जहाँ सरकार हुई विफल, वहाँ “भगवान” बनकर पहुँचे संत रामपाल जी महाराज: किशोरपुर गाँव की बदली तकदीर

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आज के दौर में जब आम आदमी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर निराश हो जाता है, तब एकमात्र सहारा पूर्ण परमात्मा की शक्ति ही बचती है। हरियाणा के पलवल जिले के गाँव किशोरपुर में कुछ ऐसा ही चमत्कार देखने को मिला, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि संत रामपाल जी महाराज केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि अपने बच्चों (भक्तों और आम जनता) के दुःख-दर्द को भी अपना समझते हैं।

3 साल का नरक और सरकारी उदासीनता

किशोरपुर गाँव के किसानों की दशा पिछले 3-4 सालों से अत्यंत दयनीय थी। गाँव की लगभग 350 एकड़ उपजाऊ जमीन बाढ़ के पानी में डूबी हुई थी। पानी तालाब से ओवरफ्लो होकर बस्ती तक आ पहुँचा था। किसान न गेहूँ बो पा रहे थे, न बाजरा। उनकी रोजी-रोटी का साधन छिन चुका था।

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गाँव के सरपंच और बुजुर्गों ने बताया कि वे सरकारी अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके थे। अफसर हर बार यही रटा-रटाया जवाब देते कि “टेंडर छूट गया है, कल काम हो जाएगा।” लेकिन वह ‘कल’ कभी नहीं आया। तीन साल बीत गए, सरकार और प्रशासन ने गाँव की सुध नहीं ली।

संत रामपाल जी महाराज बने उम्मीद की एकमात्र किरण

जब सरकारी सिस्टम और झूठे वादों से ग्रामीणों का भरोसा पूरी तरह उठ गया, तब उन्होंने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के दरबार में गुहार लगाई। कहते हैं कि सरकारी दफ़्तरों में फाइलें अटकती हैं, लेकिन पूर्ण संत के दरबार में केवल ‘दया’ बरसती है।

गाँव वालों की अर्जी पहुँचते ही संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल संज्ञान लिया। जहाँ सरकार को टेंडर निकालने में सालों लग गए, फिर भी टेंडर नहीं आया, वहाँ संत रामपाल जी महाराज की दया से मात्र 3 दिनों के भीतर राहत का पूरा काफिला किशोरपुर गाँव पहुँच गया।

3 दिन में हुआ वो काम, जो 3 साल में नहीं कर पाई सरकार

संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार, बाढ़ राहत सेवा का एक विशाल काफिला गाँव पहुँचा। संत जी ने गाँव को डूबने से बचाने और किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए निम्नलिखित सामग्री निःशुल्क भेंट की:

  •  3 विशाल 15 एचपी (HP) की मोटरें
  •  5000 फुट लंबी 8 इंची पाइपलाइन
  •  स्टार्टर और नट-बोल्ट जैसी छोटी से छोटी एक्सेसरीज का पूरा सेट।

सेवादारों ने बताया कि “यह सब हमारे गुरुदेव संत रामपाल जी महाराज का आदेश है और उन्हीं की दया है। हम तो केवल उनके आदेश का पालन करते हैं, देने वाले पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब और संत रामपाल जी महाराज हैं।”

गाँव में दिवाली जैसा माहौल: “संत रामपाल जी हमारे लिए भगवान हैं”

राहत सामग्री पहुँचते ही पूरा किशोरपुर गाँव खुशी से झूम उठा। यह नजारा किसी त्योहार से कम नहीं था। युवाओं ने डीजे पर संत रामपाल जी महाराज का मंगलाचरण बजाते हुए और ट्रैक्टरों की रैली निकालते हुए राहत सामग्री का स्वागत किया।

गाँव के बुजुर्गों और सरपंच की आँखों में आँसू थे। उन्होंने भावुक होकर कहा, “सरकारी अफसर तो सिर्फ चक्कर कटवाते रहे, लेकिन संत रामपाल जी महाराज ने हमारे लिए भगवान बनकर वो काम कर दिया जो कोई मंत्री या संत्री नहीं कर सका। हमारी 350 एकड़ जमीन अब फिर से सोना उगलेगी।”

कृतज्ञता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप (तस्वीर) का फूलों से स्वागत किया और गुरुदेव के चरणों में पगड़ी और शॉल भेंट की।

संत रामपाल जी महाराज ही सच्चे हितैषी

यह घटना प्रमाण है कि संत रामपाल जी महाराज केवल मोक्ष मार्ग ही नहीं प्रशस्त कर रहे, बल्कि समाज के हर दुख में एक अभिभावक की तरह खड़े हैं। जहाँ प्रशासन के हाथ खड़े हो जाते हैं, वहाँ संत रामपाल जी महाराज की कृपा काम करती है।

किशोरपुर के ग्रामीणों के लिए संत रामपाल जी महाराज आज साक्षात भगवान साबित हुए हैं, जिन्होंने उन्हें भुखमरी और बाढ़ के संकट से उबार लिया।

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