संत रामपाल जी के सानिध्य में दहेज मुक्त विवाह की ओर बढ़ता भारत

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संत रामपाल जी के सानिध्य में रमैनी के माध्यम से सम्पन्न हो रहे हैं दहेज मुक्त विवाह, जिससे लाखों लोगों को दहेज रूपी राक्षस से मिल रहा है छुटकारा.

मध्यप्रदेश के जिला पन्ना में सम्पन्न हुआ दहेज़ मुक्त विवाह

मध्यप्रदेश के जिला पन्ना में चन्द्रभान दास जो MPEB विद्युत विभाग में L A के पद पर है ने मनीषा दासी संग दहेज मुक्त विवाह करके समाज को यह संदेश दिया है कि लड़के की सरकारी नौकरी होने के वावजूद भी दोनो परिवारों की तरफ से एक रुपये के दहेज का लेन देन नहीं हुआ। दूल्हा चन्द्रभान और दुल्हन मनीषा ने बताया कि हम संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्य हैं और हमारे सद्गुरु जी ने हमें यह बताया है कि न दहेज लेना है न दहेज देना है। दहेज देकर न कोई लड़की सुखी होते देखी , न दहेज लेकर परिवार बस्ते देखे।

यदि भारत के किसी गरीब घर में लड़की पैदा हो जाए तो माता पिता की चिंता दुगूनी हो जाती है कि लड़की के दहेज के लिए पैसा इकट्ठा करना पड़ेगा और अमीर के घर लड़की का जन्म हो जाए तो लड़की के माता-पिता उसके दहेज में लाखों करोड़ों तक खर्च कर देते हैं।

दहेज समाज के लिए अभिशाप

लड़की का जन्म प्रत्येक परिवार में उसकी परवरिश, शिक्षा और ब्याह के लिए अलग-अलग मापदंड तय करता है। दहेज ने समाज में गहरी खाई बना दी है जिसका जुर्माना हर लड़की और उसके माता-पिता वर्षों से ढोते आ रहे हैं। रोज़ समाचार पत्रों में खबरें छपती हैं कि दहेज के लिए लड़की को जला दिया गया, कहीं उसे छत से धक्का मार दिया , तो कहीं पैदा हुई लड़की को कूड़े के ढेर में फैंक दिया गया। इसका कारण दहेज है। दहेज के कारण लाखों परिवार उजड़े धन ने दहेज लोभियों की आत्मा को मार डाला है।

समाज से दहेज रूपी दानव को समाज सुधारक संत रामपाल जी ने जड़ से खत्म करने का फैसला किया है। संत रामपाल जी के सानिध्य में आकर उनका प्रत्येक शिष्य यह प्रण ले चुका है कि बेटा-बेटी का विवाह सादगी ,बिना दान दहेज के और परमात्मा की रमैणी सुनकर करेंगे। विवाह में कोई ‌खर्च नहीं करेंगे। हमें समाज में , लोगों की सोच में बदलाव लाना है। दहेज न देंगे, न लेंगे और इसी‌ तर्ज पर‌ विवाह करेंगे। विवाह के लिए अब धन की नहीं केवल संत रामपाल जी महाराज जी के आशीर्वाद की ज़रूरत है।

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