Shradh 2023 Video : मृत्यु उपरांत किये जाने वाले कर्मकांडों से कहीं हम भूत योनि को तो नहीं प्राप्त होंगे? | SA News

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Shradh 2023 Video : प्रत्येक धर्म में अनेक धार्मिक क्रियाएँ व कर्मकांड किये जाते हैं। हिन्दू धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक कई तरह की कर्म कांड किये जाते हैं। इनमें से श्राद्ध, पिंडदान व तर्पण हिन्दू समाज में आवश्यक रूप से किया जाने वाला क्रिया कर्म है। जिसे प्रतिवर्ष भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से श्राद्ध पक्ष यानि पितृ पक्ष शुरू होते हैं जो अमावस्या तक सोलह दिन तक चलते हैं। वहीं मृत व्यक्तियों अर्थात पितरों का श्राद्ध, पितृपक्ष के दौरान मृत्यु की तिथि पर किया जाता है। आज लगभग हर हिन्दू परिवार में श्राद्ध, तर्पण किया जाता है। लेकिन उसके बावजूद भी काफी परिवार पितृदोष से परेशान हैं। ऐसे में यह जानना यह जरूरी है कि क्या श्राद्ध, पिंडदान करने से पितृदोष समाप्त होता है? क्या श्राद्ध करने से पितरों की मुक्ति संभव है? मुक्ति पाने की शास्त्र अनुकूल विधि क्या है?  जानने के लिए देखिये वीडियो…..

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