Budget 2022 [Hindi]: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया आम बजट, जाने क्या बढ़ा और क्या घटा?

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बजट (Budget 2022 Hindi News): केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार, 1 फरवरी 2022 को देश का आम बजट पेश किया। प्रतिवर्ष सरकार आम बजट के माध्यम से आगामी वित्त वर्ष के लिए अपनी वित्तीय योजनाएं सामने रखती है। इस वर्ष का बजट सत्र का पहला भाग वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सामने रखा।

Budget 2022: मुख्य बिंदु

  • पहले बजट सत्र का भाषण 1 फरवरी 2022 को पेश किया गया।
  • पहले बजट सत्र के भाग से दूसरे के भाग के बीच लगभग 1 महीने का अवकाश होगा।
  • बजट से एक दिन पहले पेश की गई आर्थिक समीक्षा।
  • मोदी सरकार के कार्यकाल में पेश हुआ दसवां बजट।

Budget 2022 Hindi News: क्या है आम बजट

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार वर्ष के विशेष समय में वित्तीय ब्यौरे को संघीय बजट कहते हैं। सरकार हर वित्त वर्ष की शुरुआत में संसद में बजट पेश करती है। एक प्रकार से बजट अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार की वित्तीय योजना होती है।

Budget 2022: बजट सत्र का संचालन

Budget 2022 Hindi News: संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। इस सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से हुई। केंद्रीय बजट सत्र का पहला भाग 31 जनवरी से 11 फरवरी तक चलेगा। बजट सत्र के दूसरे भाग के मध्य 1 महीने का अवकाश रहेगा तथा दूसरा भाग 14 मार्च से शुरू होकर 9 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र के संचालन के समय संसद के दोनों सदन अलग अलग समय पर चलेंगे। 2 फरवरी से 11 फरवरी के मध्य लोकसभा स्तर की कार्यवाही शाम 4 से रात्रि 9 तक एवं राज्यसभा की कार्यवाही प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक चलेगी।

Budget 2022 Hindi News: आर्थिक समीक्षा

आर्थिक सर्वे में अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर पेश की जाती है और इसमें पूरे वर्ष का सम्पूर्ण लेखा-जोखा रहता है। यह बजट का मुख्य आधार होता है। बजट सत्र से एक दिन पहले संसद में आर्थिक समीक्षा पेश की गई। इस समीक्षा में कोरोना महामारी से आने वाले समय में कोई नकारात्मक प्रभाव अर्थव्यवस्था पर नहीं जताया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष का ग्रोथ रेट 9.2 फीसदी का होने का अनुमान जताया गया है।

Budget 2022: 2014 से अब तक मोदी सरकार का यह दसवां बजट

2014 से अब तक का मोदी सरकार का यह दसवां आम बजट। यह पूर्णकालिक वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण का चौथा बजट होगा। आइए एक नज़र डालें सभी वर्षों के अब तक के आम बजट पर

  • 2014 का आम बजट: वर्ष 2014 का आम बजट पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा जुलाई में पेश किया गया था। मुख्य रूप से देखें तो टैक्स छूट की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये एवं सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स डिडक्शन की सीमा 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख तक की गई थी।
  • 2015 का आम बजट: वर्ष 2015 के आम बजट भी पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पेश किया था। मुख्य रूप से नज़र डालें तो सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश और मिलने वाले ब्याज को टैक्स फ्री किया था। हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स डिडक्शन लिमिट 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की थी। साथ ही इसी वर्ष के आम बजट में 1 करोड़ से अधिक वार्षिक आय वाले प्रतिव्यक्ति पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया था।
  • 2016 का आम बजट: वर्ष 2016 के आम बजट भी पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पेश किया था। इस वर्ष के प्रमुख बिंदुओं पर नज़र डालें तो घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट को 24 हजार से बढ़कर 60 हजार किया था। इस बार 1 करोड़ से अधिक वार्षिक आय वाले इंडिविजुअल पर सरचार्ज 12 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी कर दिया।
  • 2017 का आम बजट: वर्ष 2017 के आम बजट भी पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पेश किया था। इस वर्ष के बजट में राजनैतिक पार्टियों के लिए भी प्रावधान था कि वे नगद में केवल 2000 रुपए तक का चंदा ले सकेंगी। इस वर्ष कर दाताओं को 12500 रुपये तक का रिबेट मिला था।
  • 2018 का आम बजट: वर्ष 2018 के आम बजट भी पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पेश किया था। इस वर्ष इक्विटीज से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (1 लाख रुपये से अधिक) पर 10 फीसदी टैक्स लगाया गया। वरिष्ठ नागरिकों की पचास हजार रुपए तक की ब्याज आवक को टैक्स छूट प्रदान की गई।
  • 2019 का आम बजट: वर्ष 2019 का आम बजट वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया था। इस वर्ष के बजट में टैक्स रिबेड की लिमिट 2500 से बढ़ाकर 12500 की गई। किराए पर TDS को बढ़ाकर 1.80 लाख रुपए से बढ़ाकर 2.40 लाख रुपये तक कर दिया गया। करंट अकाउंट में एक करोड़ से अधिक जमा करने साथ ही एक साल में विदेश यात्रा पर दो लाख खर्च करने अथवा एक लाख रुपये से अधिक बिजली के भुगतान के लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य किया गया।
  • 2020 का आम बजट: इस वर्ष का बजट वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। इस वर्ष के आम बजट में 75 वर्ष से अधिक आयु सीमा के बुजुर्गों को इनकम टैक्स रिटर्न भरने से छूट दी गई जो केवल पेंशन और जमा ब्याज पर निर्भर हैं। इस वर्ष वैकल्पिक आयकर स्लैब्स की घोषणा की गई। 
  • 2021 का आम बजट: इस वर्ष बजट वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भी पेश किया था। इस बजट में न्यू इंडिया जा खाका पेश किया गया था। स्टार्टअप कम्पनियों के  लिए टैक्स हॉलिडे को एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया। इस आम बजट में इंश्योरेंस सेक्टर में FDI की सीमा को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी किया गया। 2021-22 के बजट में ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के आवंटन को 40,000 करोड़ तक किया है।

2022 के बजट में क्या होगा सस्ता-मंहगा

आज 1 फरवरी 2022 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश किया। इस वर्ष के बजट के माध्यम से आगे के 25 वर्षों की बुनियाद रखने की बात निर्मला सीतारमण ने की। आइए जानें कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • कृषि ऋण का लक्ष्य बढ़ाकर 18 लाख करोड़ किया गया है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाते हुए मोबाइल फोन चार्जर, मोबाइल फोन कैमरा लेंस आदि के देश में ही निर्माण के लिए ड्यूटी कन्सेशन की घोषणा की है जिससे ये सस्ते होने की संभावना है।
  • रत्न और आभूषणों पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। हीरे के जेवरात होंगे सस्ते।
  • इमिटेशन ज्वेलरी पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाए जाने से ये महंगी होंगी।
  • छातों को बनाने वाले पुर्जों पर टैक्स की छूट को खत्म कर दिया गया है जिससे बारिश में उपयोग होने वाले छाते महंगे हो जाएंगे।
  • मेथेनॉल पर कस्टम ड्यूटी कम कर देने के कारण वह सस्ता होगा।
  • सरकार ने इस वर्ष देश में उत्पादन हेतु सोलर मॉड्यूल, एक्स रे मशीन, लाउडस्पीकर, स्मार्ट मीटर, सोलर सेल आदि पर सीमाशुल्क बढ़ा दिया है।
  • 1 अक्टूबर 2022 से बिना इथेनॉल वाला पेट्रोल महंगा होगा क्योंकि सरकार ने अक्टूबर 2022 से बिना इथेनॉल वाले ईंधन पर 2 रुपये प्रति लीटर का उत्पादन शुल्क लगाया है। 
  • क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर 30 फीसदी टैक्स साथ ही ट्रांसेक्शन पर 1 फीसदी की दर से टीडीएस भी काटा जाएगा। कॉरपोरेटिव टैक्स की सीमा बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए की गई।

Budget 2022 Hindi News: टैक्स पेयर्स को नहीं कोई राहत

नौकरी पेशा व्यक्ति की आकांक्षा बजट से केवल टैक्स में छूट को लेकर रहती है। इस वर्ष टैक्स पेयर्स को कोई राहत नहीं है उन्हें पुराने टैक्स स्लेब्स के अनुसार ही टैक्स भरना पड़ेगा। वर्ष 2014 में सत्ता पर आते ही वर्तमान सरकार ने टैक्स में छूट की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख कर दी थी। 60 वर्ष से अधिक और 80 वर्ष से कम आयुवर्ग के लोगों की छूट 2.5 लाख से 3 लाख रुपये कर दी गई थी। इस वर्ष भी पुराने टैक्स स्लेब के हिसाब से ही टैक्सपेयर्स को आयकर देना होगा।

Budget 2022: PLI स्कीम को अच्छा रिस्पांस

निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि देश के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए चलाई गई पीएलआई योजना (PLI scheme) को बढ़िया रिस्पांस मिला है इस कारण आगे कुछ वर्षों में 60 लाख नए रोजगारों की संभावना उन्होंने जताई। सरकार ने इस वर्ष के बजट में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 19,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया है।

Credit: DD News

आम व्यक्ति को आम बजट से कोई सरोकार नहीं

वर्तमान में संसार में कुछ लोग ही ऐसे हैं जिनके पास धन पर्याप्त है। आमतौर पर साधरण जीवन जीने वाले आम व्यक्ति को बजट से कोई मतलब नहीं। उसका जीवन तो सुबह शाम के भोजन के इंतज़ाम में गुज़र रहा है। यह बजट भारतवर्ष के विभिन्न सेक्टरों एवं आगे की गतिविधियों के लिए आवश्यक है। किंतु आपने कभी गौर किया कि क्यों आम आदमी सुबह से शाम रोटी के पीछे भागने वाला जीवन जीने को मजबूर है? क्यों उसे वह सब सुविधाएं हासिल नहीं जिनके वह सपने देखता है? आखिर किस प्रकार उसे भी वे सुख समृद्धि प्राप्त हो सकते हैं जो दुनिया की केवल गिनी चुनी संख्या को प्राप्त है। 

वह स्थान जहाँ धन की नहीं कोई कमी नहीं

हम सभी अपने पुराने कर्म बंधनों के फलस्वरूप इस जन्म में परेशानियों से एवं अभावों से जूझते हैं। किंतु ये अभाव सदा के लिए नहीं हैं। सत्यभक्ति के माध्यम से आप अपने पुराने कर्मबन्धन सदा के लिए समाप्त कर सकते हैं एवं मृत्यु के बाद ऐसे लोक में जा सकते हैं जहाँ बिना कर्म किए फल प्राप्ति होती है। ऐसा लोक जहाँ अपार सुख हैं। इस दुनिया के सभी सुख स्थायी हैं। आप इन्हें सदा नहीं भोग सकते और ये सदा आपके पास नहीं रह सकते किन्तु इस दुनिया से परे सतलोक हमारा निजधाम है जहां से गलती करके हम यहां आकर दुखी हो रहे हैं।

तत्वदर्शी सन्त दिलाएगा सतलोक

शास्त्रों के अनुसार तत्वदर्शी सन्त को गुरु बनाना और उसके द्वारा बताई गई साधना करना ही सुख दे सकता है जो पूर्ण मोक्ष दायक भी है। सतलोक स्वर्ग लोकों से करोड़ो गुना अधिक अच्छा है। वहां न ईर्ष्या है ना द्वेष है ना बुढ़ापा है ना रोग है। केवल सुख है जिनका वर्णन करना असम्भव है। मृत्यु के पश्चात सत्य साधक का असली जीवन प्रारंभ होता है। विश्व में तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा लें एवं अपना जीवन सफल बनायें तथा सतलोक के लिए अग्रसर हों।

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