रहेगी।
  • तुर्की के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि देश नाइस हमले की “कड़ी निंदा” करता है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना।”
  • मुस्लिम पंथ के फ्रांसीसी परिषद ने गुरुवार के हमले की कड़ी निंदा की और गुरुवार के मावलिद समारोह ( पैगंबर मोहम्मद जी का जन्मदिन) को रद्द करने के लिए फ्रांसीसी मुसलमानों से कहा।
  • भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है।
  • जानेंगे कौन है अल्लाह हू अकबर और क्या कहती हैं पैंगम्बर मोहम्मद की शिक्षा?
  • ईसाई धर्म की शिक्षा: किसी से भी नफरत मत करो।

पेरिस में पैगंबर का कार्टून द‍िखाने पर बढ़ा था कट्टरपंथ

कुछ समय पहले फ्रांस की राजधानी पेरिस में पैगंबर का कार्टून द‍िखाने पर एक टीचर की हत्‍या कर दी गई थी। चेचेन्या मूल के एक हमलावर ने पेरिस में एक स्कूल टीचर सैमुअल पेटी की गला काटकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। जिसके बाद फ्रांस में कट्टरपंथ के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ आवाज उठीं।

  • हिस्ट्री टीचर ने क्लास में मशहूर व्यंग मैगजीन शार्ली एब्दो में छपे पैगंबर मोहम्मद के कार्टून को दिखाया था।
  • टीचर फ्रीडम ऑफ स्पीच यानि बोलने की आजादी पर एक पाठ पढ़ा रहे थे। 
  • इसी से नाराज़ हमलावर ने उनकी गला रेतकर हत्या कर दी। कुछ देर बाद पुलिस ने हमलावर को भी ढेर कर दिया था।
  • इसी घटना के बाद फ्रांस इस्लामी कट्टरता के खिलाफ सख्त हुआ।
  • इस घटना के बाद फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अभिव्‍यक्ति की आजादी के अधिकार का जमकर समर्थन किया।

मेयर क्रिस्चियन एस्त्रोसी (Christian Estrosi) ने हमले के बारे में बताया

हमलावर ‘अल्लाह हू‌ अकबर’ चिल्ला रहा था- नीस के मेयर क्रिस्चियन एस्त्रोसी ने कहा, ‘वह (हमलावर) घायल होने के बाद भी बार-बार ‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्ला रहा था। एस्त्रोसी ने बीएफएम टेलीविजन को बताया कि हमले में तीन लोगों की मौत हुई है, दो की गिरिजाघर में जबकि बुरी तरह से घायल तीसरे व्यक्ति ने वहां से भागने के दौरान दम तोड़ा था।

France Nice Church Attack [Hindi]: भारत फ्रांस का दे रहा है पूरा साथ

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों पर कई मुस्लिम देशों की तरफ से तीखे ज़ुबानी हमले हो रहे हैं। इसे लेकर भी भारत फ्रांसीसी राष्ट्रपति का समर्थन कर चुका है। विदेश मंत्रालय ने मैक्रों के ऊपर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत फ्रांस के साथ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में हुए आतंकी हमले की की कड़ी निंदा

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत फ्रांस के साथ है। गुरुवार को फ्रांस के नीस शहर में एक चर्च के भीतर हुए आतंकी हमले में 3 लोगों की मौत हो गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया:

‘मैं आज नीस में चर्च के भीतर हुए नृशंस हमले समेत फ्रांस में हुए हालिया आतंकी हमलों की कड़ी निंदा करता हूं। पीड़ितों के परिवार वालों और फ्रांस के लोगों के साथ हमारी संवेदना। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत फ्रांस के साथ है।’

France Nice Church Attack [Hindi]: क्यों है मुस्लिम देश फ्रांस से नाराज़?

इस्लाम में कार्टून को ईश-निंदा माना जाता है। मैक्रॉन की टिप्पणियों ने कई मुस्लिम-बहुल देशों में व्यापक गुस्से को जन्म दिया।फ्रांस सरकार ने मुस्लिम कट्टरपंथ के खिलाफ सख्त कदम उठाए और फ्रांस में कुछ मस्जिदों को बंद कर दिया। इससे फ्रांस और दुनिया के कई मुस्लिम देशों में नाराज़गी है। कई इस्लामिक देशों ने फ्रांस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तुर्की, ईरान और पाकिस्तान ने फ्रांस सरकार की आलोचना की है।

यह भी पढ़ें: Eid e Milad India 2020 [Hindi]: ईद उल मिलाद पर जानिए वर्तमान समय में कौन है अंतिम पैगंबर? 

ईरान के राष्‍ट्रपति हसन रुहानी ने फ्रांस को चेतावनी दी है कि पैगंबर की आलोचना करने से हिंसा और रक्‍तपात को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, फ्रांस ने इस्लामिक देशों में रहने वाले अपने नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है। फ्रांस में 2015 के बाद से जिहादी हमलों में 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

France Nice Church Attack [Hindi]: फ्रांसीसी सामानों के बहिष्कार का आह्वान

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने मैक्रॉन की आलोचना की और खुदरा विक्रेताओं ने कुवैत, कतर और जॉर्डन में फ्रांसीसी सामानों के बहिष्कार का आह्वान किया।

फ्रांस में मुस्लिम आबादी

फ्रांस में इस्लाम धर्म कैथोलिक ईसाईयत के बाद दूसरा सबसे अधिक प्रचारित धर्म है। 2017 के प्यू रिसर्च की रिपोर्ट में मुस्लिम आबादी का 5,720,000 या 8.8% हिस्सा है। फ्रांस में अधिकांश मुसलमान सुन्नी संप्रदाय के हैं।फ्रांसीसी मुसलमानों का अधिकांश हिस्सा अप्रवासी मूल का है, जबकि अनुमानित 100,000 स्वदेशी जातीय फ्रांसीसी पृष्ठभूमि के इस्लाम में परिवर्तित हैं।

कौन है सच्चा मुसलमान और इंसान?

जीव हमारी जाति है
मानव धर्म हमारा
हिंदू ,मुस्लिम, सिख, ईसाई
धर्म नहीं कोई न्यारा।।

अल्लाह ने मनुष्य बनाए और मनुष्य ने कई धर्म। तो आप ही निर्णय लें हमें अल्लाह की इबादत में समय लगाना चाहिए या अल्लाह के भेजे रसूल के चित्र को ईश निंदा समझ कर व्यर्थ में समय जाया कर खून खराबा कर अल्लाह के आगे गुनहगार बनना चाहिए।

जब लोगों के पास सही आध्यात्मिक ज्ञान होगा तब उन्हें पता चलेगा कि हम सभी एक ईश्वर की संतान हैं। हम अलग नहीं हैं। जब हम पूरी तरह से परमात्मा के आध्यात्मिक ज्ञान से परिचित हो जाएंगे, तब हम किसी को गैर नहीं समझेंगे, हर कोई अपना प्रतीत होगा। जब तक हमें वह सच्चा ज्ञान नहीं प्राप्त होगा तब तक हम अपने-अपने धर्मों को श्रेष्ठ मानते रहेंगे और दूसरे धर्मों को निम्न दृष्टि से देखेंगे। यह तो हमारी आध्यात्मिक अज्ञानता है कि हम किसी भी धर्म को छोटा या बड़ा कहते हैं।

क्या सिखाया है हमें हमारे पैंगम्बर ने?

हज़रत मुहम्मद जी की जीवनी सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम के आधार पर हज़रत मुहम्मद साहेब सबको कहा करते थे कि जो किसी को मारे-काटे दुःखी करे वह मुसलमान नहीं होता। हज़रत मुहम्मद जी के अनुसार मुसलमान का अर्थ है वह पवित्र आत्मा जो किसी को दुःखी न करे और अपने सभी शिष्यों से कहा कि अल्लाह के नाम पर कभी खून-खराबा मत करना।

अल्लाहु अकबर कबीर है

मुस्लिम भाइयों का यह भी कहना है कि कुरान शरीफ केवल मुसलमानों के लिए ही नहीं बल्कि इस दुनिया के सभी इंसानों के लिए है। पवित्र कुरान शरीफ, सूरत फुरकानी 25, आयत 52-59 साबित करता है कि अल्लाहु अकबर कबीर है। कुरान में सुरह-अल-इखलास के छंद 1-4 में ईश्वर की अवधारणा पूरी तरह से अल्लाह कबीर (अल्लाह कबीर) पर लागू होती हैं।

कुरान शरीफ – सूरह अल इखलास 112: 1 – 4

  • 112: 1 – कह दीजिये, “वह अल्लाह एक है,
  • 112: 2 – अल्लाह बेनियाज़ है,
  • 112: 3 – ना उसने किसी को जना, और ना किसी और ने उसको जना,
  • 112: 4 – और उसका कोई हमसर नहीं “

ईसाई या क्रिश्चियन धर्म के अनुसार गाॅड कबीर है

IYOV 36:5 – ऑर्थोडॉक्स जेविश बाइबिल (ओजेबी)  कबीर भगवान है, और किसी से भी नफरत नहीं; वह को’आच लेव (समझने की शक्ति) में कबीर है। 

अनुवाद: परमात्मा कबीर है, लेकिन किसी से भी नफरत नहीं करता है। वह कबीर है, और अपने उद्देश्य में दृढ़ है। 

सभी बाइबल अनुवादों में, कबीर शब्द का अनुवाद “शक्तिशाली” या “महान” के रूप में किया गया है, जबकि कबीर परमात्मा का वास्तविक नाम है। सभी मज़हब हमें भाईचारे और एक अल्लाह का पैग़ाम देते हैं। उस अल्लाह को समझने और जानने के लिए बाख़बर / Illamwala संत रामपाल जी महाराज जी की शरण में जाओ।

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