SSC JHT 2020 Notification: SSC JHT 2020 कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा निकाली गई है सरकारी भर्ती (Government Jobs)। यह अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा अवसर है। आइए जानते हैं आवेदन की अंतिम तिथि, रिक्त पद और परीक्षा की तिथियां।

SSC JHT 2020 : कर्मचारी चयन आयोग ने निकाली भर्तियाँ

मुख्य बिंदु

  • एसएससी ने 29 जून 2020 को जेएचटी अधिसूचना 2020 की जारी
  • एसएससी जेएचटी भर्ती 2020 से अंतरिम रूप से 283 रिक्तियों को भरा जाएगा
  • 25 जुलाई है आवेदन की अंतिम तिथि
  • एसएससी जेएचटी आवेदन फॉर्म भरने के दिशा निर्देश जारी
  • उम्मीदवार कर्मचारी चयन आयोग के पात्रता मानदंडों को पूरा करें
  • एसएससी जूनियर हिंदी ट्रांसलेटर मंत्रालयों, सरकारी कार्यालयों और विभागों में काम कर सकता है
  • जेएचटी पद के लिए वेतन 35400 रुपये से 151100 रुपये के बीच है
  • एसएससी जेएचटी ग्रुप बी अराजपत्रित अधिकारी पद के अंतर्गत आता है
  • सतलोक जाने के लिए भी भर्ती जारी है, वो भी बिना शुल्क, शीघ्र आवेदन करें

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SSC JHT 2020 notification: कर्मचारी चयन आयोग- जूनियर व सीनियर हिंदी ट्रांसलेटर रिक्तियां

एसएससी के लिए दिन रात मेहनत कर रहे विद्यार्थियों के लिए आई है बड़ी खबर। अभ्यर्थियों के लिए भर्तियां चिंता का विषय थीं। वर्तमान परिस्थितियों के चलते उनमें डर था कि ऐसा न हो कि 2 वर्ष तक कोई भर्ती ही न निकले । क्योंकि कोरोना महामारी ने सब के दिल और दिमाग में डर पैदा कर दिया है । अभिभावकों को भी चिंता थी कि मेहनत कर रहे बच्चों की परीक्षाएं कब होंगी। दिन रात पढ़ाई में लगे बच्चों को केवल एक ही बात सता रही थी कि कब आएंगी भर्तियां ।

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने अपनी नई भर्ती परीक्षा की अधिसूचना जारी कर दी है। वर्तमान में अब एसएससी की नौकरी की परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं । आपको बता दे कि ये भर्तियां केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों व विभागों में जूनियर व सीनियर हिंदी ट्रांसलेटर (SSC Hindi Translator) के पदों पर होने वाली हैं। इन भर्तियों के लिए कर्मचारी चयन आयोग द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

पदों के नाम व पदों की संख्या

  • जूनियर हिंदी ट्रांसलेटर / जूनियर ट्रांसलेटर – 275 पद
  • सीनियर हिंदी ट्रांसलेटर – 8 पद
  • कुल पदों की संख्या – 283

एसएससी के द्वारा जारी अधिसूचना (Notification) के अनुसार यह संभावित पदों के लिए रिक्ति हैं । जरूरत पड़ने पर इन पदों की संख्या कम या ज्यादा की जा सकती है। बाद में पदों की जगह खाली न रहे इसलिए सारे सत्यापन के बाद बाकी प्रक्रियाएं की जाएंगी।

कब से और कब तक करने होंगे आवेदन

  1. आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन 29 जून 2020 से आरम्भ हो चुके है ।
  2. आवेदन करने की अंतिम तारीख है – 25 जुलाई 2020
  3. ऑनलाइन फीस भुगतान की अंतिम तारीख है – 27 जुलाई 2020
  4. ऑफलाइन चालान निकालने की अंतिम तारीख – 29 जुलाई 2020 (रात 11.30 बजे तक)
  5. चालान द्वारा फीस भुगतान की अंतिम तारीख – 31 जुलाई 2020

इन तिथियों के अनुसार अभ्यर्थियों को आवेदन करने होंगे। 29 जून से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया के चलते बहुत संख्या में आवेदन किये भी जा चुके हैं।

पदों के अंतर्गत मिलने वाला अपेक्षित वेतन

इन पदों पर नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों को 35,400 रुपये से लेकर 1,42,400 रुपये प्रति माह तक का वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार के नियमानुसार अन्य सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। अगर वेतन की बात की जाए तो यह पदों के अनुसार होगा, इसमें खास बात तो यह है प्रारम्भिक वेतन बहुत अच्छा है जिसमें समयानुसार वृद्धि हो सकती है। यह भर्ती अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा अवसर है।

SSC JHT 2020 Notification-कब होगी एसएससी 2020 की परीक्षा

निम्न तिथियों के अनुसार कराई जाएगी परीक्षा

  • 6 अक्टूबर 2020- प्रश्नपत्र 1 कंप्यूटर आधारित (Based) परीक्षा
  • 31 जनवरी 2021- प्रश्नपत्र 2 निबंधात्मक (Descriptive) परीक्षा

अधिक जानकारी के लिए SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना (notification) पढ़ें।

वर्तमान में शिक्षा का लक्ष्य

वर्तमान में शिक्षा को केवल पैसे, धन-दौलत पाने का माध्यम बनाया जाता है। बच्चे पढ़ाई केवल नौकरी के लिए करते है। नौकरी पाने के बाद केवल धन कमाना उनका उद्देश्य होता है। भूल इस बात की है कि उन्हें इस मनुष्य जन्म का मूल्य पता नहीं है। उन्हें यह पता नहीं कि शिक्षा का मूल लक्ष्य केवल दौलत कमाना नहीं है। यह आपके लिए अनुस्मारक है कि केवल शिक्षा, नौकरी और परिवार बनाकर मर जाना आपके जीवन का उद्देश्य नहीं है। वास्तविक उद्देश्य है अपने घर, वास्तविक स्थान, सुखदायक और अमर लोक सतलोक वापस जाना।

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मानव जीवन में हमें परमात्मा की भक्ति भी करनी चाहिए। भक्ति से आशय मूर्तिपूजा, व्रत आदि नहीं है बल्कि वेदों के अनुसार पूर्ण परमात्मा की भक्ति है। मानव जीवन का मूल लक्ष्य परमात्मा की भक्ति कर निज धाम यानी हमारे अपने घर सतलोक में जाना है। आज हम शिक्षित हैं और हमारा कर्तव्य है कि धर्मग्रंथों की सच्चाई जानकर अपने मानव जन्म को व्यर्थ होने से बचाकर सतभक्ति करें । जिस धन के पीछे हम भाग रहे है, वह परमात्मा एक पल में दे देता है।

कबीर साहेब जी कहते है:

राम नाम कड़वा लगे, मीठे लगे दाम |
दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम ||

सतलोक में निशुल्क भर्ती जारी हैं

यहां की रिक्तियां (vacancy) तो निकल गई आपको पता है लेकिन इस कलियुग में सतलोक यानी हमारे वास्तविक स्थान की भी रिक्तियां (vacancy) निकली हुई है। हम यहां आ गए गलती से लेकिन उतनी ही आसानी से वापस जाना सम्भव नहीं। इस लोक के विकार हमें अच्छी तरह जकड़े हुए हैं। आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश के साथ उनके पिता ज्योति निरंजन/ क्षर ब्रह्म गीता अध्याय 8 श्लोक 16 के अनुसार ब्रह्मलोक पर्यंत सभी लोक पुनरावृत्ति अर्थात जन्म मरण के रोग में हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि हमें ये कभी मुक्ति नहीं दिला सकते क्योंकि ये स्वयं जन्म मृत्यु से परे नहीं हैं। तो फिर? पूर्ण अक्षर ब्रह्म कबीर परमात्मा हैं जो अविनाशी पूर्ण परमात्मा हैं। इन्हीं के बारे में गुरुनानक जी ने कहा है- “खालक आदम सिरजिआ, आलम बडा कबीर |

काइम दाइम कुदरती , सब पीरा दे पीर ||
सजदे करो खुदाई नु, आलम बडा कबीर ||”

उस कबीर परमात्मा तक पहुंचने का मार्ग केवल उनके भेजे तत्वदर्शी सन्त बता सकते हैं। हमारा निज घर सतलोक है जिसे धर्मग्रंथों में सत्यधाम कहा है। जहाँ जाने के बाद हमें कोई दुःख नहीं ,जन्म-मरण नहीं, हम कभी बूढ़े नहीं होते हैं । इस लोक में सदा सुख ही सुख रहता है ।कोई मेहनत भी नहीं करनी होती है ।

भक्तिकाल के प्रसिद्ध सन्त गरीबदासजी महाराज ने सतलोक को सुख का सागर कहा है –

“शंखों लहर मेहर की ऊपजैं, कहर नहीं जहाँ कोई |
दास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई” ||
और कहा है कि सतगुरु ने ऐसे स्थान पर पहुंचा दिया है जहां निश्चिंत होकर रह सकते हैं।
“गरीब, अजब नगर में ले गया, हम कूं सतगुरू आन |
झलकै बिंब अगाध गति, सूते चादर तान ||”

वहीं कबीर साहेब नामदीक्षा लेकर भक्ति करने को मानव जीवन का उद्देश्य बताते हैं। ओस की बूंदों सरीखा क्षणिक मानव जीवन है जिसका कब अंत हो कहा नहीं जा सकता। वे कहते हैं-

“नाम बिना सूना नगर, पड़या सकल में शोर |
लूट न लूटी बन्दगी, हो गया हंसा भोर ||
अदली आरती अदल अजूनी नाम बिना है काया सूनी |
झूठी काया काल लुहारा, इला पिंगला सुषमन द्वारा ||”

सतलोक जाने के लिए किस जाति का कितना आरक्षण?

पूर्ण ब्रह्म कविर्देव के भक्तों की एक ही जाति होती है वो है जीव की जाति। कोई उच्च जाति का हो या निम्न परमात्मा को दोनों प्रिय हैं क्योंकि ये जाति-पाति काल लोक की देन है सतलोक में सभी आत्माएं बराबर हैं। तो अब की बार धर्म, जाति, रंग, लिंग से परे सभी जीवों की बारी है। तत्वदर्शी सन्त प्रत्येक युग में एक होता है। गीता जी के अध्याय 4 श्लोक 34 में तत्वदर्शी सन्त की खोज करने के लिए कहा है।

सतलोक जाने की प्रक्रिया

वर्तमान में सन्त रामपाल जी महाराज तत्वदर्शी सन्त की भूमिका कर रहे हैं। यूं समझिए कि वे रिक्तियां (vacancy) निकालकर बैठे हैं, नाम दीक्षा लेकर फार्म भर दो और चलो उस अविनाशी लोक जहां दुख, संताप, मृत्यु, रोग, बुढ़ापा, छल कपट, भय, बेरोजगारी नहीं है वह सतलोक है। अगर सतलोक के लिए भर्ती चाहते हो तो आवेदन कर सकते है हम परमात्मा के दरबार में । उनसे निःशुल्क नाम दीक्षा प्राप्त कर, इस लोक में जा सकते है। इस नामदीक्षा फार्म को भरो (लिंक) और “सतलोक पठावो” क्योंकि “बहुर न ऐसा दांव रे” अर्थात ये अवसर फिर नहीं आएगा। यह आध्यात्मिक ज्ञान है कबीर साहेब कहते हैं- “ज्ञानी हो तो हृदय लगाई | मूर्ख हो तो गम न पाई ||” ज्ञानीजनों से आग्रह है कि वे ज्ञान का सदुपयोग करें। सन्त रामपाल जी महाराज जी का ज्ञान सुनें परखें और विलंब न करते हुए उनकी शरण ग्रहण करें।