संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे समाज कल्याण और गौ सेवा अभियानों से देशभर की गौशालाओं को निरंतर नया संबल मिल रहा है। इसी श्रृंखला में राजस्थान के चूरू जिले की ग्राम पंचायत चलकोई बणीरोतानस्थित श्री कृष्ण गौ सेवा समिति में संत रामपाल जी महाराज का गौ सुरक्षा अभियान पहुँचा, जहाँ गौशाला के बुनियादी ढाँचे और चारे की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया।
चूरू के चलकोई गांव की गौशाला को संत रामपाल जी महाराज द्वारा 600 क्विंटल चारा और 50×100 का टीन शेड
गौशाला में टीन शेड निर्माण का शुभारंभ और मंगलाचरण
राजस्थान के जिला चूरू, तहसील राजगढ़ स्थित ग्राम पंचायत चलकोई बणीरोतानकी श्री कृष्ण गौ सेवा समिति में संत रामपाल जी महाराज के सेवादारों द्वारा 50/100 फीट के विशाल टीन शेड का निर्माण कार्य विधिवत रूप से प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सेवादारों और ग्रामवासियों द्वारा मंगलाचरण करके किया गया। इस अवसर पर गौशाला समिति के सदस्य, सरपंच प्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने पुष्प वर्षा कर संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया।
उच्च गुणवत्ता सामग्री और निर्माण कार्य की रूपरेखा
संत रामपाल जी महाराज के सेवादारों ने बताया कि गौशाला समिति और ग्राम पंचायत की प्रार्थना पर महाराज जी ने 15 दिन पूर्व 600 क्विंटल सूखा चारा भेजा था। इसके बाद आज 50/100 फीट के टीन शेड का नींव पूजन कर कार्य शुरू किया गया। इस निर्माण कार्य में लगने वाले सभी पाइप टाटा व जिंदल जैसी उत्तम गुणवत्ता की कंपनियों के उपयोग में लाए जा रहे हैं। निर्माण में लगने वाली लेबर से लेकर संपूर्ण सामग्री का खर्च संत रामपाल जी महाराज की तरफ से वहन किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 40 से 50 लाख रुपये के करीब है और इसे एक महीने के भीतर तैयार कर गौशाला समिति को सौंप दिया जाएगा।
ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएँ
ग्राम पंचायत चलकोई बणीरोतान के सरपंच प्रतिनिधि भूलाल स्वामी ने संत रामपाल जी महाराज का संपूर्ण गाँव की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अकाल और भीषण परिस्थिति के समय गौ माता की रक्षा करके महाराज जी ने पूरे गाँव पर उपकार किया है। गौशाला के अध्यक्ष ध्रुवपाल सिंह ने बताया कि केवल आठ लोग महाराज जी के पास मदद की गुहार लेकर गए थे और महाराज जी ने तुरंत ही 600 क्विंटल चारा और टीन शेड मंजूर कर दिया। गाँव के बुजुर्गों और अन्य सदस्यों—प्रताप सिंह राठौड़, पदार्थ सिंह बीका—ने कहा कि आज के कलयुग के समय में जहाँ लोग धन बटोरने में लगे हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज निस्वार्थ भाव से समाज और गौ सेवा में सब कुछ समर्पित कर रहे हैं। पड़ोसी गाँव खीवासर से आए गौशाला सदस्यों ने भी इस पहल की सराहना की।
गौसेवा की मिसाल: संत रामपाल जी महाराज के अभियान से गौशाला को मिली नई दिशा
संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान से यह स्पष्ट होता है कि संकट के समय में बेजुबान पशुओं की रक्षा और गौशालाओं का कायाकल्प करने के लिए पूर्ण परमात्मा के आशीर्वाद से निरंतर कार्य किए जा रहे हैं; चलकोई गांव की गौशाला में शुरू हुए इस निर्माण कार्य से न केवल गौवंश को आश्रय और सुरक्षा मिली है, बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों में भी संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपार श्रद्धा और विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।



