February 19, 2026

संत रामपाल जी महाराज ने भटगांव डूंगरान गांव में दोबारा भेजी राहत और अन्नपूर्णा मुहिम

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हरियाणा के सोनीपत जिले के अंतर्गत आने वाले भटगांव डूंगरान में पिछले काफी समय से बाढ़ और भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। खेतों से लेकर गांव की गलियों तक तीन चार फुट पानी जमा होने के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया था। इस विकट स्थिति में ग्रामीणों की पुकार सुनते हुए संत रामपाल जी महाराज ने एक बार फिर सहायता का हाथ बढ़ाया है।

संत रामपाल जी महाराज ने भटगांव डूंगरान के निवासियों के लिए राहत सामग्री का दूसरा विशाल काफिला भेजा है, जिसमें भारी मात्रा में पाइप और शक्तिशाली मोटरें शामिल हैं। यह कदम न केवल वर्तमान संकट को दूर करने के लिए है, बल्कि भविष्य में भी गांव को ऐसी आपदाओं से बचाने के लिए एक स्थायी समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

भटगांव डूंगरान में जलभराव और सांपों का खौफनाक मंजर

भटगांव डूंगरान और इसके आसपास के क्षेत्रों में हालात इतने बदतर थे कि ग्रामीणों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया था। जलभराव के कारण खेतों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थीं और अब अगली फसल की बिजाई पर भी संकट के बादल मंडरा रहे थे।

पानी की निकासी न होने के कारण गांव में जहरीले सांपों का आतंक फैल गया था। ग्रामीणों ने बताया कि पानी निकालने वाली मोटरों पर दर्जनों सांप लिपटे रहते थे। एक ग्रामीण ने यह भयावह घटना साझा की कि एक बुजुर्ग व्यक्ति जब सो रहे थे, तब उनके पैर पर सांप चढ़ गया। इससे पूरे गांव में भय का माहौल बन गया।

स्कूल जाने वाले बच्चे और पशु भी इस स्थिति से गंभीर रूप से प्रभावित थे, क्योंकि सड़कों पर जमा पानी और उसमें छिपे जीव जानलेवा साबित हो सकते थे।

संत रामपाल जी महाराज ने भेजी दूसरी बार सहायता सामग्री

जब सरकारी तंत्र और अन्य माध्यमों से ग्रामीणों को कोई ठोस सहायता नहीं मिली, तब उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना की। संत रामपाल जी महाराज ने इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए अन्नपूर्णा मुहिम के तहत भटगांव डूंगरान में राहत का काफिला रवाना किया। यह गांव के लिए सहायता की दूसरी किस्त है।

इससे पूर्व संत रामपाल जी महाराज ने गांव की दो पंचायतों भटगांव माल्यान और भटगांव डूंगरान के लिए 18,000 फुट पाइप और चार शक्तिशाली मोटरें भेजी थीं। जलभराव की भयावहता को देखते हुए ग्रामीणों ने पुनः निवेदन किया। इस बार संत रामपाल जी महाराज ने 2000 फुट अतिरिक्त पाइप और एक विशाल 15 एचपी की मोटर भेजी है।

अब गांव के पास कुल 20,000 फुट पाइप और पांच बड़ी मोटरें उपलब्ध हैं, जिनसे पानी निकासी का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

अन्नपूर्णा मुहिम: फसलों और किसानों के भविष्य का संरक्षण

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम का शुभारंभ विशेष रूप से किसानों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए किया है। भटगांव डूंगरान में पानी जमा रहने के कारण धान की फसल पहले ही नष्ट हो चुकी थी। यदि समय रहते पानी नहीं निकाला जाता, तो गेहूं की अगली बिजाई असंभव हो जाती।

Also Read: संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से कलिंगा गांव को दी जल प्रलय से मुक्ति

संत रामपाल जी महाराज ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक गांव के अंतिम कोने से पानी पूरी तरह बाहर नहीं निकल जाता, तब तक सेवा कार्य बंद नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पाइप और मोटरें उच्च गुणवत्ता की हों ताकि वे लंबे समय तक कार्य कर सकें। क्रॉम्पटन कंपनी की शक्तिशाली मोटरें और स्टील के नट बोल्ट जैसी बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को बार बार मरम्मत की चिंता न करनी पड़े।

संत रामपाल जी महाराज का सेवा संकल्प और निस्वार्थ भाव

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से समाज सेवा का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपने अनुयायियों और सेवादारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह कार्य किसी दिखावे के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक धरातल पर परिणाम लाने के लिए होना चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि दान का प्रत्येक पैसा जनसेवा और परमार्थ के कार्यों में ही लगाया जाना चाहिए। यही कारण है कि जहां अन्य लोग आपदा के समय केवल प्रवचन तक सीमित रहते हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज ने संसाधनों के साथ सीधे मैदान में उतरकर लोगों की जान माल की रक्षा की है।

अब तक संत रामपाल जी महाराज हरियाणा और पंजाब के 300 से अधिक गांवों में इसी प्रकार की राहत सामग्री पहुंचाकर किसानों को आर्थिक तबाही से बचा चुके हैं।

ग्रामीणों का आभार और भविष्य के लिए स्थायी समाधान

भटगांव डूंगरान की ग्राम पंचायत और स्थानीय निवासियों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। गांव के सरपंच और पंचों ने संत रामपाल जी महाराज को पगड़ी और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने आज तक ऐसी निस्वार्थ सेवा नहीं देखी, जहां प्रार्थना के कुछ ही दिनों में लाखों रुपये का सामान गांव तक पहुंच गया। संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों को यह सुझाव भी दिया है कि इन पाइपों को जमीन में दबाकर स्थायी रूप से बिछा दिया जाए, ताकि भविष्य में भारी बारिश होने पर पानी तुरंत बाहर निकाला जा सके। यह मार्गदर्शन गांव के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है।

परमार्थ और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश

इस राहत कार्य के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज ने यह संदेश दिया है कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने 36 बिरादरी के हित को ध्यान में रखते हुए बिना किसी भेदभाव के भटगांव डूंगरान की सहायता की है।

संत रामपाल जी महाराज ने सेवादारों को निर्देश दिए हैं कि ड्रोन के माध्यम से गांव की स्थिति पर नजर रखी जाए, ताकि पानी निकलने के बाद लहलहाती फसलों का दृश्य दुनिया को दिखाया जा सके। इससे दानदाताओं का विश्वास भी बढ़ता है कि उनका सहयोग सही उद्देश्य के लिए उपयोग हो रहा है।

इन प्रयासों से न केवल भटगांव डूंगरान जलमुक्त हो रहा है, बल्कि किसानों के चेहरों पर खोई हुई मुस्कान भी वापस लौट आई है।

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