Agniveer Scheme [Hindi] | अग्निपथ (Agnipath) योजना पर युवाओं का आक्रोश, केंद्र सरकार के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन

Published on

spot_img

Agniveer Scheme [Hindi] | केंद्र सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते मंगलवार 14 जून 2022 को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये, भारत में दशकों से चली आ रही पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में बदलाव कर अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के द्वारा सैनिक भर्ती किये जाने की औपचारिक घोषणा की। इस स्कीम के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों को अग्निवीर (Agniveer) कहा जायेगा और योजना के अंतर्गत चार वर्ष के लिए सैनिकों की भर्ती की जाएगी। जिसके बाद भविष्य की चिंता को देखते हुए युवाओं द्वारा देशभर में केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना (Agniveer Scheme) के विरोध में प्रदर्शन किये जा रहे हैं।

Agniveer Scheme [Hindi] : मुख्य बिंदु

  • भारतीय सशस्त्र सेनाओं में भर्ती के लिए अग्निपथ अर्थात् अग्निवीर स्कीम (Agniveer Scheme) की औपचारिक घोषणा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस के द्वारा की।
  • अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना में चार वर्ष के अल्पकाल के लिए अस्थायी नियुक्ति वाली योजना है।
  • इस योजना के तहत नियुक्त होने वाले युवाओं को अग्निवीर (Agniveer) कहा जायेगा। चयन प्रक्रिया ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर होगी।
  • अग्निवीर स्कीम (Agniveer Scheme) को लेकर सेनाओं में भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के मन में उत्पन्न हुई भविष्य की चिंता।
  • अग्निवीर स्कीम का युवाओं द्वारा देशव्यापी विरोध प्रदर्शन, पुरानी भर्ती प्रक्रिया बहाली करने की मांग।
  • वहीं अग्निपथ (Agnipath) योजना पर किसान नेता राकेश टिकैत समेत विपक्षी नेताओं ने भी ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी।
  • सभी समस्याओं का समाधान आध्यात्मिक ज्ञान से संभव है।

अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) क्या है ?

अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) आर्म्ड फोर्सेज थलसेना, जलसेना और वायुसेना के लिए एक शॉर्ट टर्म यूथ रिक्रूटमेंट स्कीम है। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीर (Agniveer) कहा जायेगा। अग्निपथ (Agneepath) योजना द्वारा युवाओं को अधिकतम 4 वर्ष के लिए सेनाओं में अस्थायी नियुक्ति दी जायेगी।

Agnipath Scheme की मुख्य बातें

  • अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के अंतर्गत देश के युवाओं को अल्पकाल यानि अधिकतम 4 वर्ष के लिए भारतीय थलसेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय जलसेना में अस्थाई नियुक्ति दी जायेगी। भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीर (Agniveer) कहा जायेगा।
  • इस योजना के तहत युवाओं की भर्ती के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चयन प्रक्रिया का आयोजन किया जायेगा और उम्मीदवारों की भर्ती ऑल इंडिया मैरिट के आधार पर की जायेगी। इसके बाद मेडिकल फिटनेस टेस्ट भी होगा।
  • अग्निपथ (Agnipath) योजना का उद्देश्य 17.5 से 21 वर्ष के युवाओं को भारत की तीनों सशस्त्र सेनाओं में शामिल करना है।
  • इस साल अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) के तहत थलसेना, वायुसेना और जलसेना में 46 हजार अग्निवीर (Agniveer) की भर्ती होनी है।
  • योजना के अंतर्गत अग्निवीरों को जॉइनिंग पर 4.76 लाख रुपये का वार्षिक भत्ता मिलेगा जोकि चार वर्ष की सेवा के अंत में यह बढ़कर 6.92 लाख रुपये हो जाएगा। साथ ही, अग्निपथ (Agnipath) योजना के तहत सैनिकों को वित्तीय पैकेज में 48 लाख रुपये का गैर अंशदायी जीवन कवर शामिल है। चार साल की सेवा पूरी करने पर प्रत्येक अग्निवीर (Agniveer) को 11.71 लाख रुपये का ब्याज मुक्त सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
  • दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में प्रत्येक अग्निवीर (Agniveer) के लिए 1 करोड़ रुपये का गैर अंशदायी बीमा कवर होगा।
  • योजना के तहत अग्निवीरों की क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक बैच से 25% तक युवाओं को सशस्त्र सेनाओं के नियमित कैडर में शामिल भी किया जा सकता है। कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।

Agnipath Scheme को लेकर युवाओं के मन में डर

भारतीय सशस्त्र सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के मन में भविष्य को लेकर बेरोजगार होने का डर सता रहा है। युवाओं का कहना है कि अग्निवीर योजना (Agniveer Scheme) अर्थात् अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत 4 वर्ष के लिए नौकरी दी जायेगी और 4 साल बाद 75 फीसदी अग्निवीरों को 11 लाख रुपये देकर घर वापिस भेज दिया जाएगा। न कोई पेंशन और न कोई सुविधा होगी। इस तरह तो हम 75 फीसदी युवा बेरोजगार हो जायेंगे।

Agnipath Scheme का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

भविष्य की चिंता को देखते हुए युवाओं ने केंद्र सरकार की नई रक्षा भर्ती प्रक्रिया अर्थात् अग्निपथ योजना के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि केंद्र सरकार चार साल की नौकरी के रूप में टूर ऑफ ड्यूटी लाई है। जिसके बाद पुरानी भर्ती प्रक्रिया की मांग और अग्निवीर योजना (Agniveer Scheme) के विरोध में युवाओं ने देशव्यापी प्रदर्शन किया। 

बिहार के 17 जिलों में प्रदर्शन

बिहार में केंद्र सरकार की अग्निवीर (Agniveer) योजना के विरोध का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। जहां केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में युवाओं ने बिहार के छपरा, कैमूर, गोपालगंज, आरा, बेगूसराय, बक्सर, नवादा समेत 17 जिलों में उग्र प्रदर्शन किया। बिहार में दूसरे दिन भी योजना के विरोध में उग्र प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने 5 ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया तो वही 12 ट्रेनों में तोड़फोड़ की। कई जगह रेल सेवा प्रभावित रही और कई जगह सड़क पर भी प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने आगजनी की जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।

देश के अन्य 6 राज्यों में भी प्रदर्शन

उत्तरप्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश  समेत अन्य 6 राज्यों में केंद्र सरकार की अग्निपथ (Agnipath) योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। दुःखद बात भी सामने आई जहां हरियाणा के रोहतक में एक छात्र ने इस योजना के विरोध में आत्महत्या कर ली।

■ Also Read | Indian Army Day: 15 जनवरी को मनाया जाता है भारतीय सेना दिवस

Agniveer Scheme को लेकर विपक्षी नेताओं ने क्या कहा

वहीं अग्निवीर (Agniveer) स्कीम को लेकर काँग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गाँधी ने कहा “न कोई रैंक, न कोई पेंशन, न 2 साल से कोई direct भर्ती, न 4 साल के बाद स्थिर भविष्य, न सरकार का सेना के प्रति सम्मान, देश के बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ सुनिए, इन्हे ‘अग्निपथ’ पर चला कर इनके संयम की ‘अग्निपरीक्षा’ मत लीजिए, प्रधानमंत्री जी।”

साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, काँग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा नेता अखिलेश यादव, बसपा सुप्रिमो मायावती ने भी अग्निवीर स्कीम को लेकर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

Agnipath Scheme [Hindi] : मिथक बनाम तथ्य

अग्निपथ (Agnipath) योजना के बारे में फैलाई जा रही भ्रांतियों और गलत सूचनाओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने “मिथक बनाम तथ्य” नाम से एक दस्तावेज जारी किया है। इसके अलावा सरकार की सूचना प्रसार इकाई यानि पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने भी एक के बाद एक पोस्ट करके स्थिति स्पष्ट की है।

सरकार ने Agniveer बनने के लिए आयु सीमा बढ़ाई

देश के कई राज्यों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केन्द्र सरकार ने गुरुवार को अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत भर्ती के लिए आयु सीमा को 21 साल से बढ़कर 23 साल कर दिया है। पहले अग्निवीर बनने के लिए आयु सीमा 17.5 वर्ष से 21 वर्ष थी। हालांकि, आयु सीमा में यह छूट केवल इसी साल के लिए है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, पिछले दो साल से कोई भर्ती नहीं हुई इसलिए यह फैसला लिया गया है।

आध्यात्मिक ज्ञान है समाधान

प्रत्येक समस्या का समाधान आध्यात्मिक ज्ञान से संभव है क्योंकि आध्यात्मिक ज्ञान होने से कोई भी व्यक्ति अर्थात् देश का राजा (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री) भी क्यों न हो वह भगवान से डरकर प्रजा की सेवा करता है। प्रजा अर्थात् देश की जनता को दुःखी करने से बचता है। उसे आध्यात्मिक ज्ञान से यह पता होता है कि यह प्रजा भगवान की संतान है और यदि प्रजा को दुःखी करूँगा तो भगवान दुःखी होगा तथा फिर भगवान मुझे दण्डित करेगा।

जानिये सच्चा आध्यात्मिक ज्ञान

संत रामपाल जी महाराज जी बताते हैं सच्चा आध्यात्मिक ज्ञान। जिनके दिये ज्ञान से उनके अनुयायियों में भगवान का डर बनता है जिससे संत रामपाल जी के अनुयायी किसी भी व्यक्ति को दुःखी नहीं करते हैं। संत रामपाल जी महाराज कहते हैं – 

कबीर, दुर्बल को ना सताइये, जाकि मोटी हाय। 

बिना जीव की श्वांस से, लोह भस्म हो जाए।।

सर्व धर्मों के धर्म ग्रंथों से प्रमाणित सच्चा आध्यात्मिक ज्ञान जानने के लिए “Sant Rampal Ji Maharaj App डाऊनलोड करें या आप Satlok Ashram यूट्यूब चैनल देखें।

Latest articles

Kanwar Yatra 2026: The Spiritual Disconnect Between Tradition And Scriptures

Last Updated on 30 July 2026 IST | The world-renowned Hindu Kanwar Yatra festival...

कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2026): कांवड़ यात्रा की वह सच्चाई जिससे आप अभी तक अनजान है!

हिन्दू धर्म में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार श्रावण (सावन) का महीना शिव जी को बहुत पसंद है, परन्तु इस बात का शास्त्रों में कोई प्रमाण नहीं है। श्रावण का महीना आते ही प्रतिवर्ष हजारों की तादाद में शिव भक्त कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2022 in HIndi) करते नजर आते हैं। पाठकों को यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि क्या कांवड़ यात्रा रूपी साधना शास्त्र सम्मत है और इसे करने से कोई लाभ होता है या नहीं?

Commonwealth Games 2026: Mirabai Chanu Wins India’s First Gold 

India is taking part in the 2026 Commonwealth Games in Glasgow, Scotland, which run...

गाँव बाँय, चूरू (राजस्थान) को किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़‌ 2 के तहत संत रामपाल जी महाराज ने दी बाढ़ राहत सहायता

राजस्थान के चूरू जिले की तारानगर तहसील स्थित गाँव बाँय, जो कई दशकों से...
spot_img

More like this

Kanwar Yatra 2026: The Spiritual Disconnect Between Tradition And Scriptures

Last Updated on 30 July 2026 IST | The world-renowned Hindu Kanwar Yatra festival...

कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2026): कांवड़ यात्रा की वह सच्चाई जिससे आप अभी तक अनजान है!

हिन्दू धर्म में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार श्रावण (सावन) का महीना शिव जी को बहुत पसंद है, परन्तु इस बात का शास्त्रों में कोई प्रमाण नहीं है। श्रावण का महीना आते ही प्रतिवर्ष हजारों की तादाद में शिव भक्त कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2022 in HIndi) करते नजर आते हैं। पाठकों को यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि क्या कांवड़ यात्रा रूपी साधना शास्त्र सम्मत है और इसे करने से कोई लाभ होता है या नहीं?

Commonwealth Games 2026: Mirabai Chanu Wins India’s First Gold 

India is taking part in the 2026 Commonwealth Games in Glasgow, Scotland, which run...