दिल्ली के लाडपुर गांव में जलभराव से तबाह हुई खेती; तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी बने किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत

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जब हताश किसान खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे थे और सहायता की हर अपील अनसुनी होकर लौट रही थी, उसी कठिन समय में दिल्ली के बाढ़ प्रभावित लाडपुर गांव ने राहत और पुनर्जीवन का ऐतिहासिक क्षण देखा। कई सप्ताह तक चली गंभीर जलभराव की स्थिति ने न केवल खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया, बल्कि आने वाली फसलों की बुवाई भी रोक दी। ऐसे संकट में गांव वाले एक प्रार्थना-पत्र लेकर सतलोक आश्रम मुंडका पहुँचे, जहाँ उन्होंने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत मदद की विनती की। इसके बाद जो हुआ, उसने सैकड़ों किसानों की किस्मत बदल दी। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की कृपा और आदेश के अनुसार विशाल राहत सामग्री लाडपुर गांव पहुँची, वह भी किसानों की अपेक्षाओं से कहीं अधिक, जिसने नई आशा और नई फसल बोने के सपने को पुनर्जीवित कर दिया।

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लाडपुर गांव के किसानों ने आश्रम में लगाई गुहार: बाढ़ राहत के लिए सौंपी लिखित प्रार्थना

अन्य क्षेत्रों में हो रहे बाढ़ राहत कार्यों के वीडियो देखने के बाद लाडपुर के ग्रामीणों ने पार्षद संदीप डबास के साथ सतलोक आश्रम मुंडका और बाद में धनाना आश्रम का दौरा किया। ग्रामीणों ने एक हस्ताक्षरित अनुरोध-पत्र सौंपा, जिसमें 5000 फीट पाइप, दो 10 HP मोटर और तार की मांग की गई थी, ताकि खेतों से पानी निकाला जा सके। शिष्यों ने बताया कि यह पत्र तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में वकीलों के माध्यम से भेजा जाएगा और सहायता उनके आदेश के बाद ही मिलेगी। ग्रामीणों की आशा उनकी कल्पना से भी पहले पूरी हो गई।

मुख्य तथ्य: कैसे लाडपुर की आपदा, राहत और पुनर्जीवन के अभियान में बदली

  • लगभग 600–700 एकड़ और 90% कृषि भूमि बाढ़ से नष्ट हो गई थी, किसान पूरी तरह निराश थे।
  • ग्रामीणों ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी को प्रार्थना-पत्र भेजकर तत्काल राहत सामग्री की मांग की।
  • अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज जी ने गांव के लिए सम्पूर्ण राहत भेजने का आदेश दिया, मोटर, पाइप, तार, औज़ार और आवश्यक सामग्री, जो माँगी गई उससे अधिक थी गई।
  • गांव को तीन मोटर, 3600 फीट उच्च गुणवत्ता वाली तार, 5000 फीट मुख्य पाइपलाइन और साथ ही स्टार्टर और अन्य उपकरण भी।
  • ग्रामीणों ने कहा कि न सरकार और न कोई संगठन,‌ किसी ने भी इस स्तर की मदद नहीं की।
  • गुरुजी ने स्पष्ट आदेश दिया कि पूरी सामग्री का प्रभावी उपयोग हो ताकि गेहूं की अगली फसल समय पर बोई जा सके।

लाडपुर जल में डूबा हुआ गांव: जहां पसरा था मौन 

उत्तर-पश्चिम दिल्ली स्थित लाडपुर गांव असामान्य वर्षा के कारण अभूतपूर्व बाढ़ की चपेट में आ गया। हफ्तों तक 600–700 एकड़ भूमि जलभराव में डूबी रही। धान, कपास, ज्वार, बाजरा सभी फसलें नष्ट हो गईं। ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी राहत आज तक नहीं पहुँची। कई किसान अदालत तक गए और गहरी व्यथा व्यक्त की।

Also Read: संत रामपाल जी महाराज ने दिलाई बाढ़ से राहत: मायड़ (हिसार, हरियाणा) गांव को जीवनदान देने वाली अनोखी कहानी

पार्षद संदीप डबास ने बताया कि लाडपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के 6–7 गांव भी भारी नुकसान झेल रहे थे, लेकिन सहायता कहीं से नहीं आई। लगातार जलभराव ने गेहूं की बुवाई को भी असंभव बना दिया था।

टर्निंग पॉइंट: जब ग्रामीणों ने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के राहत कार्य देखे

ग्रामीणों ने यूट्यूब पर संत रामपाल जी महाराज द्वारा बरवाला, रसूलपुर जैसे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में किए गए राहत कार्य देखे। वे वास्तविक ग्राउंड-लेवल सेवा देखकर प्रभावित हुए और तुरंत आश्रम जाने का निश्चय किया।

ग्रामीणों ने अपने पत्र में यह मांगें लिखीं:

  • 5000 फीट पाइप
  • दो 10 HP मोटर
  • 3000 फीट वायर

शिष्यों ने बताया कि पत्र गुरुजी तक भेजा जाएगा और आदेश आने पर सहायता प्रदान की जाएगी। कुछ ही दिनों में आदेश प्राप्त हुआ।

विशाल राहत पहुँची: अनुरोध से अधिक सहायता

शिष्यों का काफिला “सत साहिब” के साथ मंगलाचरण करते हुए लाडपुर पहुँचा। सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा देखकर ग्रामीण अचंभित रह गए।

नोट: (सत साहिब का अर्थ है — शाश्वत, सच्चा प्रभु और मंगलाचरण, जैसा कि संत रामपाल जी महाराज समझाते हैं, किसी भी कार्य की शुरुआत में परमात्मा कबीर साहेब जी का पवित्र स्मरण करना है।)

लाडपुर को मिला:

  • तीन मोटर (एक अतिरिक्त)
  • 3600 फीट उच्च गुणवत्ता की 3-फेज़ वायर
  • 5000 फीट मुख्य पाइपलाइन
  • स्टार्टर, चाबियाँ, प्लास, स्क्रूड्राइवर और अन्य फिटिंग

शिष्यों ने बताया कि तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने 15–20% अतिरिक्त सामग्री देने का आदेश दिया था ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की कमी न पड़े।

कड़वी सच्चाई: “सरकार ने नहीं, सिर्फ संत रूप में आए भगवान ने मदद की”

ग्रामीणों ने भावनात्मक रूप से कहा:

  • “सरकार से कोई मदद नहीं मिली।”
  • “संत रामपाल जी महाराज जी ने सबसे ज़्यादा सहायता की।”
  • “हमारी तरफ से ₹10 भी खर्च नहीं हुआ।”

एक किसान ने कहा कि 90% गांव डूबा हुआ था, पर अब नई मोटरों और पाइपों से पानी निकलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने इसे “ईश्वर की दया” बताया।

सिर्फ़ भाषण नहीं—ज़मीन पर असली जनसेवा

ग्रामीण बोले:

“सेवा एसी (AC) कमरों में बैठकर भाषण देना नहीं होती,

सेवा गरीब के खेत में खड़े होकर वास्तविक सहायता देना है।”

उन्होंने कहा कि तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज पहले ऐसे संत हैं जिन्होंने हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान तक जाकर किसानों को बचाया।

एक नई सुबह: 6 सप्ताह में गेहूं की बुवाई की उम्मीद

ग्रामीणों ने बताया कि लगातार पानी निकाला गया तो जल्द ही खेत पूरी तरह सूख जाएंगे। 45 दिनों में, वे उम्मीद करते हैं कि जहाँ आज पानी है, वहाँ गेहूं की लहलहाती फसल होगी।

यह सहायता सिर्फ खेती नहीं, बल्कि पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करेगी।

गुरुजी द्वारा ल रहा देशव्यापी किसान कल्याण अभियान

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने देशभर में शिष्यों को आदेश दिया है कि जहाँ भी खेत जलभराव से प्रभावित हों:

  • हर खेत से पानी साफ किया जाए
  • मोटर, पाइप, वायर और औज़ार उपलब्ध कराए जाएँ
  • गेहूं की बुवाई समय पर करवाएं
  • कोई किसान दुखी न रहे
  • गरीबी और नशा समाप्त किया जाए

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का सख्त आदेश और निवेदन 

गुरुजी ने निर्देश दिया कि:

  • दी गई सभी सामग्री का पूर्ण उपयोग होना चाहिए
  • खेतों में पानी बिल्कुल नहीं रुकना चाहिए

यदि और आवश्यकता हो, तो तुरंत बताएं पर यदि सामग्री का उपयोग ठीक से न हुआ, तो आगे सहायता नहीं दी जाएगी

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