टोहाना : समाज सुधार और मानव कल्याण की दिशा में संत रामपाल जी महाराज द्वारा उठाए गए कदम न केवल अनुकरणीय हैं, बल्कि धरातल पर व्यापक बदलाव लाने में भी सक्षम हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को टोहाना क्षेत्र के गांव रताखेड़ा स्थित राजकीय स्कूल में स्वच्छता और सेवा का एक अद्वितीय दृश्य देखने को मिला। संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा और उनके सीधे मार्गदर्शन के कारण विद्यालय प्रांगण में एक विशाल स्वच्छता अभियान का सफल क्रियान्वयन किया गया। इस अभियान ने न केवल विद्यालय की भौतिक सुंदरता को निखारा, बल्कि उपस्थित जनसमूह के बीच अनुशासन और सेवाभाव का एक गहरा संदेश भी प्रेषित किया।
सतलोक आश्रम धनाना धाम से प्राप्त दिशा-निर्देश और योजना
इस विशाल सेवा कार्य की नींव 21 जनवरी को ही रख दी गई थी। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा जी, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के प्रधान डॉ. चरण सिंह, विद्यालय का स्टाफ और रताखेड़ा ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि सामूहिक रूप से सतलोक आश्रम धनाना धाम पहुंचे थे। वहां उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के पावन चरणों में विद्यालय की सफाई और जीर्णोद्धार हेतु प्रार्थना की थी। संत रामपाल जी महाराज, जो सदैव परोपकार के कार्यों को प्राथमिकता देते हैं, ने तत्काल इस प्रार्थना को स्वीकार किया।
उनके आदेशानुसार विद्यालय में सफाई सेवा हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। यह संत जी का ही प्रभाव था कि महज दो दिनों के भीतर संसाधनों और जनशक्ति का एक संगठित स्वरूप रताखेड़ा में देखने को मिला।
अनुशासन और आधुनिक उपकरणों के साथ स्वच्छता का महायज्ञ
शुक्रवार की सुबह से ही राजकीय स्कूल, रताखेड़ा का वातावरण बदला हुआ था। संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से ओत-प्रोत सैकड़ों की संख्या में सेवादार विद्यालय परिसर में एकत्रित हुए। इस अभियान की सबसे विशेष बात वह अनुशासन था, जो संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सेवा कार्य केवल झाड़ू लगाने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सुसज्जित अभियान था।
सफाई कार्य को सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए भारी मशीनरी और उपकरणों का प्रयोग किया गया। इसमें शामिल थे:
- ट्रैक्टर-ट्रॉली (कूड़ा उठाने और परिवहन के लिए)
- जेसीबी मशीनें (भारी मलबे और समतलीकरण के लिए)
- कस्सी और फावड़े (मिट्टी हटाने और खुदाई के लिए)
- झाड़ू और अन्य सफाई उपकरण
अभियान के तहत विद्यालय के प्रत्येक कोने को ध्यान में रखा गया। कक्षाओं के भीतर की सफाई, बरामदों की धुलाई, विद्यालय परिसर से खरपतवार हटाना और स्कूल के आसपास के क्षेत्रों को कचरा मुक्त करना इस अभियान का मुख्य हिस्सा था। संत रामपाल जी महाराज की शक्ति और प्रेरणा से यह कठिन कार्य अत्यंत सुगमता और शीघ्रता के साथ पूर्ण कर लिया गया।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और सराहना
इस पुनीत कार्य के साक्षी बनने के लिए गांव और क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित व्यक्ति मौके पर उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में माना कि संत रामपाल जी महाराज का यह प्रयास सरकारी संसाधनों के सहयोग और सामुदायिक जिम्मेदारी का एक बेजोड़ उदाहरण है।
मौके पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का विवरण और उनकी भूमिका निम्न प्रकार है:
| क्र.सं. | नाम | पद/भूमिका |
| 1 | श्री सुभाष शर्मा जी | प्रधानाचार्य, राजकीय स्कूल, रताखेड़ा |
| 2 | डॉ. चरण सिंह | प्रधान, स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) |
| 3 | श्रीमती ज्योति देवी | सरपंच, ग्राम पंचायत रताखेड़ा |
| 4 | श्री रविकांत | डीपी मास्टर |
| 5 | श्री गुरचरण | पूर्व सरपंच |
| 6 | श्री रमेश मंत्री | समाजसेवी |
| 7 | श्री महावीर सिंह लीला | गणमान्य व्यक्ति |
इन सभी गणमान्य अतिथियों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। एसएमसी प्रधान डॉ. चरण सिंह और प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने कहा कि संत जी के मार्गदर्शन में जो कार्य आज हुआ है, उसने विद्यालय के वातावरण को पवित्र और सुंदर बना दिया है। सरपंच ज्योति देवी और पूर्व सरपंच गुरचरण ने इसे स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक पहल बताया। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज का विजन केवल अध्यात्म तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।
संत रामपाल जी महाराज: समाज सेवा और मानव कल्याण के पुरोधा
इस आयोजन के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य केवल उपदेश देना नहीं, बल्कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों की व्यावहारिक सहायता करना है। रताखेड़ा का यह स्वच्छता अभियान उनकी विस्तृत जनहितकारी योजनाओं का मात्र एक हिस्सा है। संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में नियमित रूप से ऐसे कार्य किए जाते हैं जो मानवता की सेवा के लिए मिसाल हैं।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्य प्रमुख सेवा कार्य:
- आपदा प्रबंधन: बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रशासन और जनता की मदद के लिए पाइप, मोटर और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराना।
- राशन वितरण: गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नियमित रूप से राशन पहुंचाना, ताकि कोई भी भूखा न सोए।
- चिकित्सा सहायता: बीमार और लाचार व्यक्तियों को दवाइयां उपलब्ध कराना और उनके उपचार में सहयोग देना।
- शिक्षा में सहयोग: निर्धन बच्चों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करना और उन्हें शिक्षण सामग्री प्रदान करना।
- आवास निर्माण: जिन परिवारों के पास सिर छिपाने के लिए छत नहीं है, उन्हें घर बनवाकर देना और आवास निर्माण में श्रमदान व धन से मदद करना।
ये सभी कार्य इस बात का प्रमाण हैं कि संत रामपाल जी महाराज एक युग-प्रवर्तक संत हैं, जिनकी सोच सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय पर आधारित है।
संत रामपाल जी महाराज – मानवता के सच्चे रक्षक और प्रेरणास्रोत
रताखेड़ा के राजकीय विद्यालय में संपन्न हुआ यह स्वच्छता अभियान केवल एक दिन की घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा का विजय उद्घोष है। यह आयोजन सिद्ध करता है कि जब मार्गदर्शन संत रामपाल जी महाराज जैसा दिव्य और सशक्त हो, तो समाज बड़े से बड़ा बदलाव लाने में सक्षम होता है। विद्यालय को स्वच्छ और सुंदर बनाने का जो बीड़ा संत जी ने उठाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श स्थापित कर गया है।संत रामपाल जी महाराज एक सच्चे संत हैं, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज सुधार और मानव कल्याण के लिए समर्पित कर दिया है।
उनकी प्रेरणा से आज लाखों लोग नशा, दहेज और अन्य कुरीतियों को त्यागकर एक सभ्य समाज का निर्माण कर रहे हैं। रताखेड़ा स्कूल की सफाई के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया है कि विद्या के मंदिर की सेवा करना ईश्वर की सेवा के समान है। उनके इस उपकार के लिए विद्यालय परिवार, ग्राम पंचायत और समस्त ग्रामवासी सदैव उनके ऋणी रहेंगे। संत रामपाल जी महाराज की दया और छत्रछाया इसी प्रकार समाज पर बनी रहे, यही सभी की कामना है।



