कबीर वाणी से मात्र 17 मिनट में 23 जोड़ों का दहेज रहित विवाह

Published on

spot_img

सच होगा सबका सपना, दहेज मुक्त होगा भारत अपना।

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में दहेज मुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को गंजपारा मंडी दुर्ग छत्तीसगढ़ में मात्र 17 मिनट में कबीर वाणी से रमैनी (विवाह) संपन्न कराया गया। इस विवाह में बिना किसी प्रकार के दान- दहेज, बिना किसी शोर-शराबे और बिना दिखावे के सादगी पूर्वक संपन्न हुआ। आम तौर पर शादी में दुल्हन को मेहंदी, महावर आदि लगाकर सजाया जाता है, वहीं दूल्हे भी सज- धज कर तैयार होते हैं और शादी में लाखों रुपए खर्च होता है। वहीं दुर्ग शहर में कबीरपंथी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने अपने बच्चों की शादियां गुरु परंपरा के अनुसार बहुत ही सादगीपूर्ण कराई। जिसमें वर एवं वधू बिना खर्चे के विवाह बंधन में बंध गए।
यह शादी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा समाज को एक ऐसा संदेश देता है की जाती-पाती, ऊंच-नीच के भावना से ऊपर उठकर एक नया मानव समाज का निर्माण कर रहे हैं। जो विश्व को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देता है। इस कार्यक्रम का मुख्य विशेषता यह है कि किसी भी व्यक्ति ने किसी भी प्रकार के नशा का सेवन नहीं किया।

बिलासपुर संभाग में संत रामपाल जी महाराज के हजारों अनुयायियों सहित शहर के हजारों लोगों ने इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर संत रामपाल जी महाराज के सत्संग वर्षा का लाभ लिया।

Latest articles

Jamat ul Vida (Jumu’ah Al Widaa) 2026 | Can Keeping Fast in Ramadan Makes One Reach Jannat?

According to Muslim scholars Ramadan is considered a holy month for muslims in which...

Jamat-Ul-Vida 2026 [Hindi]: क्या रमजान में रोज़े रखने से जन्नत हासिल होगी?

Last Updated on 16 March 2026 IST | जमात उल विदा 2026 (Jamat Ul...

सांगवान गांव में बड़े पैमाने पर संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिए गए पंपिंग उपकरणों से गांव में हुई बिजाई 

हरियाणा के भिवानी जिले के तोशाम तहसील स्थित सांगवान गांव वर्ष 2025 में भीषण...
spot_img

More like this

Jamat ul Vida (Jumu’ah Al Widaa) 2026 | Can Keeping Fast in Ramadan Makes One Reach Jannat?

According to Muslim scholars Ramadan is considered a holy month for muslims in which...

Jamat-Ul-Vida 2026 [Hindi]: क्या रमजान में रोज़े रखने से जन्नत हासिल होगी?

Last Updated on 16 March 2026 IST | जमात उल विदा 2026 (Jamat Ul...