HomeHindi NewsChandrashekhar Guruji Murder Case (Hindi) : वास्तुशास्त्री चंद्रशेखर की चाकू मारकर हत्या

Chandrashekhar Guruji Murder Case (Hindi) : वास्तुशास्त्री चंद्रशेखर की चाकू मारकर हत्या

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Chandrashekhar Guruji Murder Case (Hindi): जिला हुबली, कर्नाटक (karnataka) में सरल वास्तु के ज्ञाता की ख्याति से मशहूर चंद्रशेखर शास्त्री (Chandrashekhar Guruji) की हत्या का मामला सामने आया है। यहां कुछ अज्ञात लोगों ने एक होटल में शास्त्री जी पर चाकुओं से हमला कर दिया जिसमें उनकी मौत हो गई। हुबली के पुलिस आयुक्त एन लभुराम ने बताया है कि चंद्रशेखर शास्त्री प्रेसिडेंट होटल में ठहरे हुए थे।

Chandrashekhar Guruji Murder (Hindi) : मुख्य बिन्दु

  • वास्तुशास्त्री चंद्रशेखर की हत्या, कर्नाटक के जिला हुबली मे होटल के रिसेप्शन में दो हत्यारे चाकू से हमला कर फरार हो गए।
  • CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई हत्यारों की हकीकत, लगातार चाकू से हमला करते रहे जब तक कि शास्त्री जी नीचे गिरे नहीं।
  • पुलिस ने महंतेश और मंजुनाथ नाम के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है
  • चंद्रशेखर शास्त्री जी पूरे देश में सरल वास्तु के नाम से मशहूर हैं। उन्होंने 1995 में शरण संकुल ट्रस्ट की स्थापना की थी और अपने समाजिक कार्यों की शुरुआत की।
  • शास्त्रानुकूल साधना करने से आती है वास्तविक सुख समृद्धि

Chandrashekhar Guruji Murder: CCTV कैमरे में कैद हुई सम्पूर्ण वारदात

Chandrashekhar Guruji Murder Case (Hindi): ये घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। वायरल हो रहे हैं CCTV फुटेज में आप साफ देख सकते हैं कि चंद्रशेखर शास्त्रीय कर्नाटक के हुबली जिला के -धारवाड़ रोड पर एक होटल के रिसेप्‍शन पर बैठे हुए हैं। उनके पास अनुयायी के रूप में दो लोग आए। एक उनके पैर छू रहा है और शास्त्री जी उसे आशीर्वाद दे रहे हैं। तभी बगल में खड़ा युवक उन पर चाकुओं से हमला कर देता है और लगातार हमला करता है। उसके साथ दूसरा व्यक्ति भी हमला करने लगता है। जब तक वो जमीन पर गिर नहीं जाते दोनों उनपर चाकुओं से वार करते रहते हैं। पास में ही कुर्सी पर बैठे अन्य लोग डरकर भाग जाते हैं। इसके बाद चंद्रशेखर शास्त्री जी की हत्या कर ये दोनों आरोपी होटल के कर्मचारियों को धमकी देकर वहाँ से भाग जाते हैं। 

Chandrashekhar Guruji Murder: आरोपी हुए गिरपतार 

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस आयुक्त लाभ राम और अन्य अधिकारी पहुँच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए केआईएमएस अस्पताल भेज दिया है और उनके परिवार वालों को भी इसकी सूचना दे दी गई है। इस मामले की रिपोर्ट विजय नगर थाने में दर्ज कर ली गई है।

पुलिस ने जानकारी दी है कि वास्तु शास्त्री चंद्रशेखर के परिवार में 3 दिन पहले ही एक बच्चे की मौत हुई थी। इसी संबंध में वो हुबली आए हुए थे। उन्हें इस होटल के लॉबी में बुलाया गया था और फिर इस घटना को अंजाम दिया गया। इस मामले में पुलिस ने महंतेश और मंजुनाथ नाम के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जानेंगे आखिर चंद्रशेखर शास्त्री जी कौन थे।

Chandrashekhar Guruji Murder: वास्तुशास्त्री चंद्रशेखर कौन हैं ?

चंद्रशेखर शास्त्री जी पूरे देश में सरल वास्तु के नाम से मशहूर हैं। उन्होंने मुंबई में एक ठेकेदार के रूप में अपने करियर की शुरूआत की थी। इसके बाद उन्होंने कोई जॉब जॉइन की थी, लेकिन सामाजिक कार्यों के प्रति उनका झुकाव कम नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने 1995 में शरण संकुल ट्रस्ट की स्थापना की थी और अपने सामाजिक कार्यों की शुरुआत की। इसके बाद घर और वास्तु के जरिए वो लोगों के जीवन की समस्याओं को हल करने लगे। उन्होंने सरल वास्तु के नाम से एक चैनल भी शुरू किया था। वो धीरे-धीरे लोगों में काफी लोकप्रिय होते चले गए लेकिन कई लोग मोटी फीस के बावजूद समस्या का कोई समाधान न होने से नाराज भी चल रहे थे। जानिए कैसे आती है वास्तविक सुख-समृद्धि व ऐश्वर्य।

पूर्ण संत द्वारा दिये गए सत्यनाम से ही आती है वास्तविक सुख-समृद्धि, वास्तु शास्त्र या ज्योतिष से नहीं

जो व्यक्ति शुभ-अशुभ वार (दिन) के चक्कर में पड़े हैं, उनको पूर्ण आध्यात्मिक ज्ञान नहीं है। सातों वार (रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, वीरवार, शुक्रवार, शनिवार) एक समान हैं। पवित्र सद्ग्रन्थों में वर्णन है कि सत्यनाम साधक के शुभ कर्म में राहु-केतु राक्षस घाट अर्थात् मार्ग नहीं रोक सकते। सतगुरू तुरंत उस बाधा को समाप्त कर देते हैं। भावार्थ है कि सत्यनाम साधक पर किसी भी ग्रह तथा राहु-केतु का कोई प्रभाव नहीं पड़ता तथा दशों दिशाओं की सर्व बाधाएं समाप्त हो जाती हैं। आइए जानते हैं हमारे ऊपर आने वाली आपत्ति को कौन टाल सकता है?

पूर्ण परमात्मा सत्यसाधक के अक्षम्य पापों को भी क्षमा कर देते हैं

पवित्र यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 में लिखा है कि कविरंघारिसि = (कविर्) कबिर परमेश्वर (अंघ) पाप का (अरि) शत्रु (असि) है अर्थात् पाप विनाशक कबीर है। बम्भारिसि = (बम्भारि) बन्धन का शत्रु अर्थात् बन्दी छोड़ कबीर परमेश्वर (असि) है।

यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13

यह बहुत स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि परमात्मा पाप नाश कर सकते हैं। परमात्मा अपने उपासक के पापों का नाश कर देते हैं। परमात्मा पिता द्वारा किए गए पापों को भी नष्ट कर देते हैं।

परमात्मा घोर पाप का भी नाश कर देते हैं। परमात्मा अनजाने में किए गए सभी पापों का भी नाश कर देते हैं। परमात्मा अतीत में किए गए या वर्तमान में किए गए सभी पापों का भी नाश कर देते हैं।  तो आइए जानते है वर्तमान में पूर्ण संत कौन है जो हमारे ऊपर तीन ताप के अंदर आने वाले सभी संकटों का नाश कर सकता है व मोक्ष भी प्रदान कर सकता है।

वर्तमान में शास्त्रानुकूल साधना प्रदान करने वाला अधिकारी संत कौन है ?

सम्पूर्ण ब्रह्मांड में इस समय केवल संत रामपाल जी महाराज जी ही एकमात्र तत्वदर्शी संत हैं जो साधकों को सर्व धर्मों के पवित्र शास्त्रों से प्रमाणित भक्ति विधि प्रदान करते हैं। संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा दिए गए सत्यनाम के सुमिरण से साधकों को वह सभी लाभ प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी महिमा का गुणगान वेद करते हैं। संत रामपाल जी महाराज जी के अनमोल ज्ञान को विस्तृत रूप से जानने के लिए पढ़ें ज्ञान गंगा पुस्तक।

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