संत रामपाल जी महाराज से मिले पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के प्रतिनिधि: गौ सेवा और सामाजिक कार्यों की हुई सराहना

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संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में चलाए जा रहे सामाजिक, आध्यात्मिक एवं जनकल्याणकारी अभियानों से प्रभावित होकर देश के विभिन्न राज्यों से जन प्रतिनिधि, गौशाला समितियां, पंचायतें और युवा खिलाड़ी लगातार उनसे मिलने पहुंच रहे हैं। हाल ही में पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज के दर्शन कर उनके द्वारा किए जा रहे गौ सेवा, स्वच्छता अभियान, खेल प्रोत्साहन एवं अन्य परोपकारी कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर संत रामपाल जी महाराज ने सभी की समस्याओं व मांगों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया और आशीर्वाद दिया।

Table of Contents

पंजाब के कंधवाला अमरकोट की पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज से की मुलाकात, गौशाला शेड की रखी मांग

पंजाब राज्य के जिला फाजिल्का के गांव कंधवाला अमरकोट की सरपंच और पूरी ग्राम पंचायत संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुंची। सरपंच के साथ गांव कलार (रामपुरा नारायणपुरा) के एक प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। प्रतिनिधि ने बताया कि रामपुरा नारायणपुरा में चल रहे सफाई अभियान के दौरान संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों के निष्काम सेवाभाव को देखकर सरपंच अत्यधिक प्रभावित हुए। अनुयायियों ने भीषण कार्य के दौरान ग्रामीणों से पानी तक स्वीकार नहीं किया और पूर्ण समर्पण से गांव को स्वच्छ किया। सरपंच ने कहा कि ऐसा महान कार्य केवल ईश्वर की प्रेरणा से ही संभव है।

भेंट के दौरान ग्राम पंचायत ने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि उन्होंने गांव में एक गौशाला का निर्माण कराया है, परंतु सरकारी स्तर पर कोई शेड उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस पर पंचायत ने गौशाला हेतु शेड निर्माण की मांग की। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी मांग को सहर्ष स्वीकार करते हुए लिखित में शेड प्रदान करने का आश्वासन दिया। जब पंचायत ने आगामी भंडारे में बसें भरकर आने की बात कही, तो महाराज जी ने उन्हें फिजूलखर्ची से बचने की सलाह देते हुए सादगी से आने का मार्गदर्शन दिया।

राजगढ़ के महलाना गांव की गौशाला समिति ने 600 क्विंटल चारा मिलने पर व्यक्त किया आभार

राजस्थान के राजगढ़ क्षेत्र स्थित गांव महलाना  के गौशाला प्रधान एवं प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। गौशाला प्रधान ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से महाराज जी के शिष्य हैं। समिति के सदस्यों ने महाराज जी द्वारा उनकी गौशाला में 600 क्विंटल सूखा चारा भिजवाने पर सहर्ष धन्यवाद व्यक्त किया।

संवाद के दौरान संत रामपाल जी महाराज ने अत्यंत विनम्रतापूर्वक कहा कि वे केवल सेवादार हैं और गौ माता की सेवा का अवसर मिलना ही सबसे बड़ा सौभाग्य है। महाराज जी ने गौशाला समिति को आश्वस्त किया कि भविष्य में भी यदि गौवंश हेतु किसी प्रकार की आवश्यकता या समस्या हो, तो वे निसंकोच बता सकते हैं।

तारानगर गौशाला के प्रतिनिधियों की चारों मांगें संत रामपाल जी महाराज ने की स्वीकार

राजस्थान के जिला चूरू अंतर्गत तारानगर से आए गौशाला प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के आश्रम का दौरा किया। प्रतिनिधियों ने आश्रम में स्थापित गीता ज्ञान उपदेश प्रदर्शनी तथा व्यवस्थाओं की अत्यधिक सराहना करते हुए कहा कि आश्रम का माहौल और ज्ञान प्रदर्शन अत्यंत प्रेरणादायी एवं सराहनीय है।

मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों ने अपनी गौशाला में गौवंश की दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए सहायता का अनुरोध किया। उन्होंने मुख्य मांगें रखीं—चारा डालने हेतु 48×32 शेड, पशुओं को उठाने वाली मशीन, पशुओं के लिए जल कुंड (जलाशय) तथा भंडारे हेतु 150 क्विंटल चारे की आपूर्ति। संत रामपाल जी महाराज ने गौ सेवा के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए तारानगर गौशाला समिति की मांगों को तुरंत स्वीकार कर लिया और सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।

स्थगित खेल प्रतियोगिता की एक लाख रुपये की राशि वापस करने पहुंचे प्रधान, महाराज जी ने बच्चों के हित में खर्च करने का दिया निर्देश

एक ग्रामीण प्रतिनिधि/प्रधान संत रामपाल जी महाराज के पास पूर्व में स्कूली खेल टूर्नामेंट के आयोजन के लिए दी गई ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की सहायता राशि वापस लौटाने हेतु पहुंचे। प्रधान ने बताया कि एक माह पूर्व टूर्नामेंट स्थगित हो गए थे और अब वे पूर्णतः रद्द कर दिए गए हैं, इसलिए वे ईमानदारी से इस राशि को लौटाने आए हैं।

संत रामपाल जी महाराज ने उनकी ईमानदारी की सराहना करते हुए दी गई ₹1 लाख की राशि वापस लेने से साफ इनकार कर दिया। महाराज जी ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि जो राशि दी जा चुकी है, उसे वापस न लिया जाए बल्कि उसे बच्चों के कल्याण, खेल प्रोत्साहन एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के हित में ही उपयोग किया जाए।

राजस्थान के सुरजनसर गांव की गौशाला को तत्काल चारा भिजवाने का महाराज जी ने दिया आश्वासन

राजस्थान के गांव सुरजनसर से बस भरकर आए गौशाला समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के दर्शन किए। प्रतिनिधियों ने अपनी गौशाला में चारे (तूड़ी) की कमी से अवगत कराते हुए सहायता की गुहार लगाई।

संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अपनी सेवा टीम को आज ही सुरजनसर गौशाला का सर्वे करने का निर्देश दिया। महाराज जी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सर्वे के तुरंत बाद कल या परसों तक आपकी गौशाला में चारे की गाड़ी पहुंचा दी जाएगी ताकि गौवंश को भूखा न रहना पड़े।

चूरू के 15 गांवों के सरपंचों व गौशाला जिलाध्यक्ष ने संत रामपाल जी महाराज का जताया धन्यवाद

राजस्थान के जिला चूरू अंतर्गत 15 गांवों के सरपंचों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और गौशाला जिला अध्यक्ष ने संत रामपाल जी महाराज के दरबार में उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतिनिधियों ने पूर्व में 15 गांवों की गौशालाओं में भिजवाए गए उच्च गुणवत्ता वाले चारे और वित्तीय सहयोग के लिए महाराज जी का आभार व्यक्त किया व बधाई दी।

प्रतिनिधियों ने कहा कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही गौ संरक्षण एवं सामाजिक सेवा की मुहिम उन्हें खीचकर यहां ले आती है। इस अवसर पर सरपंचों व प्रतिनिधियों ने महाराज जी को सम्मान स्वरूप मालाएं अर्पित कीं। महाराज जी ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि औपचारिकताओं और हार-फूलों पर व्यर्थ खर्चा करने के बजाय सादगी से मिलकर सेवा कार्यों में योगदान देना ही सच्चा प्रेम है।

रिटोली गांव के खिलाड़ियों हेतु इंडोर खेल हॉल व मैट प्रदान करने की मांग महाराज जी ने की मंजूर

हरियाणा के गांव रिटोली से आए सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, विगत 10 वर्षों से निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे खेल कोच तथा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाली बेटियां व युवा खिलाड़ी संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। कोच व खिलाड़ियों ने बताया कि गांव और आसपास के क्षेत्रों के बच्चे कंकड़-मिट्टी में अभ्यास करते हैं, जिससे बारिश के दिनों में अभ्यास बाधित होता है और चोट लगने का खतरा रहता है।

खिलाड़ियों ने एक सर्वसुविधायुक्त खेल हॉल तथा मैट (तीन शेड) निर्माण की अरदास रखी। संत रामपाल जी महाराज ने बच्चों के स्वास्थ्य और खेल में उनके योगदान की सराहना करते हुए दोनों मांगों को तुरंत मंजूरी दे दी। महाराज जी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण हॉल और मैट तैयार कराए जाएंगे ताकि बच्चे बेहतर वातावरण में अभ्यास कर देश का नाम रोशन कर सकें, और इस कार्य को शीघ्र अति शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया।

हनुमानगढ़ के सागरा गांव से पहुंचे 82 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने महाराज जी का किया सम्मान, चारा व शेड की मांग हुई स्वीकार

राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ की भादरा तहसील अंतर्गत गांव सागरा से 82 सदस्यों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल संत रामपाल जी महाराज से मिलने पहुंचा। इस दल में गौशाला अध्यक्ष, सरपंच प्रताप बेनीवाल सहित दो सरपंच, गौशाला के मेडिकल ऑफिसर और समिति के पदाधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने महाराज जी को सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय सामाजिक सेवा कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

सरपंच व गौशाला अधिकारियों ने क्षेत्र में पड़े भीषण अकाल और सूखे की स्थिति से अवगत कराते हुए गौशाला के लिए शेड निर्माण, चारे की व्यवस्था और गौशाला को स्थायी रूप से गोद लेने का निवेदन किया। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए शेड निर्माण और चारे की आपूर्ति को तुरंत मंजूरी प्रदान की। महाराज जी ने आश्वस्त किया कि किसी भी परिस्थिति में गौवंश को भूखा या बिना छाया के नहीं रहने दिया जाएगा।

समाज सेवा और गौ-रक्षा की अनुपम मिसाल

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से आए विभिन्न प्रतिनिधियों, पंचायतों और गौशाला समितियों की यह मुलाकातें संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे व्यापक जन कल्याणकारी अभियानों की सार्थकता को दर्शाती हैं। चाहे अकाल से पीड़ित गौवंश हेतु चारे और शेड की व्यवस्था हो, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए खेल सुविधाओं का निर्माण हो, या फिर स्वच्छता और जल सेवा अभियान—संत रामपाल जी महाराज का मार्गदर्शन और सहयोग समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। निष्काम सेवा और भक्ति के इस मार्ग ने पूरे समाज में नए उत्साह और सकारात्मकता का संचार किया है।

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