सतलोक आश्रम न्यूज श्रीगंगानगर , रायसिंहनगर

Published on

spot_img

BREAKING NEWS, SHRIGANGANAGAR (…)
दहेजमुक्त भारत अभियान के तहत जगतगुरु सन्तरामपाल जी के सानिध्य में एक ऐसा विवाह समारोह आयोजित हुआ जिसमें न तो किसी तरह का नाच गाना हुआ न डीजे बजा।न किसी तरह की दावत का आयोजन हुआ और न घोड़ी न सेहरा बंधा।
सबसे बड़ी बात न कोई पण्डित न कोई फेरे न कोई काजी न ही कलमा।
श्रीगंगानगर जिले की रायसिंहनगर तहसील के नामदान स्थल पर ऐसी अनोखी शादी (रमैनी) का आयोजन हुआ जिसमें 17 मिनट की कबीरवाणी के आधार पर दो जीव दाम्पत्य जीवन मे बंध गए।
इस अनोखी शादी की जिस ने भी खबर सुनी सब ने भूरी भूरी प्रसंसा की।और ऐसे सन्त के कोटि कोटि नमन जो इस तरह का स्वस्थ समाज तैयार कर रहे हैं।
हम आपको बता दे कि संत रामपाल जी महाराज सिर्फ दहेजप्रथा को ही समाप्त करने की मुहिम नही उठाये हैं इसके साथ साथ समाज में व्याप्त बुराइयां नशाखोरी जो कि युवा वर्ग को बर्बाद करती चली जा रही है, रिश्वतखोरी जो कि किसी गरीब को न्याय दिलाने में दीवार का कार्य कर रही है ऐसे ही समाज मे फैली अन्य सभी बुराईयों को संत रामपाल जी महाराज जड़ से समाप्त करने का बेड़ा उठा रखा है।

Latest articles

बाढ़ की मार से जूझता सिद्धिपुर: निराशा से नई उम्मीद तक की कहानी

हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ तहसील का छोटा सा गांव सिद्धिपुर कुछ समय...

लोवा कलाँ की दर्दभरी कहानी: बाढ़ से तबाही और अब लहलहाई गेहूँ की फसल 

हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ तहसील के छोटे से गांव लोवा कलाँ की...

झज्जर के कानौंदा गांव में बाढ़ से तबाही के बाद राहत: जमीनी रिपोर्ट

हरियाणा के झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील का गांव कानौंदा पिछले कई वर्षों से...

International Nurses Day 2026: Discovering Wellness Beyond Medicine & Machines

Last Updated on 4 May 2026 IST | Have you ever imagined the condition...
spot_img

More like this

बाढ़ की मार से जूझता सिद्धिपुर: निराशा से नई उम्मीद तक की कहानी

हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ तहसील का छोटा सा गांव सिद्धिपुर कुछ समय...

लोवा कलाँ की दर्दभरी कहानी: बाढ़ से तबाही और अब लहलहाई गेहूँ की फसल 

हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ तहसील के छोटे से गांव लोवा कलाँ की...

झज्जर के कानौंदा गांव में बाढ़ से तबाही के बाद राहत: जमीनी रिपोर्ट

हरियाणा के झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील का गांव कानौंदा पिछले कई वर्षों से...