February 4, 2026

अनिरुद्धाचार्य जी प्रश्नोत्तरी | Aniruddhacharya ji Exposed by Sant Rampal Ji

Published on

spot_img

दोस्तों, कल्पना कीजिए, यदि आपकी शिक्षा बचपन से ही उल्टी होती—जैसे बोर्ड के पेपर में उपन्यास पढ़ाया जाता तो क्या आप अपनी परीक्षाओं में सफल हो पाते? क्या आप आगे पढ़ाई कर पाते? आजकल भारत के धर्मगुरुओं की स्थिति कुछ ऐसी ही हो गई है।

भारत में धर्मगुरुओं की भरमार हो गई है, जो शास्त्रों के विपरीत साधना और अपने अज्ञान से श्रद्धालुओं को भ्रमित कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप समाज में बुराइयाँ बढ़ रही हैं—बच्चे नशे की लत में पड़ रहे हैं, मामूली बातों पर हिंसा बढ़ रही है, और हर दिन दिल दहला देने वाली खबरें सामने आ रही हैं।

हर ओर अंधकार ही अंधकार है। क्या समाज को सुधारने वाला कोई संत नहीं है, जिसके वचनों में इतनी शक्ति हो कि उसके सत्संग प्रवचनों से समाज में बदलाव आ सके?

लेकिन एक ऐसे महापुरुष हैं, जो आशा की किरण बनकर उभरे हैं। उनके करोड़ों अनुयायी हैं, जिनमें से कोई भी नशे का शिकार नहीं है और न ही किसी भी प्रकार की कोई बुराई करता है।

इस वीडियो में, हम प्रसिद्ध धर्मगुरु श्री अनिरुधाचर्य के अज्ञान को उजागर करेंगे और आपको उस सत्य ज्ञान के बारे में बताएंगे, जो कलयुग को सतयुग में बदलने की दिशा में है।

जानिए, आखिर कौन है वह महापुरुष? जो आज के समय में शास्त्रों के अनुसार भक्ति विधि प्रदान कर रहा है, जिससे लाखों लोगों की बुराइयाँ दूर हो रही हैं और असाध्य रोग ठीक हो रहे हैं।

सभी सवालों के जवाब पाने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें तथा देखें यह वीडियो

Latest articles

संत रामपाल जी महाराज ने बदली कानौंदा (झज्जर) की किस्मत: 4 सालों का जलभराव मात्र 2 दिनों में हुआ समाप्त

हरियाणा के जिला झज्जर की बहादुरगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव कानौंदा की...

Shab-e-Barat 2026: Only True Way of Worship Can Bestow Fortune and Forgiveness

Last Updated on 3 February 2026 IST | Shab-e-Barat 2026: A large section of...
spot_img

More like this

संत रामपाल जी महाराज ने बदली कानौंदा (झज्जर) की किस्मत: 4 सालों का जलभराव मात्र 2 दिनों में हुआ समाप्त

हरियाणा के जिला झज्जर की बहादुरगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव कानौंदा की...

Shab-e-Barat 2026: Only True Way of Worship Can Bestow Fortune and Forgiveness

Last Updated on 3 February 2026 IST | Shab-e-Barat 2026: A large section of...