January 3, 2026

Special Sunday Video| संत रामपाल जी के सत्यज्ञान से नास्तिक बन रहे लोग पुनः हो रहे आस्तिक

Published on

spot_img

धर्मगुरुओं द्वारा भगवान के अस्तित्व को लेकर पुख्ता सबूत न दे पाने के कारण और उनके द्वारा बताई गई भक्ति (इबादत) से परमात्मा से मिलने वाले लाभ न मिल पाने की वजह से लोगों को धार्मिक ग्रंथों की मान्यता पर संदेह करने और भगवान के अस्तित्व के बारे में सवाल उठाने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे मानव को नास्तिकता की ओर अग्रसर हो जाता है। लेकिन बढ़ती नास्तिकता के बीच जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज परमेश्वर के होने के पुख्ता प्रमाण दे रहे हैं तथा उनके द्वारा बताई जाने वाली भक्ति विधि से लोगों को परमेश्वर से मिलने वाले लाभ भी मिल रहे हैं। देखिये इस वीडियो में

निम्नलिखित सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर हमारे साथ जुड़िए

WhatsApp ChannelFollow
Telegram Follow
YoutubeSubscribe
Google NewsFollow

Latest articles

संत रामपाल जी महाराज की दया से बदली किस्मत: आलमपुर- नियाणा बाढ़ राहत अभियान ने बचाई हजारों जिंदगियां

हरियाणा के हिसार जिले में स्थित आलमपुर और नियाणा की संयुक्त बस्ती बीते महीनों...

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत बाढ़ प्रभावित किलाजफरगढ़ को मिली बड़ी राहत

हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील स्थित किलाजफरगढ़ गांव लंबे समय से भीषण...

105 गाँव, एक मंच और किसानों का सम्मान: जब खेतों की आवाज़ बनी किसान गौरव सम्मान समारोह

भारत की ग्रामीण आत्मा किसान है। खेतों में पसीना बहाने वाला यही वर्ग देश...

संत रामपाल जी महाराज: मानवता के सच्चे मसीहा और किसानों के रक्षक को नवाज़ा गया “जन सेवक रत्न सम्मान”

आज जब समाज स्वार्थ और आडंबरों में घिरा है, ऐसे में हरियाणा के हांसी...
spot_img

More like this

संत रामपाल जी महाराज की दया से बदली किस्मत: आलमपुर- नियाणा बाढ़ राहत अभियान ने बचाई हजारों जिंदगियां

हरियाणा के हिसार जिले में स्थित आलमपुर और नियाणा की संयुक्त बस्ती बीते महीनों...

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत बाढ़ प्रभावित किलाजफरगढ़ को मिली बड़ी राहत

हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील स्थित किलाजफरगढ़ गांव लंबे समय से भीषण...

105 गाँव, एक मंच और किसानों का सम्मान: जब खेतों की आवाज़ बनी किसान गौरव सम्मान समारोह

भारत की ग्रामीण आत्मा किसान है। खेतों में पसीना बहाने वाला यही वर्ग देश...