राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के थालड़का गांव स्थित महर्षि दयानंद गौशाला में गोवंश की देखभाल के लिए बड़ी मदद पहुंची है। बारिश की कमी और चारे की जरूरत को देखते हुए गौशाला समिति ने सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज के सामने सहायता की मांग रखी। गौ रक्षा अभियान के तहत गौशाला को 900 क्विंटल सूखा चारा दिया गया। इसके साथ ही गोवंश के लिए 60×100 फीट का शेड बनाने की मंजूरी भी दी गई।
चारा मिलने से गौशाला में रह रहे पशुओं के भोजन की व्यवस्था में मदद मिलेगी। वहीं, शेड बनने से गोवंश के लिए अतिरिक्त आश्रय की व्यवस्था हो सकेगी। इस सहायता के लिए महर्षि दयानंद गौशाला समिति के अध्यक्ष भूर सिंह सारण ने आभार व्यक्त किया। चारे की आपूर्ति के अवसर पर स्थानीय लोगों ने फूल बरसाकर और मंगलाचरण के साथ स्वागत किया।
चारे की कमी के बीच गौशाला को मिली राहत
थालड़का गांव की महर्षि दयानंद गौशाला में बड़ी संख्या में गोवंश की देखभाल की जाती है। ऐसे में पशुओं के लिए नियमित रूप से पर्याप्त चारे की व्यवस्था करना जरूरी है। बारिश की कमी और सूखे जैसे हालात में चारे की उपलब्धता प्रभावित होने से गौशाला प्रबंधन के सामने परेशानी बढ़ जाती है।
गौशाला में चारे की जरूरत को देखते हुए सहायता की मांग की गई। इसके बाद गौशाला की जरूरतों का जायजा लिया गया और गोवंश के भरण-पोषण के लिए सूखे चारे की व्यवस्था की गई। सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज के गौ रक्षा अभियान के तहत मिली इस सहायता से गौशाला समिति को पशुओं के भोजन का प्रबंध करने में सहयोग मिला।
900 क्विंटल सूखे चारे से गोवंश के भरण-पोषण में मदद
महर्षि दयानंद गौशाला के लिए 900 क्विंटल सूखा चारा उपलब्ध कराया गया। यह चारा गौशाला समिति को सौंपा गया, ताकि वहां रह रहे गोवंश के भोजन के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सके।
गौशालाओं में पशुओं की देखभाल के लिए चारे की नियमित उपलब्धता बेहद जरूरी होती है। चारे की कमी होने पर पशुओं के दैनिक भोजन का प्रबंध करना कठिन हो जाता है। ऐसे में 900 क्विंटल सूखा चारा मिलने से थालड़का गौशाला को राहत मिली है।
सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज ने गौमाता की सेवा के लिए चारे की व्यवस्था कराकर गौशाला की इस जरूरत को पूरा करने में मदद की। इससे समिति को पशुओं के भरण-पोषण की व्यवस्था संभालने में सहयोग मिलेगा।
गोवंश के आश्रय के लिए 60×100 फीट का शेड मंजूर
गौशाला को सूखा चारा देने के साथ गोवंश के लिए आश्रय की व्यवस्था बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया। इसके तहत 60×100 फीट का शेड बनाने की मंजूरी दी गई है।
गौशाला में पशुओं के लिए पर्याप्त जगह और आश्रय होना उनकी देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शेड बनने से गोवंश को रखने के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सकेगी। इससे गौशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शेड का निर्माण निर्धारित क्रम के अनुसार कराया जाएगा। इस तरह चारे की तत्काल जरूरत पूरी करने के साथ भविष्य में गोवंश के लिए अतिरिक्त आश्रय तैयार करने की व्यवस्था भी की गई है।
फूलों की वर्षा और मंगलाचरण के साथ हुआ स्वागत
गौशाला में सहायता लेकर पहुंचे काफिले का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। इस दौरान फूल बरसाए गए और मंगलाचरण किया गया। कार्यक्रम में गौशाला से जुड़े लोगों और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया।
चारा पहुंचने पर लोगों ने खुशी जताई। गौसेवा से जुड़े इस अवसर पर गोवंश की देखभाल और उनकी जरूरतों को लेकर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया।
गौशाला समिति अध्यक्ष भूर सिंह सारण ने जताया आभार
महर्षि दयानंद गौशाला समिति के अध्यक्ष भूर सिंह सारण ने इस सहायता के लिए धन्यवाद दिया। गौशाला में गोवंश की देखभाल के लिए नियमित भोजन और सुरक्षित आश्रय की जरूरत होती है। 900 क्विंटल सूखा चारा मिलने से पशुओं के भोजन की व्यवस्था में मदद मिलेगी, जबकि शेड की मंजूरी से भविष्य में उनके लिए अतिरिक्त जगह तैयार हो सकेगी।
समिति के लिए चारा और शेड दोनों महत्वपूर्ण जरूरतें थीं। एक ओर चारे से पशुओं के दैनिक भरण-पोषण में सहयोग मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शेड बनने के बाद गौशाला में आश्रय की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज की गौसेवा से मिली मदद
गौशालाओं में गोवंश की देखभाल के लिए चारा और आश्रय दोनों जरूरी हैं। थालड़का गांव की महर्षि दयानंद गौशाला में चारे की जरूरत को देखते हुए सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज ने 900 क्विंटल सूखा चारा उपलब्ध कराया और 60×100 फीट का शेड भी मंजूर किया।
गौसेवा के लिए इस तरह की मदद से गौशाला समिति को अपनी जरूरतें पूरी करने में सहयोग मिला है। संत रामपाल जी महाराज के गौ रक्षा अभियान के तहत चारे की व्यवस्था और शेड की मंजूरी ने थालड़का गौशाला की तत्काल जरूरतों के साथ भविष्य की व्यवस्था को भी सहारा दिया है।
अन्नपूर्णा मुहिम, किसान सहायता और अन्य सेवा कार्य
कार्यक्रम के दौरान संत रामपाल जी महाराज से जुड़े अन्य सामाजिक सेवा कार्यों का भी जिक्र किया गया। इनमें अन्नपूर्णा मुहिम, नशामुक्ति अभियान और जरूरतमंद किसानों की सहायता जैसे विषय शामिल रहे। किसानों की मदद के संदर्भ में खाद, बीज और कीटनाशक जैसी कृषि संबंधी जरूरतों के लिए सहयोग का भी उल्लेख किया गया।
वक्ताओं ने जरूरतमंद लोगों और किसानों की समस्याओं को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। थालड़का गौशाला के कार्यक्रम में मुख्य रूप से 900 क्विंटल सूखा चारा और 60×100 फीट के शेड की मंजूरी से जुड़ी सहायता सामने रही।
गौमाता की सेवा के लिए आगे बढ़ी मदद
हनुमानगढ़ जिले के थालड़का गांव की महर्षि दयानंद गौशाला को 900 क्विंटल सूखा चारा मिलने से गोवंश के भोजन की व्यवस्था को सहारा मिला है। वहीं, 60×100 फीट का शेड मंजूर होने से भविष्य में पशुओं के लिए अतिरिक्त आश्रय उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
गौशाला समिति के अध्यक्ष भूर सिंह सारण ने इस सहयोग के लिए संत रामपाल जी महाराज का आभार जताया। चारे की आपूर्ति और शेड की मंजूरी से गौशाला को अपनी जरूरतें पूरी करने में मदद मिली है।



