DRDO के बनाए एंटी-कोविड ड्रग को मिली मंजूरी

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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बहुत ही खतरनाक साबित हो रही है और हर दिन 4 लाख से अधिक रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं । कोरोनावायरस से बिगड़ते हालातों को देखते हुए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने गंभीर कोविड -19 मरीजों के लिए एक सहायक चिकित्सा के रूप में दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) (drug 2-deoxy-D-glucose (2-DG) के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। आइए जानते हैं DRDO के बनाए एंटी-कोविड ड्रग को DCGI ने इमरजेंसी यूज़ को दी मंजूरी के बारे में कुछ बिंदुओं के माध्यम से।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • कैसे काम करती है DRDO की ये दवा?
  • किसके सहयोग से बनी है कोरोना की दवा?
  • कोरोना की वजह से हिंदुस्तान की वर्तमान स्थिति क्या है? 
  • कौन है इस भयावह स्थिति का जिम्मेदार? 
  • क्या है वह दवा जो हर रोग को खत्म कर देती है? 
  • कौन है वह पूर्ण परमात्मा जो भयंकर से भयंकर पाप कर्म दंड तथा बीमारियां खत्म कर देते हैं? 
  • कौन है तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी और क्या है उनके उद्देश्य? 

कैसे करती है काम ये दवा ? 

ये दवा संक्रमित कोशिकाओं में जमा हो जाती है और वायरल सिंथेसिस और एनर्जी प्रोडक्शन कर वायरस को बढ़ने से रोकती है। इस दवा की खास बात ये है कि ये वायरस से संक्रमित कोशिकाओं की पहचान करती है और तेजी से इनसे निपटती है।

दवा के क्लीनिकल ट्रायल्स सफल साबित हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, जिन मरीजों पर दवा का ट्रायल किया गया, उनमें तेजी से रिकवरी देखी गई। साथ ही मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम हो गई। ये भी दावा है कि दवा के इस्तेमाल से मरीजों की कोरोना रिपोर्ट बाकी मरीजों की तुलना में जल्दी निगेटिव हो रही है यानी वो जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।

किसके सहयोग से बनी है कोरोना की दवा ?

 इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (INMAS), डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की एक लैब ने डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज़ (Dr Reddy’s Laboratories) के साथ मिलकर ये दवा बनाई है।

“डीआरडीओ द्वारा विकसित ये दवा पाउडर के रूप में पैकेट में आती है। मरीज को कोविड रोधी दवा 2-डीजी को पानी में घोल कर पीना होता है।”

डीआरडीओ के डॉक्टर एके मिश्रा ने बताया कि साल 2020 में ही कोरोना की इस दवा को बनाने का काम शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि साल 2020 में जब कोरोना का प्रकोप जारी था, उसी दौरान डीआरडीओ के एक वैज्ञानिक ने हैदराबाद में इस दवा की टेस्टिंग की थी ।

एके मिश्रा का कहना है कि इस दवा को कोरोना के हर तरह के मरीज को दिया जा सकता है। हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीज़ हों या गंभीर मरीज, सभी को दवाई को दी जा सकेगी। बच्चों के इलाज में भी ये दवा कारगर होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए इस दवा की डोज़ अलग होगी।

DRDO ने तीन चरणों में किए क्लीनिकल ट्रॉयल 

  • DRDO के बनाए एंटी-कोविड ड्रग पर अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच तीन क्लीनिकल ट्रायल हुए थे।
  •  दवा के पहले फेज़ का ट्रायल अप्रैल-मई 2020 में पूरा हुआ था। इसमें लैब में दवा पर एक्सपेरिमेंट किए गए थे।
  •  मई 2020 से अक्टूबर 2020 के बीच दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के लिए डीसीजीआई ने मंजूरी दी। दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में देश के 11 अस्पतालों में भर्ती 110 मरीजों को शामिल किया गया।  ट्रायल में शामिल मरीज़ अन्य मरीजों की तुलना में 2.5 दिन पहले ही ठीक हो गए। एक अच्छी बात ये भी रही कि यही ट्रेंड 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों में भी देखा गया।

कोरोना की वजह से हिंदुस्तान की वर्तमान स्थिति क्या है ? 

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की वजह से हिंदुस्तान में भयावह स्थिति है, आए दिन लोग अपने परिजनों को खो रहे हैं। हर तरफ दुख और तकलीफ से भरा माहौल है।

कोरोना वायरस की इतनी खतरनाक स्थिति पैदा करने में सरकार की क्या भूमिका है? 

हिंदुस्तान की इस बुरी हालत में निसंदेह सरकार का एक बहुत बड़ा योगदान है। सरकार ने इस वायरस को कंट्रोल करने के लिए समय रहते कोई सुनियोजित प्लानिंग और तैयारी नहीं की। स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के इतने बुरे हालात बनाने की जिम्मेदार कहीं ना कहीं सरकार की है। जिस तरह से हमने देखा असम, बंगाल और केरल में रैलियां करते हुए भारतीय नेताओं ने कोई मास्क नहीं पहने, कोई सोशल डिस्टेंसिंग नहीं बरती गई, भारी जनसमर्थन इकट्ठा करने की होड़ लगी रही जबकि उन्हें यह पता था कि कोरोना वायरस कभी भी भयावह स्थिति में आ सकता है । 

Also Read: कोरोना के कहर में संत रामपाल जी बने संकटमोचक

इतिहास उठा कर देखो संतों को सताने की सजा बहुत बुरी मिली है 

जब हम अतीत के पन्नों को खोलकर देखते हैं तो हमें पता लगता है कि जब जब किसी सच्चे संत को सताया जाता है तो उसका परिणाम बहुत ही भयंकर होता हैं जैसे कि जब भक्त मीराबाई को सत भक्ति करने की वजह से निकाला गया तो उस नगर में भी प्रकृति का कहर देखा गया।

आज ठीक यही स्थिति हिंदुस्तान की है क्योंकि समाज सुधारक तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी को बिना किसी आरोप के एक षड्यंत्र के तहत फंसा कर जेल में रखा गया है। यह राजनीतिज्ञों की चतुराई और मूर्खता की चरम सीमा है कि कोई भी जज, नेता, मंत्री, अधिकारी सच बोलने को तैयार नहीं है जबकि उन सबको पता है कि संत रामपाल जी महाराज जी निर्दोष हैं और सच्चे समाज सुधारक हैं किंतु वर्तमान में सच बोलने की हिम्मत किसी में नहीं रही यह भी देश का एक बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी की कृपा से संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा दिया जा रहा आध्यात्मिक ज्ञान समाज के लोग सुन और समझ रहे हैं और समाज के लोगों को भी लग रहा है कि संत रामपाल जी महाराज जी और उनका ज्ञान दोनों ही सही है। संत रामपाल जी महाराज जी के साथ भारत देश की सरकार जो भी कर रही है वह गलत है। प्रशासन से निवेदन है कि जल्दी सुधर जाओ अगर जनता पूरी तरीके से जाग गई तो कहीं के नहीं रहोगे। 

कौन सी दवा है जो हर रोग को खत्म कर देती है ? 

सतनाम मंत्र वह दवा है जिससे भयंकर से भयंकर रोग पल भर में खत्म हो जाता है, सतनाम मंत्र को पाने के लिए नानक साहिब जी पंजाब से काशी पैदल पैदल पहुंचे। अन्य संतों ने भी सतनाम मंत्र की बहुत महिमा गाई है। ना सिर्फ इससे सभी रोग और बीमारियां खत्म होते हैं बल्कि इस मंत्र के जाप से हमारा मोक्ष भी होता है। हमारी 84 लाख प्रकार की योनियां खत्म हो जाती हैं और हमें सनातन परमधाम प्राप्त होता है ।

सतनाम मंत्र की महिमा गाते हुए  स्वयं कबीर परमेश्वर अपनी वाणी में कहते हैं;

जब ही सतनाम हृदय धरो, भयो पाप को नाश |

मानो चिंगारी अग्नि की, पड़ी पुराने घास ||

कौन है वह पूर्ण परमात्मा जो भयंकर से भयंकर पाप कर्म दंड, बीमारियां खत्म कर देते हैं?

  • पवित्र ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 161 मंत्र 2, 5, सुक्त 162 मंत्र 5, सुक्त 163 मंत्र 1 – 3
  • पवित्र कुरान शरीफ सूरत फुरकान 25 आयत नंबर 52,58,59,
  • पवित्र बाइबल iyov36:5
  • पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब पेज नंबर 721 राग तिलंग, महिला पहला

इन सभी धर्मों के पवित्र सदग्रंथों में यह प्रमाण है कि पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब हैं और वही है जो हमारे पाप कर्म दंडों को सभी बीमारियों को खत्म करके हमें हमेशा के लिए मोक्ष प्रदान कर सकते हैं।

कौन है तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज और क्या हैं उनके उद्देश्य ?

तत्वदर्शी बाखबर संत रामपाल जी महाराज विश्व विजेता संत हैं और वर्तमान में एकमात्र विश्व के धार्मिक गुरु हैं और सत मंत्रों के जानकार हैं। आध्यात्मिक ज्ञान में उनका कोई सानी नहीं है ।

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य विश्व के सभी भाई बहनों को सत भक्ति प्रदान करके एक स्वच्छ और आदर्श समाज की स्थापना करना है जिसमें किसी भी पाखंड का कोई भी स्थान ना हो और सभी अपने सद ग्रंथों से परिचित हों। संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा किए गए कार्यों को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता बस इतना जान लीजिए कि वह धरती को स्वर्ग बनाने वाले हैं बहुत जल्दी धरती स्वर्ग से भी ज्यादा बेहतर स्थिति में आएगी।आप सभी से प्रार्थना है कि संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग आप “YouTube channel “Satlok Ashram” “SANews” पर सुनें । उनसे नाम दीक्षा लेकर अपना कल्याण करवाएं। हर तरह के रोगों से मुक्ति पाएं और पूर्ण सनातन परमधाम को प्राप्त करें।

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