Bihar Chunav Exit Poll 2020: बिहार में अबकी बार किसकी बनेगी सरकार ,सबकी नज़रें हैं 10 नवंबर के नतीजों पर

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Bihar Chunav Exit Poll 2020: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav 2020) में तीसरे चरण की वोटिंग कल (8 नवंबर) शाम छह बजे खत्‍म हो गई। बिहार में 243 सीटों पर तीन चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्‍न हो गया है। बिहार के 2.34 करोड़ मतदाता विधानसभा का फैसला करेंगे। चुनावी नतीजे 10 नवंबर को मतगणना के बाद आएंगे जिसमें 1,204 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। विभिन्‍न सर्वे एजेंसियां और न्‍यूज़ चैनलों ने भाजपा, राजद, जदयू, लोजपा आदि पार्टियों के अनुमानित आंकड़े जारी कर दिए हैं। इसके जरिये कुछ हद तक बिहार में नई सरकार की तस्‍वीर साफ हो गई है। तमाम सर्वे एजेंसियां और न्‍यूज़ चैनल के एग्जिट पोल के आंकडो़ंं में नीतीश और तेजस्‍वी दोनों को नई सरकार बनाने के बेहद करीब बताया गया है।

किसकी होगी जीत, कौन सी पार्टी ने किया जनता को अधिक प्रभावित, किस पर दिखाया जनता ने विश्वास ,क्या चाहती है बिहार की जनता इस बार, क्या कहते हैं एग्ज़िट पोल के नतीजे। इस पर पढ़िए SA news की विशेष खबर और साथ ही जानिए कौन सी सत्ता का है बिहार सहित विश्व की जनसंख्या को इंतज़ार।

सर्वे एजेंसियों और न्यूज़ चैनलों के Bihar Chunav Exit Poll के नतीजे

  • बिहार में तेजस्‍वी यादव की अगुआई में नई सरकार बन सकती है।
  • सर्वे एजेंसी के एग्जिट पोल में नीतीश कुमार की अगुआई में फिर से एनडीए की सरकार भी बन सकती है।
  • तेजस्‍वी यादव के नेतृत्‍व में महागठबंधन भी दौड़ में आगे बना हुआ है।
  • बिहार चुनाव में हुए दूसरे एग्जिट पोल्स ने एनडीए के मुकाबले महागठबंधन को मजबूत बताया है।
  • बीजेपी का कहना है कि एग्जिट पोल के नतीजे असली नहीं हैं।

भास्कर के एग्जिट पोल के मुताबिक, राज्य में जदयू (JDU) की तुलना में BJP बेहतर स्थिति में होगी। बीजेपी को 63 से लेकर 65 सीटें मिल सकती हैं। जबकि जेडीयू को 58 से 63 सीट मिलने के आसार हैं। वहीं महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी मानी जा रही राजद को 52 से 60 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि कांग्रेस के खाते में 19-27 सीट जा सकती हैं।

कौन सी पार्टी ने किसके साथ किया है गठबंधन?

एनडीए में भाजपा, जदयू, हम और वीआइपी, महागठबंधन में राजद के साथ कांग्रेस. इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन में भाजपा के साथ जदयू, हम, वीआइपी पार्टी शामिल है। ऐसे में एग्जिट पोल की टैली में भाजपा+, राजद और कांग्रेस को जोड़कर महागठबंधन व लोजपा, जन अधिकार पार्टी, एआईएमआईएम, रालोसपा समेत दूसरी पार्टियों को अन्‍य की श्रेणी में रखा गया है। बिहार में तीन चरणों में हुए विधानसभा चुनाव में इस बार एनडीए और राजद के बीच कड़ा मुकाबला है। चुनावी जानकारों के अनुसार तीनों चरण में मतदाताओं का ट्रेंड कुछ अलग दिखा।

Bihar Chunav Exit Poll 2020: क्या कहती हैं चुनावी भविष्यवाणियां?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए के लिए सीटों की संख्या में भारी गिरावट की भविष्यवाणी की गई।
भाजपा को कुछ बदलावों की भविष्यवाणी करने वाले कुछ चुनावों के साथ, 2015 की अपनी टैली को बनाए रखने की संभावना है।
महागठबंधन के लिए, चुनावों ने राजद के लिए और विशेष रूप से तेजस्वी यादव के लोकप्रिय समर्थन की भविष्यवाणी की है।
चाणक्य और एबीपी न्यूज-सी वोटर समेत पोलस्टर्स ने तेजस्वी यादव के लिए जीत की भविष्यवाणी की है, उनके वोटों के जनसांख्यिकीय द्विभाजन से यह संकेत मिलता है कि मुस्लिम-यादव गठबंधन राजद के साथ फंस गया है। पार्टी के पक्ष में जो बदलाव आया है वह यह है कि बीजेपी के साथ गठबंधन के कारण नीतीश को मुस्लिम वोटों का नुकसान हो सकता है।

एग्जिट पोल (Exit Poll) ने यह भी भविष्यवाणी की है कि कांग्रेस महागठबंधन में कमजोर कड़ी साबित हो रही है। लोक जनशक्ति पार्टी ने एनडीए के बाहर अकेले चुनाव लड़ कर ध्यान आकर्षित किया, चुनावों ने चिराग पासवान के संगठन के लिए सिर्फ 1-10 सीटों के बीच भविष्यवाणी की है। बिहार विधानसभा चुनाव में राजद और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन के वोट प्रतिशत में 44 प्रतिशत की बढ़त दिलाई जबकि राजग को 34 प्रतिशत वोट शेयर मिले।

इस बीच, भाजपा दूसरे सबसे अधिक वोट शेयर वाली पार्टी के रूप में दिखाई दी। टाइम्स नाउ सी-वोटर के सर्वे ने बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के लिए बढ़त की भविष्यवाणी की। लेकिन आरजेडी, कांग्रेस, सीपीएम और अन्य छोटे दलों वाले गठबंधन 122 की जादुई संख्या को कम कर सकते हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव के स्टार प्रचारक

भाजपा-जद (यू) नीतीश कुमार के नेतृत्व में सत्ता विरोधी भावना का सामना कर रही है और मुख्य विपक्षी दल राजद है। हाल ही में बनाए गए ग्रैंड सेक्युलर के लिए सभी दलों ने अभियानों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सहित कई स्टार प्रचारकों के साथ रिंग में नज़र आए।

कोविड -19 के मद्देनजर चुनाव से पहले क्या सावधानियां बरती गईं?

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने गुरुवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले इंटरनेशनल वर्चुअल इलेक्शन विज़िटर प्रोग्राम के उद्घाटन के मौके पर, महामारी के बीच राज्यसभा चुनावों के पहले पोल पैनल ने ज़मीन का परीक्षण किया। उत्साहित होकर, उन्होंने बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए जाने का फैसला किया। अरोड़ा ने कहा कि बिहार चुनावों ने दिखाया है कि दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकाय चुनाव करा सकते हैं।

कोरोना महामारी के कारण लगभग 60 देशों ने मतदान स्थगित कर दिया था। बाद में, श्रीलंका, दक्षिण कोरिया, क्रोएशिया और मंगोलिया सहित देशों में चुनाव हुए। चुनाव आयोग सभी चुनावों के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाता है। लेकिन इस बार, कोरोनावायरस के “नए आयाम” ने अधिक चुनौतियां पैदा कीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा।

बिहार में प्रति मतदान केंद्र की संख्या 1,500 से घटकर 1000 हो गई। इससे मतदान केंद्रों की संख्या में वृद्धि हुई। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले और विकलांग लोगों को पोस्टल बैलेट का उपयोग करने का विकल्प दिया गया था। लेकिन उनमें से अधिकांश मतदान करने के लिए मतदान केंद्र पर जाना पसंद करते हैं।

प्रतिभागियों को सूचित करते हुए कि बिहार में जातिगत तनाव और सांप्रदायिक मुद्दों का इतिहास रहा है, परंतु इस बार के मतदान के दौरान ऐसा कुछ नहीं देखा गया।

Bihar Chunav Exit Poll: बिहार की जनता चाहती है बदलाव: कांग्रेस

राजद के राज्यसभा सांसद सह मुख्य प्रवक्ता मनोज झा ने कहा है कि एग्जिट पोल के आंकड़े अपनी जगह हैं, लेकिन बिहार के जनादेश ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता बदलाव चाहती है। लोगों ने बिहार को सड़ी-गली व्यवस्था से बाहर निकालने और नया बिहार गढ़ने के लिए सबसे बेहतर विकल्प तेजस्वी प्रसाद यादव को माना है। बिहार ने युवा चेहरे के पक्ष में मतदान किया है। वहीं, कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने कहा है कि एग्जिट पोल से बेहतर परिणाम मतगणना के बाद आएंगे। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बनेगी।

कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि बिहार ने बदलाव के लिए मतदान किया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एग्जिट पोल दिलचस्प हैं:

“हमें विश्वास है कि बिहार ने बदलाव के लिए मतदान किया है और बिहार बदलाव के लिए मतदान करेगा।”

संत रामपाल जी महाराज जी एकमात्र संत हैं जिनकी सत्ता का है सबको इंतजार

प्रसिद्ध फ्रांसीसी भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने कहा है, विश्व धार्मिक हिंदू संत पचास वर्ष की आयु में अर्थात् 2001 में ज्ञाता होकर प्रचार करेगा। वो विश्व धार्मिक नेता संत रामपाल जी महाराज ही हैं जिनकी अध्यक्षता में भारतवर्ष पूरे विश्व पर राज्य करेगा। पूरे विश्व में एक ही ज्ञान (भक्ति मार्ग) चलेगा। संत रामपाल जी के ज्ञान से पूरा विश्व शांति ,स्वास्थ्य, सहनशीलता और आत्मसंतुष्टि का अनुभव करेगा। सत्ता की भूख और भ्रष्टाचार समाप्त होगा। नेता लूटा नहीं करेंगे बल्कि स्वयंसेवक होकर जनता की सेवा करेंगे।

विश्व के प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस के अनुसार उस महापुरुष का जन्म भारत में होगा। उसकी एक भाषा होगी, उसका एक झंडा होगा। वही महापुरुष पूरे विश्व में शांति स्थापित करेगा। वो महापुरुष संत रामपाल जी महाराज जी हैं जो समस्त विश्व को एक सूत्र में बांध कर काल के जाल से मुक्त कर सकते हैं।

सर्व मानव दुर्मति त्यागकर नेक नीति अपनाएंगे। इसी कलयुग में जो माया के लिए भाग-दौड़ मची है, वह शांत हो जाएगी। सर्व मानव शांत स्वभाव के बन जाएंगे। चाहे कोई उग्र (डाकू, चोर,नेता या अन्य कारण से समाज को दुखी करने वाला), चाहे कोई नीची जाति का हो, सर्व एक होकर रहेंगे। वह महापुरुष अर्थात तत्वदर्शी संत रूप में प्रकट होंगे।

यदि आज के करोड़ों मानव उस परमतत्व के ज्ञाता संत को ढूंढकर, स्वीकार कर, उनके बताए अनुसार, अपनी जीवन शैली को बदल लेंगे तो पूरे विश्व में सद्भावना, आपसी भाई-चारा, दया तथा सद्भक्ति का वातावरण हो जाएगा। वर्तमान का मानव बुद्धिजीवी है इसलिए उस सन्त के विचारों को अवश्य स्वीकार करेगा। ‘विश्व विजेता संत’ संत रामपाल जी महाराज की अध्यक्षता में हिंदुस्तान विश्वगुरु धर्मगुरु के रूप में प्रतिष्ठित होगा ।

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