राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाली नौहर तहसील के लाखासर गांव में स्थित श्री कृष्ण गौशाला समिति के प्रतिनिधि और ग्रामीण अपनी गंभीर समस्याओं एवं गौवंश के संरक्षण की गुहार लेकर संत रामपाल जी महाराज की शरण में पहुँचे थे। इस गौशाला में 310 से अधिक मूक गौवंश पल रहे थे, जिनके रखरखाव, चारे और आश्रय के लिए संसाधन अत्यंत सीमित थे। गांव के लोगों ने अपनी इन समस्याओं के समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज से विनम्र प्रार्थना की थी। ग्रामीणों की इस पुकार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संत रामपाल जी महाराज ने अभूतपूर्व मानवीय और परमार्थी सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया, जिससे न केवल गौशाला की व्यवस्था सुदृढ़ हुई है बल्कि संपूर्ण क्षेत्र में सेवा और समर्पण की एक नई मिसाल कायम हुई है।
लाखासर की श्री कृष्ण गौशाला में 310 से अधिक गौवंश के लिए 50 गुणा 100 फीट के नए शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ
लाखासर गांव की श्री कृष्ण गौशाला समिति के अनुसार, गौशाला परिसर में वर्तमान में 310 से अधिक गायें और बछड़े मौजूद हैं, जिनके लिए पूर्व में बने शेड अत्यंत छोटे थे और पर्याप्त जगह न होने के कारण गौवंश को भीषण ठंड, धूप और बारिश में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस गंभीर समस्या के निवारण हेतु संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार गौशाला में 50 गुणा 100 फीट के एक विशाल टीन शेड के निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। इस शेड की नींव रख दी गई है तथा अगले ही दिन से आवश्यक निर्माण सामग्री पहुँचाकर कार्य को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे गौवंश को सुरक्षित और सुविधामय आश्रय मिल सके।
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पूर्व में वितरित 500 क्विंटल सूखा चारा और ट्रैक्टर लोडर की सौगात से ग्रामीणों में खुशी की लहर
संत रामपाल जी महाराज द्वारा लाखासर की श्री कृष्ण गौशाला को केवल शेड का निर्माण ही नहीं बल्कि इससे पूर्व बड़े पैमाने पर अन्य सहायता भी दी गई है। जब गौशाला समिति के सदस्य पहली बार प्रार्थना लेकर पहुँचे थे, तो महाराज की प्रेरणा से मात्र एक दिन के भीतर गौशाला के लिए 500 क्विंटल सूखा चारा ऑनलाइन माध्यम से तत्काल उपलब्ध करा दिया गया था। इसके अतिरिक्त, गौशाला के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने और चारे के परिवहन के लिए ट्रैक्टर लोडर (होलैंड) की भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे गांव के लोगों में अपार हर्ष और संतोष का वातावरण है।
ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ संत रामपाल जी महाराज के स्वागत में उमड़ा पूरा लाखासर ग्राम
संत रामपाल जी महाराज द्वारा दूसरी बार लाखासर गांव में सहायता और काफिला पहुँचने पर संपूर्ण ग्रामवासियों तथा श्री कृष्ण गौशाला समिति के सदस्यों में दिवाली जैसा उत्सव का माहौल बन गया। गांव के लोग हाथों में फूलों की मालाएँ लेकर और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे। खरीफ फसल की कटाई के व्यस्त कृषि सीजन के बावजूद 100 से अधिक ग्रामीण इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित रहे और उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपनी गहरी निष्ठा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की। गांव के सभी गुटों और समुदायों ने एकजुट होकर इस सहायता का स्वागत किया है।
लाखासर, हनुमानगढ़, राजस्थान की गौशाला विकास डेटा तालिका
| विवरण बिन्दु | तथ्यात्मक विवरण |
| राज्य एवं जिला | राजस्थान, हनुमानगढ़ |
| तहसील एवं गाँव | नौहर, लाखासर |
| गौशाला का नाम | श्री कृष्ण गौशाला समिति, लाखासर |
| कुल गौवंश संख्या | 310 से अधिक (310+) |
| प्रदान किया गया सूखा चारा | 500 क्विंटल |
| नवनिर्मित शेड का आकार | 50 गुणा 100 फीट (100×50 फीट) |
| अन्य स्वीकृत साधन | ट्रैक्टर लोडर (होलैंड) |
समाज सुधार और नशामुक्ति के क्षेत्र में संत रामपाल जी महाराज के अद्वितीय और प्रेरणादायक दिशा-निर्देश
लाखासर गाँव के निवासियों और गौशाला के पदाधिकारियों ने न केवल भौतिक व आर्थिक सहायता के लिए बल्कि समाज में नैतिक उत्थान लाने के लिए भी संत रामपाल जी महाराज की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। ग्रामीणों का कहना है कि संत रामपाल जी महाराज के सत्संग और शिक्षाओं के प्रभाव से गाँव के लोग बुरी आदतों और नशे से दूर हो रहे हैं तथा अपने माता-पिता की सेवा और सामाजिक सौहार्द के मार्ग पर चल रहे हैं। गाँव में किसी भी प्रकार का कोई आंतरिक विरोध नहीं है और संपूर्ण ग्राम समाज एकजूट होकर संत रामपाल जी महाराज के बताए हुए मानवता और सेवा के सिद्धांतों का पालन कर रहा है।
संपूर्ण मानव समाज के उद्धार और कल्याण में जुटी संत रामपाल जी महाराज की परमार्थी शक्तियाँ
गौशाला समिति के सचिव, पदाधिकारियों तथा स्थानीय बुजुर्गों ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि संत रामपाल जी महाराज जिस प्रकार संपूर्ण भारतवर्ष की गौशालाओं और जरूरतमंदों की सहायता कर रहे हैं, वैसा कार्य इस धरा पर अन्यत्र देखने को नहीं मिलता है। जगतगुरु के रूप में वे संपूर्ण संसार के हित के लिए निरंतर सर्वव्यापी और सर्वहितकारी कार्य कर रहे हैं। लाखासर गाँव के प्रत्येक नागरिक का यह मानना है कि संकट के समय जब कहीं से कोई सहारा नहीं मिलता, तब संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता भगवान के प्रत्यक्ष स्वरूप जैसी प्रतीत होती है।



