आदुपुर गाँव (पलवल), हरियाणा: लगभग एक दशक से जलभराव की समस्या से जूझ रहे पलवल जिले के आदुपुर गाँव के किसानों को तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित किसान मज़दूर बचाओ अभियान चरण-2 की सहायता प्राप्त हुई है। यह सहायता विस्तृत सर्वेक्षण के बाद प्रदान की गई, जिसमें शेष जलभराव वाले क्षेत्रों का आकलन करते हुए अतिरिक्त पाइपलाइन अवसंरचना और संबंधित उपकरणों की आवश्यकता की पुष्टि की गई।
सर्वे शुरू होने से पहले आदुपुर गाँव की ग्राम पंचायत ने शेष जलभराव वाले क्षेत्रों के स्थायी समाधान की प्रार्थना लेकर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। पंचायत ने अवगत कराया कि सहायता के प्रथम चरण से गाँव के कई हिस्सों में राहत मिली थी, लेकिन कुछ स्थानों पर अब भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। इन प्रभावित क्षेत्रों के समाधान के लिए पंचायत ने 8 इंच व्यास की 7,000 फीट पाइपलाइन तथा एक 10 एचपी मोटर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
आदुपुर गाँव बाढ़ राहत चरण-2: प्रमुख बिंदु
- आदुपुर गाँव के किसान लगभग 10 वर्षों से जलभराव की समस्या का सामना कर रहे हैं।
- ग्राम पंचायत ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से चरण-2 की सहायता का अनुरोध किया।
- सर्वे दल ने सैटेलाइट मैपिंग, ड्रोन सर्वे और भौतिक निरीक्षण किया।
- जलभराव वाले तीन स्थानों का विस्तृत सर्वे किया गया।
- सर्वे में लगभग 7,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन और एक 10 एचपी मोटर की आवश्यकता की पुष्टि हुई।
- पाइपलाइन के साथ आवश्यक संबंधित सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
- भूमिगत पाइपलाइन बिछाने और सत्यापन के बाद मोटर सौंपी जाएगी।
- सहायता के दोनों चरणों के माध्यम से अब तक गाँव को कुल 11,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन और चार मोटर प्राप्त हो चुकी हैं।
सहायता का सारांश
| विवरण | जानकारी |
| गाँव | आदुपुर गाँव (पलवल), हरियाणा |
| समस्या | लगभग 10 वर्षों से कृषि भूमि में जलभराव |
| पूर्व सहायता | 8 इंच की 4,000 फीट पाइपलाइन और तीन 15 एचपी मोटर |
| चरण-2 का अनुरोध | 8 इंच की 7,000 फीट पाइपलाइन और एक 10 एचपी मोटर |
| सर्वे के तरीके | सैटेलाइट मैपिंग, ड्रोन सर्वे, स्थान-आधारित सर्वे और भौतिक निरीक्षण |
| चरण-2 की सहायता | 8 इंच की 7,000 फीट पाइपलाइन और संबंधित सामग्री |
| मोटर की स्थिति | स्वीकृत; सत्यापन के बाद सौंपी जाएगी |
| कुल प्राप्त सहायता | 8 इंच की 11,000 फीट पाइपलाइन और चार मोटर |
लगभग एक दशक से जलभराव ने खेती को किया प्रभावित
कार्यक्रम के दौरान साझा की गई जानकारी के अनुसार, पलवल जिले का आदुपुर गाँव लगभग दस वर्षों से गंभीर जलभराव की समस्या का सामना कर रहा था। बरसात के मौसम में गाँव के विभिन्न हिस्सों में पानी जमा हो जाता था, जिससे सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होती थी।
ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय तक जलभराव रहने से खड़ी फसलें खराब हो जाती थीं और कई बार किसान समय पर अपने खेतों में बुवाई भी नहीं कर पाते थे। उनका कहना था कि रुका हुआ पानी आसपास के वातावरण को भी प्रभावित करता था, जिससे खेती करने वाले परिवारों के सामने अतिरिक्त कठिनाईयाँ पैदा हो गई थीं। लगातार फसल नुकसान के कारण अनेक किसानों को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।
पहले चरण की सहायता से कई क्षेत्रों में जलभराव कम हुआ
ग्राम पंचायत ने इससे पहले भी गाँव की जलभराव समस्या के समाधान के लिए तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से सहायता का अनुरोध किया था। उस अनुरोध के बाद गाँव को 8 इंच की 4,000 फीट पाइपलाइन तथा तीन 15 एचपी मोटर उपलब्ध कराई गई थीं।
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के अनुसार, पहले चरण में मिली सहायता से कई प्रभावित क्षेत्रों से पानी की निकासी संभव हो सकी। उनका कहना है कि वर्षों से जलभराव वाले अनेक क्षेत्रों में किसान दोबारा खेती शुरू करने में सफल हुए। हालांकि, गाँव के कुछ हिस्सों में पूर्ण जल निकासी के लिए अतिरिक्त अवसंरचना की आवश्यकता अभी भी बनी हुई थी।
ग्राम पंचायत ने दूसरी बार सहायता का अनुरोध किया
पहले चरण के सकारात्मक परिणाम देखने के बाद ग्राम पंचायत ने एक बार फिर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से सहायता का अनुरोध किया। पंचायत ने बताया कि पहले चरण में उपलब्ध कराई गई पाइपलाइन और मोटरों से काफी राहत मिली, लेकिन शेष प्रभावित क्षेत्रों के स्थायी समाधान के लिए अतिरिक्त व्यवस्था आवश्यक थी।
पंचायत ने निम्नलिखित सहायता का अनुरोध किया:
- लगभग 7,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन
- एक 10 एचपी मोटर
इसका उद्देश्य शेष जलभराव प्रभावित कृषि क्षेत्रों तक जल निकासी नेटवर्क का विस्तार करना था।
सर्वे दल ने तुरंत गाँव पहुँचकर शुरू किया कार्य
ग्राम पंचायत के सदस्यों के अनुसार, वे अपनी प्रार्थना लेकर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष धनाना पहुँचे थे। उनका कहना है कि आदुपुर गाँव वापस लौटने से पहले ही उन्हें सूचना मिल गई थी कि सर्वे दल गाँव पहुँच चुका है।
ग्रामीणों ने सर्वे दल के त्वरित आगमन को महत्वपूर्ण पहल बताया। सर्वे अधिकारियों ने स्वीकृति से पहले वास्तविक आवश्यकता का सत्यापन करने के लिए चिन्हित स्थानों का तत्काल आकलन शुरू कर दिया।
आधुनिक तकनीकों से तीन स्थानों का किया गया सर्वे
सर्वे के दौरान आदुपुर गाँव के जलभराव वाले तीन अलग-अलग स्थानों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
सटीक आवश्यकता का निर्धारण करने के लिए सर्वे दल ने निम्न तकनीकों का उपयोग किया:
- सैटेलाइट मैपिंग
- स्थान-आधारित सर्वे तकनीक
- ड्रोन सर्वे
- भौतिक निरीक्षण
पहले स्थान पर जलभराव वाले पानी को निकासी चैनल से जोड़ने के लिए लगभग 1,550 फीट 8 इंच पाइपलाइन आवश्यक पाई गई। इसी स्थान पर एक 10 एचपी मोटर की आवश्यकता भी दर्ज की गई।
दूसरे स्थान पर लगभग 3,450 फीट पाइपलाइन की आवश्यकता आंकी गई, जिसकी प्रस्तावित जल निकासी लाइन ऊटावड़ रजवाहा की ओर निर्धारित की गई।
तीसरे स्थान पर लगभग 1,700 फीट पाइपलाइन तथा समीप के निचले क्षेत्र से पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त 250 फीट पाइपलाइन की आवश्यकता का आकलन किया गया।
तीनों स्थानों के निरीक्षण के निष्कर्षों को संकलित करने के बाद सर्वे दल ने निष्कर्ष निकाला कि ग्राम पंचायत द्वारा लगभग 7,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन और एक 10 एचपी मोटर की मांग पूरी तरह उचित है। इसके बाद विस्तृत सर्वे रिपोर्ट तैयार कर आगे के निर्देशों के लिए तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की गई।
सर्वे रिपोर्ट के बाद चरण-2 की सहायता को मिली स्वीकृति
सर्वे रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान के चरण-2 के तहत हरियाणा के पलवल स्थित आदुपुर गाँव को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत को निम्नलिखित सामग्री उपलब्ध कराई गई:
- 8 इंच की 7,000 फीट पाइपलाइन
- एक 10 एचपी मोटर (स्वीकृत)
- एयर वाल्व
- नट-बोल्ट
- बैंड
- प्लेटें
- फेवीकोल
- पीवीसी पाइप
- रबर तथा पाइपलाइन स्थापना के लिए आवश्यक अन्य सामग्री
ग्राम पंचायत को निर्देश दिए गए कि पहले पाइपलाइन को भूमिगत रूप से बिछाने का कार्य पूरा किया जाए। कार्य पूर्ण होने के बाद पुनः निरीक्षण किया जाएगा। स्थापना का सत्यापन होने के उपरांत स्वीकृत 10 एचपी मोटर ग्राम पंचायत को सौंप दी जाएगी।
आदुपुर गाँव को अब तक मिली कुल सहायता
नवीनतम सहायता के साथ आदुपुर गाँव को अब दो चरणों में सहायता प्राप्त हो चुकी है।
| चरण | प्रदान की गई सहायता |
| चरण-1 | 8 इंच की 4,000 फीट पाइपलाइन और तीन 15 एचपी मोटर |
| चरण-2 | 8 इंच की 7,000 फीट पाइपलाइन, सत्यापन के बाद प्रदान की जाने वाली एक 10 एचपी मोटर तथा संबंधित सामग्री |
| कुल | 8 इंच की 11,000 फीट पाइपलाइन और चार मोटर |
कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधियों ने बताया कि पहले चरण की सहायता से गाँव के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या में कमी आई थी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दूसरे चरण की सहायता शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी जल निकासी व्यवस्था को मज़बूत करेगी और किसानों को अतिरिक्त राहत मिलेगी।
ग्रामीणों की उपस्थिति में सौंपी गई सहायता सामग्री
कार्यक्रम के अनुसार, 16 जून 2026 को ग्राम पंचायत, सरपंच और ग्रामीणों की उपस्थिति में सहायता सामग्री ग्राम पंचायत को सौंपी गई।
पाइपलाइन सामग्री से लदे ट्रक गाँव पहुँचे, जहाँ पाइपलाइन और उससे संबंधित सभी उपकरण एवं सामग्री ग्राम पंचायत को सौंप दी गई। प्रतिनिधियों ने पुष्टि की कि स्वीकृत सभी सामग्री, जिसमें पाइपलाइन स्थापना के लिए आवश्यक सहायक सामग्री भी शामिल है, प्राप्त हो चुकी है।
ग्राम पंचायत ने यह भी आश्वासन दिया कि निर्देशानुसार पाइपलाइन को भूमिगत रूप से बिछाया जाएगा। कार्य पूरा होने के बाद पुनः सर्वे का अनुरोध किया जाएगा, ताकि स्थापना का सत्यापन होने के बाद स्वीकृत 10 एचपी मोटर प्राप्त की जा सके।
ग्रामीणों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम के दौरान कई ग्रामीणों ने बताया कि पहले चरण में मिली सहायता से गाँव के अनेक कृषि क्षेत्रों में जलभराव की समस्या कम हुई है। उनके अनुसार, जिन खेतों में पहले लंबे समय तक पानी भरा रहता था, वहाँ जल निकासी व्यवस्था बनने के बाद दोबारा खेती संभव हो सकी।
कुछ किसानों ने बताया कि लगातार जलभराव के कारण लगभग दस वर्षों तक खेती प्रभावित रही, जिससे उन्हें बार-बार फसल नुकसान और आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। उनका मानना है कि चरण-2 के तहत प्राप्त अतिरिक्त पाइपलाइन से शेष प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
ग्राम पंचायत के सदस्यों ने भी कहा कि पहले चरण के सकारात्मक परिणामों ने उन्हें शेष समस्याग्रस्त स्थानों के लिए अतिरिक्त सहायता का अनुरोध करने का विश्वास दिया।
सर्वे आधारित योजना के अनुसार प्रदान की गई सहायता
पूरे कार्यक्रम के दौरान सहायता स्वीकृत करने से पहले किए गए विस्तृत सर्वे पर विशेष जोर दिया गया। इस आकलन में सैटेलाइट मैपिंग, ड्रोन सर्वे, स्थान-आधारित सर्वे तकनीक तथा भौतिक निरीक्षण का उपयोग कर प्रत्येक चिन्हित स्थान की वास्तविक आवश्यकता का निर्धारण किया गया।
इस विस्तृत आकलन के आधार पर सर्वे दल ने निष्कर्ष निकाला कि शेष जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 7,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन और एक 10 एचपी मोटर की आवश्यकता पूरी तरह उपयुक्त है। यही निष्कर्ष आगे चलकर गाँव को प्रदान की गई सहायता का आधार बने।
सर्वे आधारित सहायता से शेष जलभराव वाले क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
हरियाणा के पलवल जिले के आदुपुर गाँव की यह पहल दर्शाती है कि शेष जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना की आवश्यकता निर्धारित करने के लिए सर्वे आधारित आकलन को आधार बनाया गया। किसान मज़दूर बचाओ अभियान के चरण-2 के तहत तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने सर्वे रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई। ग्रामीणों और ग्राम पंचायत के अनुसार, यह सहायता जल निकासी व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगी तथा कृषि भूमि में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या के समाधान में सहायक सिद्ध होगी।
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