Coronavirus Omicron Variant: क्या है कोरोना का ओमीक्रॉन वेरिएंट तथा क्या है इससे बचाव का रास्ता?

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Coronavirus Omicron Variant: कोरोना वायरस (Coronavirus) के कई रूप अब तक सामने आ चुके हैं, जिसमें डेल्टा (Delta) ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया। इसके अलावा अल्फा, बीटा और ऐसे ही कई वेरिएंट और हैं। इस बीच कोरोना का एक और नया वेरिएंट ओमीक्रॉन (Omicron B.1.1.529  Covid 19) आ गया है। इस वेरिएंट को लेकर ( WHO ) विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी भी जारी कर दी है। WHO ने कहा कि ये नया वेरिएंट बेहद तेजी से फैलता है और इसे बेहद चिंताजनक करार दिया है क्योंकि यह बहुत ही ज्यादा खतरनाक है।

Coronavirus Omicron Variant : मुख्य बिंदु

  • कोरोना वायरस के नए वैरिएंट का असर खेल से लेकर शेयर बाजारों तक शुरू हो चुका है।
  • कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका की उड़ानों पर रोक लगा दी है। 
  • अमेरिका (US) ने 8 अफ्रीकी देशों से हवाई यात्रा पर रोक लगा दी है। फ्रांस समेत यूरोपियन यूनियन के सभी देशों ने दक्षिण अफ्रीका से उड़ानों पर रोक लगाने पर सहमति जताई है। 
  • जूनियर महिला हॉकी वर्ल्ड कप को भी टाल दिया गया है। साउथ अफ्रीका में महिला जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप होना था। 
  • ब्रिटेन, इजरायल, सिंगापुर, नीदरलैंड और फ्रांस समेत अमेरिका ने भी अफ्रीका के दक्षिणी भाग में आने वाले देशों की उड़ानों पर रोक लगा दी है । 
  • एक हफ्ते में दक्षिण अफ्रीका ओमिक्रोन के नए वेरिएंट के मामले 22 नवंबर को 314, 23 नवंबर को 868, 24 नवंबर को 1275, 25 नवंबर को 2465 और 26 नवंबर को 2828 दर्ज हुए।
  • केंद्र सरकार ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दक्षिण अफ्रीका, हॉन्ग-कॉन्ग और बोत्सवाना से सीधे आने वालों की कड़ी जांच की जाए, उनकी स्क्रीनिंग हो, राज्य सरकारें अलर्ट रहें। 
  • मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डीडीएमए (DDMA) की बैठक बुलाई है। नए कोविड वेरिएंट (Coronavirus Omicron Variant) पर DDMA से Presentation तैयार करने को कहा है। सोमवार को DDMA अपने Presentation में तरीके और तैयारी के बारे में बताएगा।
  • विश्व को कौन बचाएगा खतरनाक बीमारियों के कहर से?

Coronavirus Omicron Variant शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है?

ओमिक्रोन (Omicron) वायरस 15वां वेरिएंट है। वायरस (Virus) अपना स्वरूप बदलते रहते हैं, जिसके कारण उनके नए-नए वेरिएंट (Variant) बनते रहते हैं। आमतौर पर नए स्ट्रेन (Strain) या वेरिएंट के काम करने के तरीके में कोई ज्यादा बदलाव नहीं आता। एक बार होस्ट यानी किसी शरीर में पहुंचने के बाद वायरस तेजी से अपने आरएनए (RNA) की कॉपी बनाने लगता है, जिससे कि उसकी संख्या बढ़ती रहती है। 

कई बार जब वायरस (Virus) अपनी संख्या बढ़ा रहा होता है तो उसमें आरएनए के कॉपी में गड़बड़ी आ जाती है, इसे ही वैज्ञानिक म्यूटेशन (Mutation) कहते हैं। इसके कारण उसका स्वरूप बदल जाता है और एक नया स्ट्रेन सामने आ जाता है। कभी अल्फा (Coronavirus Alfa Variant) तो कभी डेल्टा वेरिएंट (Coronavirus Delta Variant) ने असमय लोगों को मौत के घाट उतार दिया। 

Coronavirus Omicron Variant के बारे में विशेषज्ञ​ क्‍या कहते हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि जितने ज्यादा म्यूटेशन के जरिए वेरिएंट बनेगा वह उतना ही अधिक प्रभावशाली होगा यानी यह वेरिएंट (Coronavirus Omicron Variant) हमें अधिक नुकसान पहुंचा पाएगा। इसके अलावा वैक्सीन को लेकर कहा जा रहा है कि वैक्सीनेशन भी शरीर में स्पाइक प्रोटीन को तैयार कर इम्यून करते हैं। लेकिन इतने म्यूटेंट से बने वेरिएंट से बचना शरीर के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

​क्‍या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को है बड़ा खतरा?  

इतने सारे म्यूटेंट का एक ही वेरिएंट में पाया जाना, इस बात की ओर इशारा करता है, कि यह कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है, जैसे एचआईवी और एड्स के मरीज। यदि डेल्टा और अल्फा वेरिएंट की तरह वैक्सीन इस वैरिएंट (Coronavirus Omicron Variant) को भी पहचान ले और इसके प्रभाव को कम कर दे तो नुकसान कम हो सकता है।

CM केजरीवाल ने PM मोदी के लिए लिखा ट्वीट

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal)  ने ट्वीट में लिखा, ‘मैं माननीय प्रधानमंत्री से उन देशों से उड़ानें बंद करने का आग्रह करता हूं जो नए वेरिएंट (Coronavirus Omicron Variant) से प्रभावित हुए हैं। बड़ी मुश्किल से हमारा देश कोरोना से उबरा है। हमें इस नए वेरिएंट को भारत में प्रवेश करने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।” 

देश में लग चुके हैं 120 करोड़ वैक्सिन डोज़

हालांकि, देश में अब तक कोविड रोधी टीके की 120 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट किया, ‘अब तक टीके की 120 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं और इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर घर दस्तक अभियान महामारी के विरुद्ध भारत की लड़ाई को मजबूत करता जा रहा है।’

क्या है सभी बीमारियों की मूल जड़? 

Coronavirus Omicron Variant: ऐसा बताया गया है कि कोरोना वायरस शायद चीन के वुहान शहर की मीट मार्केट से निकला (SA News इसकी पुष्टि नहीं करता) अर्थात मांसाहार के कारण भी कई भयंकर बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। हम मनुष्यों ने मांसाहार खाना यदि बंद नहीं किया तो ऐसी समस्याएं थमने का नाम नहीं लेगी। बेजुबान जानवर पशु- पक्षियों को मारकर, उनके माँस को खाकर अगर हम ऊपर वाले से रहम की उम्मीद रखते हैं तो यह हमारी मूर्खता है फिर हमें अपने ऊपर पाप कर्मों की मार के कहर को झेलते रहना पड़ेगा। बीड़ी, तंबाकू,शराब, सिगरेट ,अफीम, चरस, गांजा इत्यादि सभी प्रकार के अन्य नशे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देते हैं। 

विश्व के सभी रोग खत्म हो सकते हैं सतभक्ति करने से

शास्त्र विरुद्ध साधना, सभी बीमारियों की मूल जड़ है और सत भक्ति करने से पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब अपने भक्तों की भयंकर से भयंकर बीमारी पल भर में समाप्त कर देते हैं, इसलिए हमें पूर्ण संत से नाम दीक्षा लेकर सत भक्ति करनी चाहिए। ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 163 मंत्र 1, यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 1, सामवेद संख्या 1400, 822, अथर्ववेद के काण्ड 4 के अनुवाक 1 के श्लोक 7 में यह प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा का नाम कबीर है और उनके द्वारा नियुक्त किए गए तत्वदर्शी संत से नाम दीक्षा लेकर भक्ति करने से कबीर परमात्मा हर तरह की बीमारियों को खत्म कर देते हैं। 

लाखों लोगों को कैंसर, एड्स, जैसी खतरनाक बीमारियां थी, लाखों युवा अलग-अलग प्रकार के नशे में डूबे हुए थे, जिस कारण उनके परिवार बर्बाद हो चुके थे किंतु जैसे ही उन्होंने सतभक्ति करना शुरू किया उनके सभी प्रकार के नशे और बीमारियां ठीक हो गयीं और आज वे सुखी और समृद्ध जीवन जी रहे हैं। हमारा सौभाग्य है कि ऐसा आध्यात्मिक गुरू जिसके द्वारा बताई भक्ति करने से लोग ठीक हो जाते हैं वे हिंदुस्तान में मौजूद हैं। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज” द्वारा बताई भक्ति करने से लोगों को हर प्रकार के लाभ मिलते हैं। यदि आप निरोगी जीवन और मोक्ष प्राप्त करना चाहते हैं तो “संत रामपाल जी महाराज” द्वारा लिखित पुस्तक “जीने की राह” को अवश्य पढ़ें , ज्ञान समझें तत्पश्चात नाम दीक्षा लेकर, मर्यादा में रहकर भक्ति करें, ताकि सभी प्रकार की बीमारियां से बचे रहें।

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