CBSE Class 12 Exam 2021: जीवन की परीक्षा की तैयारी – है ज्यादा जरूरी

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CBSE Class 12 Exam 2021: पूरा देश इस समय कोरोना के कारण लॉक डाउन का सामना कर रहा है वहीं 12वीं कक्षा के विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं पर होने वाले अंतिम फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं एवं परीक्षा के आयोजन को रद्द करने की मांग लगातार अभिभावकों व विद्यार्थियों द्वारा की जा रही है। आवश्यक रूप से जानें कि क्या है अंतिम परीक्षा और कौन बताएगा इसके विषय में तथा कैसे होंगे इसमें उत्तीर्ण?

CBSE Class 12 Board Exam 2021 मुख्य बिंदु

  • केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ने की सभी राज्य शिक्षा सचिवों के साथ बैठक
  • सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया
  • फैसला जल्द घोषित होने की संभावना
  • कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के बारे में कोई निर्णय नहीं जबकि कक्षा 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई है
  • जीवन की अंतिम परीक्षा की  तिथि रहती है अघोषित, रहें हमेशा तैयार

CBSE Class 12 Board Exam 2021: याचिका दायर की गई थी

सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द कराने के लिए याचिका दायर की गई थी। यह याचिका ममता शर्मा की ओर से दायर की गई थी। याचिका के अनुसार 12वीं के छात्रों के मूल्यांकन ऑब्जेक्टिव कार्यप्रणाली के तहत किये जाएं एवं समय के भीतर ही परिणाम भी घोषित किये जाएं। परीक्षा को अनिश्चितकालीन स्थगित करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

CBSE Class 12 Board Exam 2021: सीबीएसई ने किया खंडन भ्रांतियों का

सीबीएसई ने उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स को नकारा है जिसमें कहा जा रहा था कि 12वीं की परीक्षाएं रद्द की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त ट्विटर पर #saveboardstudents काफी ट्रेंड किया था एवं  विद्यार्थियों ने पोर्टल के माध्यम से भी याचिका दायर की थी।

CBSE Class 12 Board Exam 2021: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने की बैठक

केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल “निशंक” ने सभी राज्यों के सचिवों के साथ बैठक की है जिसमें वर्तमान स्थिति, ऑनलाइन शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी 2020 के कार्यान्वयन पर चर्चा की। 12वीं परीक्षा के विषय में कोई निर्णय नहीं दिया गया है। इससे पहले बताया गया था की सीबीएसई परीक्षाओं पर फैसला 24 -25 मई तक होने की उम्मीद है।

CBSE Class 12 Board Exam 2021: अभिभावकों और विद्यार्थियों की ओर से परीक्षाएं रद्द करने के अनुरोध

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व केंद्र सरकार को अभिभावकों व विद्यार्थियों की ओर से कोरोना वायरस महामारी के चलते  आगामी सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने के अनुरोध किये जा रहे हैं। सीबीएसई द्वारा कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन की कोई तिथि नहीं दी गई है वहीं कक्षा 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।

अंतिम परीक्षा है सबसे महत्वपूर्ण

अंतिम परीक्षा होती है मोक्ष की। मानव शरीर भक्ति के लिए प्राप्त हुआ है जिसे हम पशुओं की भांति परीक्षा देकर अंक लाने फिर नौकरी करने, धन जोड़ने और संतान उत्पन्न करने में व्यतीत कर देते हैं। जब तक मानव भक्ति न करे यानी मोक्ष की परीक्षा के लिए पढ़ाई न करे तब तक मानव का जन्म व्यर्थ है ठीक पशुओं की तरह।

Also Read: CBSE Revised Date Sheet 2021: 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021 की संशोधित डेट शीट जारी 

अंतिम परीक्षा की घोषणा नहीं होती। यह परीक्षा प्रत्येक मनुष्य की अलग-अलग होती है अतः इसकी तिथि अघोषित होती है जिसे आमतौर पर बुढ़ापे में मान लिया जाता है। जबकि भक्ति करने की कोई आयु नहीं। पानी के बुलबुले सा जीवन है जो कभी भी फट सकता है और परीक्षा तिथि कभी भी आ सकती है।

जैसे मोती ओस का ऐसी तेरी आव,

गरीबदास कर बन्दगी बहुर न ऐसा दाव ||

करें तैयारी डट कर ढूंढे सही आध्यात्मिक शिक्षक

जैसे विद्यार्थी को यह बात पता होती है कि उसे 1 दिन परीक्षा देनी है तो उसके लिए वह डटकर तैयारी करता है जिस कारण से वह परीक्षा में सफल होता है। यदि कोई विद्यार्थी परीक्षा के लिए तैयारी नहीं करता तो अंतिम समय में वह डर जाता है और जो थोड़ा बहुत उसे याद होता है वह उसे भी भूल जाता है। 

ठीक यही हालत मनुष्य की होती है यदि वह अपने जीवन में भक्ति करता है तो जब उसकी मौत आती है तो उसके प्राण बहुत आसानी से छूट जाते हैं और वह सुखदायक स्थान सतलोक को प्राप्त करता है। वहीं इसके ठीक विपरीत ऐसा मानव जिसने अपने जीवन में भक्ति रूपी तैयारी मोक्ष रूपी परीक्षा के लिए नहीं की तो उसका अंत समय बड़ा कष्टदायक होता है।

उसके प्राण भी बहुत मुश्किल से छूटते है और मरने के बाद उसे नर्क और 84 लाख योनियों को प्राप्त होना पड़ता है इसलिए मोक्ष रूपी परीक्षा की तैयारी करना हर मानव के लिए बहुत जरूरी है और यह मनुष्य जीवन का परम कर्तव्य भी है। जैसे विद्यार्थी जीवन में शिक्षक पाठ पढ़ाता है और फिर परीक्षा होती है वैसे ही आध्यात्मिक जीवन बिना तत्वदर्शी संत के अपूर्ण ही नहीं बल्कि असफल भी है। 

गुरु बिन माला फेरते, गुरु बिन देते दान |

गुरु बिन दोनों निष्फल हैं, चाहे पूछो वेद पुराण ||

गुरु कैसा हो? गुरु पूरा हो जो सभी धर्म ग्रन्थों के आधार पर सही तर्कपूर्ण आध्यात्मिक ज्ञान दे सके और सभी भ्रांतियों का खण्डन कर सके। केवल एक धर्म विशेष के गुरु को तत्वदर्शी संत बता देना महामूर्खता है। तत्वदर्शी संत स्वयं पूर्ण परमेश्वर या उसका नुमाईंदा होता है जो एक धर्म, मानवता के धर्म का पक्षधर होता है एवं सर्व धर्मों के धर्मग्रंथों के सभी गूढ़ रहस्य उजागर करता है। अधिक जानकारी हेतु डाउनलोड करें पवित्र पुस्तक जीने की राह

संत रामपाल जी महाराज हैं पूर्ण तत्वदर्शी संत

तत्वदर्शी संत बिरला ही मिलता है और एक समय में एक ही होता है। वर्तमान में पूर्ण तत्वदर्शी संत हैं, संत रामपाल जी महाराज। संत रामपाल जी महाराज ने अनेकों समाज सुधार जैसे दहेज रहित विवाह, नशामुक्ति, देहदान, रक्तदान जैसे कार्य किये हैं जिससे लोगों का जीवन सुगम हुआ है। एक ओर तत्वज्ञान ने बिगड़ते काम बनाये हैं वहीं दूसरी ओर सामाजिक बुराइयों तथा जानलेवा बीमारियों से छुटकारा दिलाया और मोक्ष का रास्ता बताया है। संत रामपाल जी महाराज ने मोक्ष का रास्ता खोला है, इस लोक और असली सतलोक दोनों के सुख अपने साधकों को प्राप्त करवाये हैं। देर न करते हुए यथाशीघ्र तत्वज्ञान समझें और संत रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा लेकर अपना कल्याण करवाएं। अधिक जानकारी के लिए देखें सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल

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