भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले “अटल बिहारी वाजपेयी”, 93 वर्ष के हो चुके हैं। उन्होंने पांच दशक से ज्यादा की राजनीति की, भारत के तीन बार प्रधानमंत्री बन कर, पद को सुशोभित किया। उन्होंने अपनी इतनी लंबी राजनीति में अपने चरित्र को बिना किसी घोटाले, आरोपों और गलत कुकर्मों से बचाए रखा और देश में एक सच्चे राजनेता की भूमिका निभाई और देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में भरपूर योगदान दिया। उनकी पार्टी के साथ-साथ विपक्ष भी उनके हर वक्तव्य पर सहमति दर्ज कराता रहा और देश में अनूठे गठबंधन की सरकार बनाकर उन्होंने एक नया फार्मूला देश को दिया।

ग्वालियर में जन्मे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी देश ही नहीं विदेशों में भी ख्याति प्राप्त नेता साबित हुए। लेकिन आज उनकी जो हालत है उसे देख कर कोई भी भारतीय खुश नहीं है क्योंकि अटल जी सिर्फ एक नेता नहीं जन नेता थे, उन्होंने हर वक्त हर समय देश में बदलाव लाने के लिए भरपूर प्रयास किए लेकिन आज जब वो दिल्ली स्थित एम्स ( AIIMS ) में भर्ती हैं तो देश की जनता मायूस है।
आखिर इसके पीछे क्या राज़ है ?? कि जिस व्यक्ति ने अपना संपूर्ण जीवन देश की जनता और लोकतंत्र को मजबूत करने में न्यौछावर कर दिया आज उसकी यह हालत क्यों??

आइए इसका कारण जानते हैं मैं कुछ लीक से हटकर बात करना चाहूंगा।
आखिर यह मनुष्य जीवन हमें क्यों मिला?
इस जीवन की क्या उपयोगिता है?
और इस जीवन का क्या महत्व है?

इसको जान लेने के बाद जब मनुष्य कोई कार्य करता है तो उसमें सफलता अवश्य प्राप्त करता है क्योंकि यह जीवन परमात्मा द्वारा प्रदत्त है और इस जीवन में हमें कर्म के साथ भक्ति करनी भी अति आवश्यक है। लेकिन अमूमन यह देखा जाता है कि लोग कर्म की प्रधानता में इस प्रकार से भक्ति से गायब हो जाते हैं कि वह यह भूल जाते हैं कि वे भी परमात्मा के बच्चे हैं और भक्ति करके परमात्मा प्राप्ति उनका परम कर्तव्य है। यही कारण है जिसने आज इस देश की आवाम और सारी विश्व की जनता को परेशान किया हुआ है क्योंकि आज हमारा जो मानव समाज है, वह माया की दौड़ में इस प्रकार से दौड़ रहा है कि वह भूल चुका है कि वह किस उद्देश्य से इस धरा पर जन्म लेकर आया और अगर अटल बिहारी वाजपेयी जी पूर्ण परमात्मा की सत भक्ति करते तो आज उनकी इस प्रकार से हालत ना होती क्योंकि जब उनको भारत रत्न दिया गया तब भी उनका पूरा फोटो भारत सरकार ने नहीं छापा। इसका मतलब यही निकाला जाए की उनकी हालत बेहद ही खराब है क्योंकि कई सालों से उनका कोई ताजा फोटो सामने नहीं आया, ना ही वह किसी सामाजिक या राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए और उनके बारे में तो यह भी कहा जाता है कि आज वह अपने बेहद करीबी लोगों को भी भूल चुके हैं क्योंकि उनकी याददाश्त कमजोर हो चुकी है।

ऋग्वेद में लिखा है कि पूर्ण परमात्मा भक्ति कराने के लिए अपने शिष्य की आयु भी बढ़ा सकता है और उसके रोग नष्ट भी कर सकता है जिसका प्रमाण है:

ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 161 मंत्र 2, 5, सुक्त 162 मंत्र 5, सुक्त 163 मंत्र 1 – 3

अगर अटल जी पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की सत भक्ति करें तो उनको यह स्वयं ज्ञात हो जाएगा कि वह एक सच्चे परमेश्वर की शरण में हैं और उनकी शरण में रहने से उन्हें पूर्ण मोक्ष की प्राप्ति अवश्य होगी। जिसकी गारंटी परमात्मा कबीर साहेब के अवतार जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने विश्व की संपूर्ण जनता को दे रखी है।