February 18, 2026

बाढ़ पीड़ितों के लिए चमत्कार: हरियाणा के दाहिमा गांव में संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत 24 घंटे में पहुंचाई बाढ़ राहत सेवा सामग्री

Published on

spot_img

हरियाणा के हिसार जिले का दाहिमा गाँव हाल ही में आई भीषण बाढ़ की चपेट में आकर लगभग विनाश के कगार पर पहुँच गया था। गाँव की करीब 2200-2300 की आबादी और वहाँ के किसान, दोनों ही हताश थे। बाढ़ का पानी एक बहती नदी की तरह पूरे गाँव को चीरता हुआ निकल गया।

बाढ़ की भयावहता का अंदाजा यहां से लगाया जा सकता है कि गाँव की लगभग 2000 एकड़ से अधिक कृषि भूमि विशेष रूप से धान की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई थी, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था। रिहायशी बस्ती में भी पानी का स्तर ढाई से तीन फुट तक पहुँच गया था। लगातार 15-16 दिनों तक ड्रेन का पानी गाँव में आता रहा, जिससे लगभग 40-50 परिवारों को तो अपने घर छोड़कर पलायन करना पड़ा।

सरपंच जी के साथ ग्रामीण भी पहुँचे संत रामपाल जी महाराज के चरणों में

स्थानीय प्रशासन और अन्य सामाजिक-राजनीतिक हस्तियों से अपेक्षित मदद न मिलने के बाद, ग्रामीणों में निराशा छाने लगी थी। इसी बीच, सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार जी और पंचायत के अन्य सदस्यों को पड़ोस के गांवों में संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही बाढ़ राहत सेवा की जानकारी मिली।

ग्रामीणों ने ये महसूस कर लिया था कि जब बड़ी बड़ी सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां मौन होती है, तब केवल सच्चे संत ही मसीहा बन सकते हैं। इसी आशा के साथ, पूरी पंचायत बरवाला स्थित मुनिंदर धर्मार्थ ट्रस्ट के कार्यालय पहुँची और संत रामपाल जी महाराज के चरणों में एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया। इस लिखित प्रार्थना पत्र में उन्होंने अपने गांव पर आई आपदा का विवरण लिखा और इसके साथ ही उन्हें इस आपदा से उभरने के लिए क्या क्या उपकरण चाहिए उनको भी सूचीबद्ध किया।

आपको यहां बताते चलें कि ये प्रार्थना संत रामपाल जी महाराज के पवित्र आदेशों से कार्य कर रहे मुनींद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के कार्यालय में जमा करवानी होती है। दाहिमा गांव के अलावा 350 से भी ज्यादा गांव इसी प्रक्रिया के तहत अपनी प्रार्थना जमा करवा चुके हैं और मदद पा चुके हैं। प्रार्थना जमा होने से लेकर मदद मिलने तक औसतन मात्र 1 दिन का ही समय देखा गया है। 

24 घंटे में जमीनी स्तर पर ‘चमत्कारिक’ काम शुरू हुआ

गाँव वालों की अर्जी पर किसी को इतनी जल्दी सुनवाई की उम्मीद नहीं होगी, क्योंकि अन्य जगहों पर गुहार लगाकर वो भी थक चुके होंगे। लेकिन उन्हें ये जरूर विश्वास था कि संत रामपाल जी महाराज उन्हें इस मुसीबत से जरूर निकालेंगे। असली चमत्कार 24 घंटे के भीतर शुरू होना था। प्रार्थना पत्र देने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही, संत रामपाल जी महाराज का आदेश आया और पाइपों, मोटरों और हर तरह के छोटे बड़े सामान से लदे काफिले को दाहिमा गाँव की तरफ रवाना कर दिया गया।

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत, ग्रामीणों की मांग को पूरा करते हुए निम्नलिखित राहत सामग्री भेजी। 

संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई संपूर्ण राहत सामग्री की सूची

संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार मुनींद्र धर्मार्थ ट्रस्ट ने सुनिश्चित किया कि यह मदद आधी-अधूरी न हो, बल्कि एक संपूर्ण समाधान हो। गाँव को प्रदान की गई सामग्री का विवरण निम्नलिखित है:

सामग्री का प्रकारविवरण/स्पेसिफिकेशनसंख्या/मात्रा
शक्तिशाली मोटरें20 हॉर्स पावर (HP), किर्लोस्कर कंपनी (उच्च गुणवत्ता)7 यूनिट
जल निकासी पाइपलाइन8 इंची मोटी पाइप, जो खास तौर पर इसी काम के लिए प्रयोग होती है।19,000 फुट
मोटर स्टार्टरऑटोमेटिक स्टार्टर7 यूनिट
जॉइंटिंग किटस्लोचन, बैंड, वाल्व, जॉइंटर, केबल, नट-बोल्ट और वो सारा सामान जो कनेक्शन के लिए प्रयोग होता है। पूर्ण सेट

संत रामपाल जी महाराज द्वारा इस प्रकार की व्यवस्था की जाती है कि ग्रामीणों को बाहर से एक पेंच तक न खरीदना पड़े।

“संत रामपाल जी भगवान बन के आए”, सरपंच जी ने कही ये बात

राहत सामग्री प्राप्त होने पर सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार जी ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।

Also Read: राजस्थान के डीग जिले के नगला चाहर गाँव में संत रामपाल जी महाराज ने 50 साल पुरानी समस्या का किया समाधान

सरपंच जी का वक्तव्य:

“हम कल ही सुबह संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना ले गए थे और उन्होंने 24 घंटों में हमें सात मोटर और 19000 फुट लाइन की सेवा प्रदान की है। हम इनके एहसानमंद हैं। महाराज जी ने जो सेवा प्रदान की है, ऐसे संत जो इतनी सेवा कर रहे हैं, पहले संत हैं मेरी जानकारी में। हम संत रामपाल जी महाराज का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “रामपाल जी हमारे गाँव के लिए एक भगवान के रूप में उतर के यहाँ आए हैं।”

ग्रामीणों का भावुक आभार: “जो सरकार नहीं कर रही, वही अब संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं”

समूचे दाहिमा गाँव के ग्रामीणों की प्रतिक्रिया अत्यंत भावुक और कृतज्ञता से भरी थी।

ग्रामीणों के मुख्य विचार:

  • चमत्कार की संज्ञा: गाँव वालों ने कहा, “चमत्कार को ही नमस्कार है। रामपाल जी एक भगवान बन के आए और चमत्कार किया उन्होंने।”
  • जीवन दान: एक ग्रामीण ने कहा, “हम तो यह कहते हैं कि हमारा गांव संत रामपाल जी महाराज का एहसानमंद है। हम कल गए थे और 24 घंटे के भीतर हमारे गाँव में जो हमारी मदद करी है उसके लिए हम इनके एहसानमंद हैं।”
  • निःस्वार्थ सेवा: एक अन्य ग्रामीण ने टिप्पणी की, “संत रामपाल जी महाराज बढ़िया आदमी हैं। बहुत अच्छा कर रहे हैं जी क्योंकि जो सेवा कर रहे हैं ना, वो भगवान से कम नहीं है। जो सरकार नहीं कर रही, वो अब रामपाल जी कर रहे हैं।”
  • मसीहा: उन्होंने स्पष्ट कहा कि “वो तो खुद भगवान है। वो हमारी मदद कर रहे हैं। संत रामपाल जी हमारे मसीहा बनकर आए हैं।”

संत रामपाल जी महाराज का गांव को संदेश

ट्रस्ट ने सहायता सामग्री के साथ संत रामपाल जी महाराज की ओर से एक विशेष निवेदन पत्र भी पढ़कर सुनाया, जिसने इस मदद को केवल दान नहीं, बल्कि एक पवित्र जिम्मेदारी बना दिया।

  • अगली फसल की बिजाई सुनिश्चित: पत्र में स्पष्ट कहा गया था कि “सामान चाहे कितना भी लगे, लेकिन गाँव से पानी निकलना चाहिए। यदि पानी नहीं निकलता है तो इसमें गलती आप लोगों की होगी।” लक्ष्य स्पष्ट था: अगली फसल की बिजाई हर हाल में होनी चाहिए।
  • स्थायी समाधान: प्रदान किए गए पाइप और मोटरें गाँव के लिए एक अनमोल उपहार हैं, जिन्हें जमीन में दबाकर रखा जा सकता है। इससे गाँव की बाढ़ की समस्या का सदा के लिए समाधान कर दिया गया।
  • भविष्य की चेतावनी: संत रामपाल जी महाराज ने विनम्रतापूर्वक संदेश दिया कि यदि पानी नहीं निकाला जाता है, तो वे भविष्य में किसी भी आपदा में गाँव की सहायता नहीं करेंगे।

राष्ट्रव्यापी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’: संत रामपाल जी महाराज द्वारा मानवता का विशाल अभियान

मुनिंदर धर्मार्थ ट्रस्ट के सेवादारों ने बताया कि यह बाढ़ राहत सेवा संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई गई ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ का हिस्सा है। इस मुहिम के तहत तन, मन और धन से सेवा की जाती है, जिसमें बाढ़ राहत सेवा के अलावा रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और चिकित्सा जैसी सहायताएँ भी शामिल हैं।

यह सेवा अभियान केवल दाहिमा तक सीमित नहीं है। सेवादारों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा यह बाढ़ राहत सेवा हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों के 350 से अधिक गांवों में सफलतापूर्वक की जा चुकी है और अन्य बाढ़ पीड़ित गांवों में अनवरत जारी है, जिससे लाखों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों को नया जीवन मिला है। यह अभियान भारतीय समाज में मानवता और निःस्वार्थ सेवा की एक अनूठी मिसाल कायम कर रहा है।

Latest articles

Ramadan Festival 2026: Who is Allah and How to Please Him?

Last Updated on 17 Feb 2026 IST: Ramadan Festival 2026: Ramadan, also spelled Ramazan,...

रमज़ान 2026 पर जानिए कौन है अल्लाहु कबीर जो हजरत मोहम्मद को मिले?

Last Updated on 17 Feb 2026 IST: रमज़ान 2026 (Ramadan in Hindi) | रमज़ान...

International Mother Language Day 2026: What Is the Ultimate Language of Unity? 

Last Updated on 17 February 2026 IST: International Mother Language Day: Every year on...

World Day Of Social Justice 2026: Know How Social Justice Can be Achieved for Everyone!

Last Updated on 17 February 2026 IST: World Day of Social Justice is also...
spot_img

More like this

Ramadan Festival 2026: Who is Allah and How to Please Him?

Last Updated on 17 Feb 2026 IST: Ramadan Festival 2026: Ramadan, also spelled Ramazan,...

रमज़ान 2026 पर जानिए कौन है अल्लाहु कबीर जो हजरत मोहम्मद को मिले?

Last Updated on 17 Feb 2026 IST: रमज़ान 2026 (Ramadan in Hindi) | रमज़ान...

International Mother Language Day 2026: What Is the Ultimate Language of Unity? 

Last Updated on 17 February 2026 IST: International Mother Language Day: Every year on...