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ना पंडित, ना घोड़ी,ना बैंडबाजा और हो गयी शादी।

राजस्थान में सीकर के मिलन मैरिज गार्डन में एक अनोखा विवाह सपन्न हुआ इस विवाह में कई दिलचस्प बातें देखने को मिली जिस कारण से यह विवाह चर्चा का विषय रहा ।
सबसे खास बात यह रही कि यह विवाह बिना दहेज के और मात्र 17 मिनिट में रमैणी के माध्यम से विवाह सम्पन्न हुआ।
किसी प्रकार का कोई आडम्बर फालतू खर्च इस विवाह में नहीं हुआ।
इसके अलावा भोजन के रूप में भी मिठाई की जगह मात्र चाय बिस्कुट से बड़ी ही सादगी के साथ यह विवाह समारोह सम्पन्न हुआ।
साथ ही विवाह में शामिल होने वाले सभी व्यक्तियों को भी दहेज न लेने व नशा न करने का संदेश भी दिया गया।
इस जोड़े ने सद्गुरु रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से दहेजमुक्त विवाह करके एक अनूठी मिसाल कायम की है संत रामपाल जी का उद्देश्य है कि पूरे विश्व से नशा,दहेज और भ्रष्टाचार का सफाया हो और सभी एक सुखी जीवन जी सके।
इस विवाह में आये सभी लोंगो ने नशा, दहेज से दूर रहने का संकल्प लिया और 11 लोंगो ने संत रामपाल जी से नामदीक्षा ली।

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