Bharat Bandh 2020: 8 दिसंबर को किसानों का भारत बंद

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Bharat Bandh 2020: कृषि सम्बन्धी नए कानूनों को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते 8 दिसम्बर 2020 भारत बंद के रूप में सामने आएगा। इस दिन सुबह 8 बजे से शाम तक भारत बंद की स्थिति रहेगी एवं सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक चक्का जाम करने की योजना है।

Bharat Bandh 2020 (भारत बंद) के मुख्य बिंदु

  • कृषि सम्बंधित तीन कानूनों के विरोध प्रदर्शन के चलते 8 दिसम्बर रहेगा भारत बंद
  • पिछले 11 दिनों से किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है, सरकार के साथ पांचवे दौर की बैठक में भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है
  • दूध-फल-सब्जी पर भी लगेगी बंद के दौरान पूरी तरह रोक
  • तत्वज्ञान से दूर होते हैं कलह, क्लेश और महासंकट

8 दिसम्बर- भारत बंद (Bharat Bandh 2020)

कृषि सम्बंधित कानूनों के विरोध के चलते पूरा भारत बंद (Bharat Bandh 2020) रखने का फैसला किया गया है। इस फैसले का भारत के विभिन्न दलों ने समर्थन भी किया है। पिछले 11 दिनों से किसान राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का कार्य कर रहे हैं। सरकार के साथ हुई किसी बैठक में अब तक निर्णय नहीं निकल पाया है साथ ही 9 दिसम्बर 2020 को अगली बैठक किसानों और सरकार के बीच होनी है।

भारत बंद (Bharat Bandh 2020): दूध-फल-सब्जियां पूरी तरह रहेंगी बंद

  • भारत बंद (Bharat Bandh 2020) के दिन दूध फल सब्जियों पर पूरी तरह रोक लगेगी।
  • सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक चक्काजाम की स्थिति रहेगी।
  • एम्बुलेंस आदि के अलावा शादी-विवाह वाली गाड़ियों को भी न रोकने का फैसला लिया गया है।
  • अब तक पांच दौर की बैठक किसानों और सरकार के बीच हो चुकी है एवं 9 दिसम्बर को छठे दौर की बैठक होनी है
  • जानकारी के लिए बता दें कि किसान तीन कानूनों-
    • मूल उत्पाद एवं कृषि सेवा अधिनियम 2020
    • आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020
    • किसानों के उत्पादन, व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020 का विरोध कर रहे हैं।

(Bharat Bandh 2020) भारत बंद: विभिन्न राजनीतिक दलों ने किया समर्थन

कांग्रेस, आरजेडी, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सहित कुल 11 दलों ने देशव्यापी भारत बंद (Bharat Bandh 2020) का समर्थन किया है। विभिन्न संगठनों के नेताओं ने अपना समर्थन किसानों को और भारत बंद को दिया है। गौरतलब है कि दिल्ली में प्रदर्शन करते हुए किसानों का रविवार को ग्यारहवां दिन था।

■ Also Read: Farmer’s Bill 2020 Protest 2.0: Why Farmer Unions Are Unhappy Over the New Farm Laws? 

तत्वज्ञान है संकट और क्लेश का निवारक

तत्वज्ञान वह करिश्माई ज्ञान है जिससे व्यक्ति हो या कोई संगठन हो, वह अपने अधीनस्थ लोगों या किसी अन्य का अहित नहीं कर सकता। तत्वज्ञान वास्तविक ज्ञान है जो माया के नशे को समाप्त करता है। तत्वज्ञान के बाद न तो सम्पत्ति की अंधी दौड़ रह जाती है और न ही मान-सम्मान की कभी खत्म न होने वाली भूख ही रह जाती है। जीव, आत्मा और कालजाल का भेद स्पष्ट ज्ञात हो जाता है। मनुष्य अपने जन्म के उद्देश्य पर यानी भक्ति धन जोड़ने पर अधिक समय और लगन लगाता है। परिवार में या देश में किसानों के टकराव जैसी स्थिति भी तत्वज्ञान के अभाव में ही जन्म लेती है।

पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब कहते हैं-

काया तेरी है नहीं, माया कहाँ से होय |
भक्ति कर दिल पाक से, जीवन है दिन दोय ||

बिन उपदेश अचम्भ है, क्यों जिवत हैं प्राण |
भक्ति बिना कहाँ ठौर है, ये नर नाहीं पाषाण ।।

तत्वज्ञान देते है केवल तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज

तत्वज्ञान केवल एक तत्वदर्शी संत ही समझा सकता है। वर्तमान में पूरे विश्व में एकमात्र तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी हैं जिन्होंने सर्व धर्मग्रंथों के आधार पर तत्वज्ञान बताया है। उनके द्वारा दिए गए तत्वज्ञान ने एक नए और सभ्य समाज का निर्माण किया है जो नशे, कुरीतियों, दहेज, भ्रष्टाचार आदि से दूर है और सेवा, भक्ति, भाईचारे और प्रेम की ओर समर्पित है। ऐसे अद्भुत समाज का निर्माण केवल तत्वदर्शी संत ही कर सकता है। तत्वज्ञान के आधार पर यह केवल संत रामपाल जी महाराज जी ने कर दिखाया है। अधिक जानकारी के लिए देखें सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल

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