सत्संग व नशा विरोधी रैली निकाल कर देंगे समाज को नया संदेश।

Published on

spot_img

BREAKING NEWS, SANT KABIR NAGAR (UP)

सत्संग व नशा विरोधी रैली निकाल कर देंगे समाज को नया संदेश।

संत रामपाल जी के समर्थकों द्वारा 10 मार्च को संत कबीर नगर जिले में सत्संग व नशा विरोधी रैली का आयोजन करने जा रहें हैं जिसमें उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से लोग आएंगे इस कार्यक्रम का आयोजन इस जिले में इसलिए किया जा रहा है क्योंकि लगभग 600 वर्ष पहले कबीर साहेब जी ने अपना शरीर यही छोड़ा और शरीर छोड़ने के बाद उनका शरीर वहाँ नहीं मिला उनके शरीर के स्थान पर सुगन्धित फूल मिले जिसे हिन्दू ,मुसलमान आधा-आधा आपस मे बाँट लिए और यादगार के लिए वहाँ हिन्दुओं ने मंदिर बनवा दिए और मुसलमानों ने मजार बनवा दिए।
इस रैली और सत्संग करने का उद्देश्य ये है,कबीर साहेब ने नशा व पाखण्डवाद के खिलाफ थे, समाज मे व्याप्त नशाखोरी,रिश्वतखोरी,दहेज को जड़ से समाप्त करने के लिए संत रामपाल जी महाराज जी ने एक अनोखा कदम उठाया है जिससे समाज मे फैली बुराइयां अब दूर हो रही हैं।
हमारी टीम ने राष्ट्रीय समाज सेवा समिति के सदस्यों से बात की तो उन्होंने बताया कि पिछले महीने हमने अयोध्या राम जन्म भूमि पर भी नशाविरोधी रैली का आयोजन किया था,उसी तरह यहाँ संत कबीर नगर(मगहर) में सत्संग व नशाविरोधी रैली के साथ-साथ रक्तदान शिविर का भी आयोजन करने जा रहें हैं जिसमें लगभग हजारों लोगों के रक्तदान करने का अनुमान लगाया जा रहा है।

Latest articles

​अलीपुर का पुनर्जन्म: जब मौत के साये से निकलकर खेतों में फिर मुस्कुराई फसलें

​हरियाणा के हिसार जिले का अलीपुर गांव आज एक ऐसी कहानी का गवाह बन...

​भाटला गांव: जहां मौत के समंदर को चीरकर लौटी खेतों की हरियाली

​हरियाणा के हिसार जिले की हांसी तहसील में बसा ऐतिहासिक गांव भाटला पिछले कुछ...

पलायन से वापसी तक: संत रामपाल जी महाराज ने दाँदू, डीग को दिया नया जीवन

राजस्थान के नवगठित डीग जिले की ग्राम पंचायत दाँदू जिसके अंतर्गत दाँदू, खान और...

जलमग्न खेतों से हरियाली तक: कैसे संत रामपाल जी महाराज ने खेड़का गुर्जर को दी नई जिंदगी

हरियाणा के झज्जर जिले की बादली तहसील स्थित खेड़का गुर्जर गांव पिछले लगभग 20...
spot_img

More like this

​अलीपुर का पुनर्जन्म: जब मौत के साये से निकलकर खेतों में फिर मुस्कुराई फसलें

​हरियाणा के हिसार जिले का अलीपुर गांव आज एक ऐसी कहानी का गवाह बन...

​भाटला गांव: जहां मौत के समंदर को चीरकर लौटी खेतों की हरियाली

​हरियाणा के हिसार जिले की हांसी तहसील में बसा ऐतिहासिक गांव भाटला पिछले कुछ...

पलायन से वापसी तक: संत रामपाल जी महाराज ने दाँदू, डीग को दिया नया जीवन

राजस्थान के नवगठित डीग जिले की ग्राम पंचायत दाँदू जिसके अंतर्गत दाँदू, खान और...