Vikas Dubey Encounter News Today HIndi: विकास दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। अपराधी विकास दुबे जिसने 8 पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारा था उसे कल उज्जैन, महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया और उत्तर प्रदेश लाते हुए कानपुर देहात जनपद की सीमा में तेज वर्षा के चलते गाड़ी उलटने पर भागने और हमला करने के प्रयास में मुठभेड़ हुई और कानपुर के एक अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

मुख्य बिंदु

  • उज्जैन से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था विकास दुबे को
  • मरने से पहले विकास दुबे ने दर्ज किए महत्वपूर्ण बयान कि सीओ देवेंद्र मिश्रा को क्यों मारा
  • उत्तर प्रदेश ले जाते समय मुठभेड़ में मारा गया विकास
  • बताया गया कि विकास ने भागने की कोशिश की और इस कारण हुई मुठभेड़
  • विकास के कोरोना टेस्ट के बाद होगा पोस्टमार्टम। विकास की पत्नी और पुत्र को पुलिस सुरक्षा में लाया जा रहा है कानपुर
  • पुलिस द्वारा की गए मुठभेड़ पर विपक्ष और सोशल मीडिया द्वारा उठाए जा रहे सवाल

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर से पकड़ा गया विकास

विकास ने 8 पुलिसकर्मियों को मारने के बाद कानपुर से भागकर फरीदाबाद में शरण ली थी। पुलिस के आगमन की पूर्व सूचना मिलते ही वह फरीदाबाद से भागा था और वहां से सीधा उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर आया जहां उसने स्वयं कहना शुरू कर दिया कि “मैं विकास दुबे हूँ कानपुर वाला।” इस आत्मसमर्पण के साथ विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया

गिरफ्तारी के बाद विकास के महत्वपूर्ण बयान

विकास ने आत्मसमर्पण किया और पूछताछ के दौरान कई आवश्यक बातों को स्वीकारा। विकास ने कहा कि उसने नहीं बल्कि उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा की हत्या की है। देवेंद्र मिश्रा हमेशा उसके पैर को लेकर कमेंट करता था इसलिये वह उससे चिढ़ता था। विकास के अनुसार वह शव जलाना चाहता था लेकिन शव जलाने के पूर्व ही पुलिस आने की सूचना मिलने पर मौके पर ये फरार हो गया। विकास के अनुसार उसे गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया और उसे अपने किये पर पछतावा था। उसने बताया कि वह मंदिर परिसर में बैठकर बहुत रोया। विकास ने यह भी बताया कि पुलिस के लोग उसके संपर्क में थे जो देवेंद्र मिश्रा की हर गतिविधि के बारे में विकास को खबर करते थे।

विकास को मुठभेड़ में मार दिया गया

कहा जा रहा है कि STF की गाड़ी उसे मध्यप्रदेश से कानपुर लेकर आ रही थी तेज वर्षा के कारण गाड़ी पलट गई और विकास दुबे ने भागने की कोशिश की और उसे मार दिया गया। पुलिस कर्मी रमाकांत पचौरी ने जानकारी दी कि कानपुर जिले से दो किलोमीटर दूर STF की गाड़ी पलट गई और विकास दुबे ने पुलिसकर्मी के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और इसी मुठभेड़ में वह मारा गया।

मीडिया की गाड़ी रोकने पर पुलिस पर उठ रहे सवाल

Vikas Dubey Encounter Hindi News Today: आत्मसमर्पण के बाद मुठभेड़ और 20 किलोमीटर दूर ही मीडिया की गाड़ी रोक देने और कोई भी बात करने से इनकार करने की बात से पुलिस पर सवाल उठाये जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि यहां गाड़ी पलटाकर सरकार पलटने से बचाई गई है। वहीं प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधकर कहा है कि अपराधी का अंत हो गया पर अपराध और उसको संरक्षण देने वालों का क्या? वहीं मायावती ने ट्वीट के माध्यम से न्यायालय से इस पूरे वाकये की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह इसलिए भी जरूरी है ताकि आठ शहीद पुलिसकर्मियों के साथ इंसाफ हो सके।

घटना की जानकारी प्रेसवार्ता से दी जाएगी : ADG नारायण सिंह

विकास दुबे का परिवार जो लखनऊ में है उसने मीडिया से किसी भी प्रकार की बात करने से मना कर दिया है। साथ ही पुलिस अधिकारी तो पहले ही मीडिया से बात करने से मना कर चुके हैं और घटना की जानकारी प्रेस वार्ता से देने के लिए कहा है।

विकास दुबे को लगी दो-तीन गोलियां

हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन कहा जा रहा है कि विकास दुबे को दो से तीन गोलियां लगीं हैं। कोरोना जांच के बाद विकास का शव पोस्टमार्टम के लिए जाएगा।

कानपुर से दो किलोमीटर दूर हुआ हादसा

कानपुर से दो किलोमीटर दूर ये हादसा हुआ। कानपुर से लगे भौती में हुए हादसे में गोलियां चलने की आवाज़ स्थानीय लोगों ने सुनीं । हादसे में घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल पहुँचाया गया है।

आपराधिक प्रवृत्तियों को समाज से केवल सन्त रामपाल जी कर सकते हैं दूर

विकास दुबे मारा गया या उसने भागने की कोशिश की या कोई अन्य कारण किन्तु अपराध और अपराधी समाज में अब भी हैं और तब तक रहेंगे जब तक लोग ज्ञान नहीं समझते। काल लोक में एक नहीं कई तरह के अपराध, हत्या, बलात्कार और चोरी करने वाले अपराधी हैं। यहाँ सवाल ये है कि आप स्वयं को, अपने बच्चों को कैसे और कब तक अपराधी बनने और अपराध से बचाएंगे। अपराधी इसी समाज में अच्छे लोगों के बीच ही पनपते हैं और अपने बीच के ही लोगों को अपनी वारदातों का शिकार बनाते हैं।

ये किसी अन्य तरीके से नहीं खत्म होगा सिवाय सन्त रामपाल जी महाराज जी के तत्वज्ञान के । जिनके तत्वज्ञान ने नशामुक्ति और दहेजमुक्त विवाह के सफल परिणाम दिए वही इस समस्या का भी निदान कर सकते हैं। असली समाज सुधारक केवल वही सन्त है। उनके सत्संग साधना टीवी पर रात 7:30 बजे से देखें और ज्ञान समझकर नाम दीक्षा लें।