Swapnil Kusale | स्वप्निल हारते-हारते मेडल जीत गए

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Swapnil Kusale: पेरिस ओलंपिक की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन मे कांस्य पदक जितने के पीछे लंबा संघर्ष है। स्वप्निल कुसाले के पिता ने कहा: जब उसने पहली बार स्टेट लेवल पर जीत हासिल की तो मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ। फिर हमने उसे उसके खेल पर फोकस करने दिया।

पिछले 10 साल से वह घर से बाहर है और अपनी निशानेबाजी पर फोकस कर रहा है। वहीं, स्वप्निल की माता ने कहा कि जब वह स्कूल में था तब से उसमें निशानेबाजी की रुचि जगी और बाद मे वह ट्रेनिंग के लिए नासिक चला गया। वहीं, उनके भाई ने कहा, ‘स्वप्निल की कड़ी मेहनत रंग लाई है। हमें उस पर बहुत गर्व है कि उन्होंने देश के लिए कांस्य पदक जीता। 

स्वप्निल ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन के फाइनल में तीसरा स्थान हासिल करके ब्रॉन्ज जीता। स्वप्निल ने कुल 451.4 अंक हासिल करके ब्रॉन्ज अपने नाम किया। वह भारत के लिए ऑलंपिक पदक जितने वाले 7वे निशानेबाजी है। 

भारत के ओलंपिक इतिहास में पहली बार निशानेबाजों ने तीन मेडल एक ही खेलों में जीते हैं। ये हमारे लिए बहुत खुशी की बात है स्वप्निल कुसाले ने मेडल जीतने के बाद कहा, आज धड़कने बहुत तेज धड़क रही हैं। साथ ही मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल और सरबजोत सिंह ने 10 मीटर एयर में कांस्य पदक जीते। 

वहीं महाराष्ट्र सरकार ने स्वप्निल कुसाले को इनाम राशि के तौर पर 1 करोड़ देने का ऐलान किया। दूसरी तरफ स्वप्निल कुसाले को रेलवे की तरफ से इनामी राशि भी दी जाएगी। वहीं उनके भारत आगमन पर उनके भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही है।

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