Cyclone Biparjoy [Hindi] | गुजरात में चक्रवात बिपरजॉय के चलते रेड अलर्ट, ट्रेनें रद्द, स्कूल बंद; 8 राज्यों के लिए बारिश की चेतावनी

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Cyclone Biparjoy in Hindi: 6 जून को अरब सागर में उठा शक्तिशाली तूफान बिपारजॉय भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जोकि आज 15 जून की शाम को गुजरात के तट से टकरा सकता है। इसी के मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात में सौराष्ट्र, द्वारका और कच्छ तटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही इस चक्रवाती तूफान से भारी नुकसान होने की आशंका जताई है और कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है। आइये जानते हैं बिपारजॉय चक्रवात (Cyclone Biparjoy) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

Cyclone Biparjoy News [Hindi]: मुख्य बिन्दु

  • अरब सागर में उठा शक्तिशाली चक्रवात बिपरजोय आज गुजरात के समुद्री तट से टकरा सकता है।
  • 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं।
  • तूफान की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की 17 टीमें, सेना और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर हैं। 
  • आईएमडी ने चक्रवात बिपारजॉय (Biparjoy Cyclone) के मद्देनजर आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बारिश की भविष्यवाणी की है।
  • चक्रवात की गंभीर स्थिति को देखते हुए गुजरात के आठ जिलों से 75000 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है।

बिपारजॉय तूफान: मौसम विभाग का पूर्वानुमान

गुजरात के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा चक्रवात बिपारजॉय बेहद खतरनाक हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज 15 जून गुरुवार को शाम 4 से रात 8 बजे के बीच यह तूफान कच्छ जिले के जखौ बंदरगाह पहुंचेगा। जिसके बाद गुजरात के तटीय क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हो सकते हैं। साथ ही, मौसम विभाग ने चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए सौराष्ट्र और कच्छ तटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात की अत्याधिक रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर/घंटा के बीच हो सकती है। जोकि 150 किलोमीटर प्रतिघंटा तक भी पहुंच सकती है। वहीं माना जा रहा है कि बिपारजॉय साइक्लोन (Cyclone Biparjoy in Hindi) के जखौ बंदरगाह से टकराने के बाद 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। जिससे भारी बारिश भी हो सकती है।

पाकिस्तान में भी बिपरजोय साइक्लोन का अलर्ट

पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी बिपरजॉय चक्रवात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहां के मौसम विभाग के अनुसार आज सिंध के केटी बंदरगाह से चक्रवात बिपरजॉय टकराएगा। जिसका असर कराची में भी देखने को मिलेगा।

एनडीआरएफ की 33 टीमें अलर्ट

केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा तूफान के ख़तरनाक होने की स्थिति को लेकर तैयारी की गई है। इस तूफान का असर गुजरात, महाराष्ट्र व कर्नाटक में देखने को मिल रहा है। जिसके तहत 33 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), कोस्ट गार्ड, आर्मी, नेवी और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें अलर्ट मोड पर हैं जोकि नावों, पेड़ काटने वालों, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं। वहीं मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है। वहीं भारतीय तट रक्षक और नौसेना ने बिपारजॉय तूफान से राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकाप्टरों को तैनात किया है।

■ यह भी पढ़ें: सतभक्ति है तौकते तूफान (Tauktae Cyclone) रूपी प्राकृतिक आपदा से बचाव का तरीका

8 राज्यों में बारिश होने की संभावना

मौसम विभाग (IMD) ने बिपारजॉय चक्रवात (Cyclone Biparjoy in Hindi) के कारण 8 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। जिसमें गुजरात, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गोवा, दमन दीव, लक्षद्वीप, दादर और नगर हवेली के लिए अलर्ट जारी किया है। वहीं चक्रवात से गुजरात के पोरबंदर, राजकोट, मोरबी और जूनागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में आज 15 जून को अत्यधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात क्षेत्र के जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना बताई गई है। 

हजारों लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया

खतरनाक चक्रवात बिपारजॉय (Cyclone Biparjoy) के गुरुवार को कच्छ जिले के जखाऊ बंदरगाह के पास पहुंचने की आशंका को देखते हुए गुजरात में अधिकारियों ने बुधवार सुबह तक तटीय क्षेत्रों से 75,000 हजार लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में स्थानांतरित किया है। अकेले कच्छ जिले से ही 34 हजार से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

Cyclone Biparjoy को देखते हुए उठाए जा रहे है एहतियाती क़दम

बिपरजोय चक्रवाती तूफ़ान के मद्देनज़र पश्चिम रेलवे ने 15 जून तक तक़रीबन 95 से अधिक ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया है या फिर उनकी दूरी कम कर दी है। वहीं गुजरात सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूलों को 15 जून तक बंद कर दिया है तो कांडला और जाखो समेत कच्छ की खाड़ी में स्थित बंदरगाहों को भी बंद कर दिया गया है। इसके अलावा चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने कई रूटों पर अपनी सेवाएं रद्द कर दी हैं।

चक्रवात का नाम बिपारजॉय किसने दिया?

‘बिपरजॉय’ बांग्ला भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है ‘आपदा’। इस खतरनाक होते तूफान को बिपरजॉय नाम बांग्लादेश द्वारा दिया गया है।

प्राकृतिक आपदाओं से मुक्ति कैसे मिल सकती है? 

इतिहास गवाह है कि एक पूर्ण संत को जिसने भी सताने की कोशिश की, उसका सर्वनाश हो गया और वर्तमान में वहीं स्थिति उत्पन्न हो गई है। संत रामपाल जी महाराज परमेश्वर कबीर साहेब के आशीर्वाद वाले एकमात्र संत हैं जिन्हें अज्ञानता से सताया गया है। संत रामपाल जी महाराज पूरे विश्व में एकमात्र संत हैं जो भक्ति को सभी धर्मों के शास्त्रों के अनुसार बताते हैं। जिनके विषय में पवित्र कबीर सागर, अध्याय कबीर बानी पृष्ठ 132 में कबीर परमेश्वर ने कहा है :

एक वस्तु गोय (गुप्त) हम राखी। सो निर्णय तुम सो नहीं भाखी।।
नौतम सुरति हमारी साखा। सात सुरति की उत्पत्ति भाखा।।
आठवीं सुरति तुम चलि आए। नौतम (नौवीं) सुरति हम गुप्त छिपाए।। 
नौतम सुरति बचन निज मोरा। जे हिते पल्ला न पकरे काल चोरा।।

अर्थात धर्मदास तुम मेरी आठवीं अच्छी आत्मा हो। आप आ चुके हो। अब मेरी नौंवी अच्छी आत्मा आएगी। उसके पास मेरी पूर्ण शक्ति रहेगी। जिसके विषय में कबीर परमेश्वर ने कबीर सागर अध्याय कबीर बानी पृष्ठ 137, अध्याय स्वसमवेद बोध 121, 171 में कहा है कि जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा तब वह महापुरूष पृथ्वी पर प्रकट होगा, जो मेरे समान शक्ति युक्त होगा। परमेश्वर कबीर की नौतम सुरति यानि अंश संत रामपाल जी महाराज के रूप में पृथ्वी पर मौजूद हैं, जो सर्व पंथों व धर्मों के अज्ञान को उजागर कर सत्यज्ञान प्रदान कर रहे हैं।

संत रामपाल जी महाराज के विषय में ही नास्त्रेदमस, फ्लोरेंस जैसे अनेकों भविष्यवक्ताओं, संतों ने भविष्यवाणियाँ भी की हैं जो 100 प्रतिशत सत्य हैं, जिसमें उन्होंने एक महान सायरन के बारे में बताया है जोकि प्राकृतिक परिवर्तन भी कर सकता है। इसलिए पाठकों से अनुरोध है कि संत रामपाल जी महाराज व उनके ज्ञान को जानने के लिए आज ही Sant Rampal Ji Maharaj App गूगल प्ले स्टोर से डाऊनलोड करें।

Cyclone Biparjoy in Hindi: FAQ

प्रश्न – बिपारजॉय तूफान कब तक गुजरात के तट से टकरा सकता है?

उत्तर – आज 15 जून को शाम 4 से रात 8 के बीच गुजरात के कच्छ में जखौ पोर्ट से टकराने की संभावना है।

प्रश्न – बिपारजॉय का अर्थ क्या है?

उत्तर – आपदा

प्रश्न – इस तूफान का बिपारजॉय नाम किसने दिया?

उत्तर – बांग्लादेश ने

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