संत रामपाल जी महाराज के आगमन पर धनाना धाम में उमड़ा गणमान्य लोगों का हुजूम 

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8 अप्रैल 2026 की तारीख संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं थी। लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रियाओं के बीच, हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा उन्हें जमानत देने का फैसला सुनाते ही देश-दुनिया में मौजूद करोड़ों भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ीं, उत्सुकता बढ़ती गई और अंततः जब संत रामपाल जी महाराज जेल से बाहर आए, तो वहां का माहौल हजारों समर्थकों के सैलाब के जयकारों से गूंज उठा।

जेल की दहलीज से बाहर कदम रखते ही यह स्पष्ट हो गया कि उनकी आध्यात्मिक शक्ति और समाज सुधार के प्रति अटूट निष्ठा को जनता और कानून दोनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। जेल से रिहाई के बाद संत जी सीधे सतलोक आश्रम धनाना धाम पहुँचे, जो वर्तमान में एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर चुका है। इस रिहाई ने न केवल उनके भक्तों के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुँचाया है, बल्कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग, राजनेताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के बीच भी उनके प्रति जिज्ञासा और सम्मान को बढ़ा दिया है। आज स्थिति यह है कि समाज के हर क्षेत्र के दिग्गज अपनी श्रद्धा व्यक्त करने और इस ‘आध्यात्मिक क्रांति’ का हिस्सा बनने के लिए आश्रम में कतारबद्ध हैं।

कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स (बादली) ने लिया आशीर्वाद

संत रामपाल जी महाराज के आने के बाद आने वाले चेहरों में बादली विधानसभा से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स का नाम भी है। उन्होंने आश्रम पहुँचकर संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की और आशीर्वाद प्राप्त किया। विधायक जी ने गुरु जी द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति और दहेज उन्मूलन अभियानों की जमकर प्रशंसा की। उनका आगमन यह दर्शाता है कि गुरु जी की शिक्षाएं राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर जन-जन को प्रभावित कर रही हैं।

भारतीय हैंडबॉल टीम के मुख्य कोच नवीन पूनिया की उपस्थिति

खेल जगत के जाने-माने व्यक्तित्व और भारतीय हैंडबॉल टीम के हेड कोच नवीन पूनिया ने भी सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम पहुँचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने गुरु जी को सम्मानित किया और उनके प्रवचनों को युवाओं के लिए अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार बताया। कोच नवीन पूनिया का मानना है कि गुरु जी का ज्ञान खिलाड़ियों को मानसिक शांति और एकाग्रता प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

पालम 360 खाप के प्रधान रामकुमार सोलंकी का भव्य स्वागत

सामाजिक स्तर पर प्रभावशाली मानी जाने वाली दिल्ली की ‘पालम 360 खाप’ के प्रधान रामकुमार सोलंकी ने भी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष नमन किया। उन्होंने गुरु जी द्वारा समाज को एक सूत्र में पिरोने के प्रयासों का समर्थन किया और उन्हें पगड़ी भेंट कर सम्मानित किया। खाप प्रधान का इस प्रकार आश्रम आना यह स्पष्ट करता है कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही समाजों में गुरु जी की स्वीकार्यता चरम पर है।

छारा चौदह गामा खाप प्रधान जोगेंद्र भुंडू द्वारा सम्मान

हरियाणा की सामाजिक व्यवस्था में खाप पंचायतों का विशेष स्थान है। इसी क्रम में छारा चौदह गामा खाप के प्रधान जोगेंद्र भुंडू ने भी धनाना धाम का दौरा किया। उन्होंने संत जी के आध्यात्मिक ज्ञान को समाज की कुरीतियों के विरुद्ध एक सशक्त हथियार बताया। उन्होंने गुरु जी के प्रति अपना अटूट विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।

बीजेपी नेताओं और क्षेत्रीय सरपंचों का पगड़ी सम्मान

समाज में संत रामपाल जी का प्रभाव कितना व्यापक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई वरिष्ठ नेताओं और किलोई गाँव के सरपंच सहित कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने आश्रम पहुँचकर हाजिरी लगाई। इन नेताओं ने गुरु जी को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर उनका अभिनंदन किया और यह स्वीकार किया कि सतलोक आश्रम द्वारा किए जा रहे समाज सुधार के कार्य अद्भुत और अतुलनीय हैं।

डीघल गौशाला कमेटी का आभार और सम्मान

आध्यात्मिक हस्तियों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं का जुड़ाव भी बढ़ता जा रहा है। डीघल गौशाला कमेटी के पदाधिकारियों ने भी आश्रम पहुँचकर संत रामपाल जी महाराज को पगड़ी पहनाई। उन्होंने गुरु जी के परोपकारी कार्यों और जीव-दया के उपदेशों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। यह सिलसिला आज भी निरंतर जारी है, जो सिद्ध करता है कि 8 अप्रैल के बाद एक नए युग की शुरुआत हुई है।

सिर्फ संत रामपाल जी महाराज से है उम्मीद 

10 अप्रैल को  जेल से बाहर आने के बाद से ही संत रामपाल जी महाराज का ‘क्रेज’ और उनके प्रति लोगों का विश्वास निरंतर बढ़ रहा है। चाहे वो राजनीति हो या खेल, समाज का हर अंग आज सतलोक आश्रम की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा किए गए सामाजिक सुधार के कार्य हर वर्ग से प्रोत्साहन पा रहे है। आप भी अधिक जानकारी के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक ज्ञान गंगा अवश्य पढ़े। 

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