राजस्थान के चूरू जिले की सरदारशहर तहसील के ग्राम पंचायत मेहरासर उपाध्यायन स्थित श्री हरि गौशाला में गौमाता की सेवा के लिए बड़ी मदद पहुंची है। क्षेत्र में सूखे और चारे की कमी को देखते हुए गौशाला समिति ने सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज के सामने अपनी जरूरतें रखीं। संत रामपाल जी महाराज ने गौ रक्षा अभियान के तहत गौशाला को 600 क्विंटल सूखा चारा दिया। साथ ही 100×70 फीट का शेड और महिंद्रा अर्जुन 4×4 ट्रैक्टर-ट्रॉली भी मंजूर की।
चारा पहुंचने पर गांव में खुशी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने मालाएं पहनाकर और पुष्पवर्षा करके स्वागत किया। गौशाला समिति के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने तीन मांगें रखी थीं और तीनों को मंजूरी मिली। चारा गौशाला को सौंप दिया गया है, जबकि शेड और ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्धारित क्रम आने पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
सूखे के कारण गौशाला में चारे की जरूरत
मेहरासर उपाध्यायन की श्री हरि गौशाला में गौवंश की देखभाल के लिए सूखे चारे की जरूरत थी। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बताया कि राजस्थान में बारिश की कमी और अकाल जैसी स्थिति के कारण पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा था। ऐसे समय में गौशाला समिति को गौमाता के भोजन की चिंता थी।
इस समस्या को देखते हुए गांव के लोग मदद मांगने के लिए संत रामपाल जी महाराज के पास पहुंचे। समिति के एक सदस्य ने बताया कि गांव से लगभग 40 लोग गौशाला की जरूरतें लेकर गए थे। उन्होंने चारे के साथ शेड और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मांग भी रखी।
संत रामपाल जी महाराज के सामने रखीं तीन मांगें
गौशाला समिति ने सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज के सामने तीन मांगें रखीं। पहली मांग 600 क्विंटल सूखे चारे की थी, ताकि गौवंश के लिए भोजन की व्यवस्था हो सके। दूसरी मांग 100×70 फीट के शेड की थी, जिससे गौशाला में पशुओं के लिए अतिरिक्त जगह मिल सके। तीसरी मांग महिंद्रा अर्जुन 4×4 ट्रैक्टर और ट्रॉली की थी, जिसकी गौशाला के कामों में जरूरत थी।
समिति के सदस्यों के अनुसार, संत रामपाल जी महाराज के सामने मांगें रखने के बाद तीनों को मंजूरी मिल गई। इसके बाद 600 क्विंटल सूखा चारा मेहरासर उपाध्यायन पहुंचा दिया गया। शेड और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी मंजूर किए गए, जो निर्धारित क्रम आने पर गौशाला को दिए जाएंगे।
श्री हरि गौशाला को मिला 600 क्विंटल सूखा चारा
संत रामपाल जी महाराज के गौ रक्षा अभियान के तहत श्री हरि गौशाला को 600 क्विंटल सूखा चारा दिया गया। सेवा प्रतिनिधि ने बताया कि चारा गौशाला समिति को सौंप दिया गया है।
गौशाला के सदस्यों ने भी चारा मिलने की पुष्टि की और संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद किया। समिति के एक प्रतिनिधि ने बताया कि गांव के लोग गौशाला की जरूरतें लेकर गए थे और उनकी मांग के अनुसार चारा पहुंच गया है।
सूखे की स्थिति में इतनी बड़ी मात्रा में चारा मिलने से गौवंश के भोजन की व्यवस्था में मदद मिलेगी। समिति ने यह भी कहा कि आगे जरूरत पड़ने पर वे फिर से सहायता के लिए प्रार्थना करेंगे।
शेड और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी मंजूर
गौशाला समिति ने चारे के अलावा 100×70 फीट के शेड और महिंद्रा अर्जुन 4×4 ट्रैक्टर-ट्रॉली की मांग भी रखी थी। संत रामपाल जी महाराज ने इन दोनों मांगों को भी मंजूर कर दिया।
कार्यक्रम में बताया गया कि कई दूसरी गौशालाओं में पहले से शेड बनाने का काम चल रहा है। इसलिए मेहरासर की गौशाला में शेड का काम भी निर्धारित क्रम आने पर शुरू होगा। ट्रैक्टर-ट्रॉली भी मंजूरी के बाद गौशाला को उपलब्ध कराई जाएगी।
इस तरह गौशाला की तीनों मांगें मंजूर हुईं। 600 क्विंटल चारा पहुंच चुका है और अब समिति को शेड व ट्रैक्टर-ट्रॉली मिलने का इंतजार है।
गांव में हुआ जोरदार स्वागत
चारा पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुशी जताई। लोगों ने मालाएं पहनाकर और पुष्पवर्षा करके संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वागत के लिए रथ भी लाया गया, जिसमें संत रामपाल जी महाराज का स्वरूप विराजमान किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि गौमाता की सेवा के लिए चारा मिलना और शेड व ट्रैक्टर-ट्रॉली मंजूर होना गौशाला के लिए बड़ी राहत है। समिति के सदस्यों ने संत रामपाल जी महाराज को धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि जरूरत पड़ने पर आगे भी गौशाला की मदद होगी।
सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज ने गौसेवा के लिए दी मदद
गौमाता की देखभाल के लिए चारे की व्यवस्था करना गौशालाओं की बड़ी जरूरत होती है। मेहरासर उपाध्यायन की श्री हरि गौशाला में चारे की कमी को देखते हुए सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज ने 600 क्विंटल सूखा चारा दिया। इसके साथ ही शेड और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी मंजूर की, ताकि गौशाला की बाकी जरूरतें भी पूरी हो सकें।
गौसेवा के साथ कार्यक्रम में वक्ताओं ने किसानों और जरूरतमंद परिवारों के लिए किए जा रहे दूसरे सेवा कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकालने के लिए पाइप, मोटर और जनरेटर देने तथा जरूरतमंद परिवारों के मकान, बच्चों की पढ़ाई और इलाज में मदद जैसी सेवाओं की चर्चा की।
गौमाता की सेवा के लिए मिली बड़ी राहत
मेहरासर उपाध्यायन की श्री हरि गौशाला को 600 क्विंटल सूखा चारा मिलने से गौवंश के भोजन की व्यवस्था में मदद मिली है। वहीं, 100×70 फीट के शेड और महिंद्रा अर्जुन 4×4 ट्रैक्टर-ट्रॉली की मंजूरी से गौशाला की आगे की जरूरतें पूरी होने की उम्मीद बनी है।
गौशाला समिति और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया। चारा गौशाला तक पहुंच चुका है, जबकि शेड और ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्धारित क्रम आने पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस मदद से गौशाला को राहत मिली है और ग्रामीणों को गौमाता की देखभाल के लिए आगे की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।



